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चीन का क्रूर चेहरा देखिए, डॉग मीट फेस्टिवल में कुत्तों से क्रूरता की हर सीमा कर डाली पार

चीन में कुत्तों को खाना सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन युलिन डॉग मीट फेस्टिवल हालिया समय में शुरू किया गया है और हजारों लाखों कुत्तों के साथ बेरहमी की गई है।

बीजिंग, जून 21: चीन को अगर जालिमों का देश कहा जाए तो शायद ही उससे किसी को कोई आपत्ति हो? चीन में जिस तरह से जानवरों से बर्बरता की हर हदों को पार किया जाता है, उसे देखकर कमजोर दिल के लोग कांप जाएंगे। चीन में डॉग मीट फेस्टीवल का आयोजन किया गया था, जिसमें हजारों कुत्तों को बेरहमी से मारकर खाया गया है। चीन से कुछ ऐसी तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं, जिसे देखकर आप कांप जाएंगे। जानवरों को खाने की वजह से चीन ने दुनिया को कई जानवाले बीमारियां दी हैं और कोरोना वायरस की उत्पत्ति की एक वजह जानवर ही माने जा रहे हैं, इन सबके बाद भी चीन के लोग मानने को तैयार नहीं है। डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डॉग मीट फेस्टिवल के दौरान गर्भवती कुत्तियों को भी नहीं बख्शा गया है।

कुत्तों से बेरहमी की हर हद पार

कुत्तों से बेरहमी की हर हद पार

डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को चीन के युलिन शहर में एक ट्रक से 68 कुत्तों को बरामद किया गया, जिन्हें नुकीले पिंजरे में बंदकर रखा गया था। चीन के कुछ कार्यकर्ताओं के मुताबिक इन जानवरों को नुकीले पिंजरों में ठूंसकर रखा गया था, जिसकी वजग से कई कुत्तों को इन्फेक्शन हो गया था। इन कुत्तों को मारकर खाने के लिए ले जाया जा रहा था। इनमें से कई कुत्ते पालतू थे, जिन्हें अलग अलग घरों से चुराया गया था। इनमें से एक कुत्तिया गर्भवती थी और रेस्क्यू के बाद उसने दो बच्चों को जन्म भी दिया था।

70 कुत्तों को किया गया रेस्क्यू

70 कुत्तों को किया गया रेस्क्यू

ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशनल ने कहा है कि ट्रक से 68 कुत्तों को रेस्क्यू किया गया है, वहीं 2 नये बच्चों के साथ सभी को आजाद करवा लिया गया है। लिआंग जिया नाम की एक एक्टिविस्ट ने कहा कि 'कुत्तों को नुकीले पिंजरे में ठूंसकर ट्रक से मारने के लिए ले जाते हुए देखना काफी ज्यादा निराशाजनक है। अब इन कुत्तों को रेस्क्यू किया गया है।' उन्होंने कहा कि 'इन कुत्तों को तो हमने आजाद करवा लिया है और फिलहाल हमने उनकी निगरानी और देखरेख करने का फैसला लिया है। अभी हम इस हाईवे पर काफी देर तक रूकने वाले हैं क्योंकि अभी इस हाईवे पर कई और ट्रक आएंगे, जिनमें कुत्तों को ठूंसकर इसी तरह से रखा गया होगा।' कार्यकर्ताओं ने कहा कि 'इन कुत्तों को चुराकर लाया गया था लेकिन युलिन प्रशासन तमाशबीन बनी रहती है।'

चीन में डॉग फेस्टिवल

चीन में डॉग फेस्टिवल

चीन में कुत्तों को खाना सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन युलिन डॉग मीट फेस्टिवल हालिया समय में शुरू किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक युलिन डॉग मीट फेस्टिवल 2009 से शुरू हुआ है। हजारों लोग मई और जून के महीने में दक्षिणी चीन के युलिन शहर के बाजारों में आते हैं। ये महीना चीन का सबसे गर्म महीना माना जाता है और चीन के लोग युलिन शहर में कुत्तों का मांस खाने और खरीदने आते हैं। चीन में कुत्तों के मांस के खाने को लेकर कई सारे अंधविश्वास भी फैले हुए हैं। एक अंधविश्वास ये है कि गर्मी के महीने में कुत्तों का मांस खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है, बीमारी से निजात मिलती है और मर्दों में सेक्स की इच्छा तेज होती है।

कुत्तों से क्रूर व्यवहार

कुत्तों से क्रूर व्यवहार

चीन के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुत्तों के साथ क्रूर व्यवहार अक्सर अमानवीय तरीके से किया जाता है। उन्हें पिंजरे से निकालने के बाद दूसरे कुत्तों के सामने उन्हें पीट-पीटकर मारा जाता है। बाजार में लाए गए कई जानवर अलग अलग जगहों से चोरी कर लाए गये होते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुत्ते दर्द से भौंकते रहते हैं, लेकिन उनके ऊपर डंडे लगातार चलाए जाते हैं। कई जगहों पर नुकीले हथियार चलाए जाते हैं। वहीं, कुत्ते का मांस जब बेचा जाता है तो किसी भी सुरक्षा के नियमों को नहीं माना जाता है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि 'कुत्ते का मांस खाने से लोगों को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। खासकर रेबीज और हैजा जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा काफी ज्यादा होता है।' डब्ल्यूएचओ ने इस बाबत चेतावनी भी जारी कर रखी है, लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा है।

डॉग फेस्टिवल बंद करने की मांग

डॉग फेस्टिवल बंद करने की मांग

कार्यकर्ताओं का कहना है कि वो सालों से युलिन शहर में होने वाले डॉग फेस्टिवल को रोकने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। यहां पर कुत्तों के मांस के अलावा बिल्ली का मांस, लीची का मांस समेत कई और जानवरों का मांस भी बेचा जाता है। वहीं, स्थानीय अधिकारियों का कहना होता है कि आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई त्योहार नहीं मनाया जाता है और ना ही इस तरह के त्योहार पर कोई पाबंदी है, लिहाजा वो कार्रवाई नहीं कर सकते हैं।

कुत्ते की मांस खाना लोकप्रिय

कुत्ते की मांस खाना लोकप्रिय

चीन के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन के कई हिस्सों में कुत्तों का मांस खाना काफी लोकप्रिय प्रथा है। खासकर चीन के कुछ समुदायों कुत्तों के मांस काफी सेंसेटिव मुद्दा है। हालांकि, युलिन शहर के ही कई लोग इस प्रथा का समर्थन नहीं करते हैं और कुत्तों से बेरहमी को सही नहीं मानते हैं। ह्यूमेन सोसाइटी इंटरनेशनल के चीन नीति विशेषज्ञ डॉ पीटर ली, जो चीन के मांस व्यापार से बचाए गए कुत्तों की देखभाल करते हैं, उन्होंने कहा कि, "ये कार्यकर्ता चीन में नई पीढ़ी से आते हैं और मांस व्यापार का काफी विरोध करते हैं।

चीन में जानवरों से अमानवीयता

चीन में जानवरों से अमानवीयता

सिर्फ यूलिन में ही नहीं, पूरे चीन में मई और जून के महीने में कई जगहों पर कुत्तों का मांस खाया जाता है। कुत्तों के मांस का मेला लगता है, जो निश्चित तौर पर एक त्रासदी है। ऐसे में चीन के नई पीढ़ी के कुछ युवाओं का मानना है कि कुत्तों से क्रूरता पर फौरन रोक लगनी चाहिए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने सिर्फ इन 68 कुत्तों को बचाया है, लेकिन चीन में लाखों कुत्तों को आज मारा गया होगा। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि अंधाधुंध कुत्तों का मांस खाना या किसी और जानवर का मांस खाना, आने वाले वक्त में कोरोना जैसी किसी और महामारी को जन्म दे सकता है और चीन बीमारी को शुरूआत में छिपाने में माहिर है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर चीन में जानवरों से बेरहमी की यही स्थिति रही तो आने वाले वक्त में कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक वायरस विश्व को परेशान कर सकता है।

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