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डीएनए साजिश, टेक्नोलॉजी में हारे, चीन से घबराए अमेरिकी अधिकारियों के दनादन इस्तीफे, मची खलबली

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वॉशिंगटन, अक्टूबर 23: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने शुक्रवार को चीन की महत्वाकांक्षाओं को लेकर बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि चीन दुनिया भर से आनुवंशिक डेटा जमा कर रहा है, जिसके जरिए वो मेडिकल दुनिया को किसी भी वक्त बहुत बड़ा धक्का दे सकता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा है कि चीन ने लोगों के डीएनएन सैंपलिंग कोविड-19 टेस्ट के जरिए की है और उसका डेटा जमा कर लिया है, जिसके जरिए वो निर्णायक सैन्य बढ़त हासिल कर सकता है। वहीं, अब अमेरिका में कई अधिकियों ने यह कहकर अपने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं कि वो अपनी आंखों के सामने चीन को अमेरिका पर बढ़त हासिल करते हुए नहीं दे सकते हैं।

बहुत बड़ा जोखिम बना चीन

बहुत बड़ा जोखिम बना चीन

अमेरिका की नेशनल काउंटरइंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सेंटर की एक रिपोर्ट ने चीनी निवेश या विशेषज्ञता के प्रस्तावों को स्वीकार करने में व्यवसायों और विश्वविद्यालयों के लिए जोखिमों की एक खतरनाक तस्वीर पेश की है। जिसमें कहा गया है कि, चीन ने टेक्नोलॉजिकल रिसर्च में अमेरिका को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। अमेरिका की 'इमर्जिंग एंड डिस्ट्रक्टिव टेक्नोलॉजी सेंटर' के प्रमुख अधिकारी एडवर्ड यू ने बताया कि, चीनी कंपनियां यू.एस. और यूरोपीय जैव प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिक्स में भारी निवेश कर रही थीं और ये कंपनियां डीएनए टेस्ट और कोविड-19 टेस्ट करने के लिए किट भी मुहैया कर रही थीं और फिर इसके जरिए बीजिंग के लिए डीएनए सैंपल डेटा इकट्ठा करना काफी आसान हो गया।

चीन को क्या हासिल होगा?

चीन को क्या हासिल होगा?

एडवर्ड यू ने कहा कि, लोगों की डीएनए डेटा की टेक्नोलॉजिकल इस्तेमाल के साथ विश्लेषकों का मानना है कि, चीन एक दिन स्वास्थ्य क्षेत्र का रिमोट कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है और हर अलग अलग क्षेत्र में रहने वाले इंसानों की हर एक कमजोरी को जान सकता है, जिसके बाद पूरी दुनिया को सिर्फ और सिर्फ चीन पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि, अगर आप राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं, तो आपको ऐसे ही तोहफे दिए जाएंगे। काउंटर-इंटेलिजेंस सेंटर के कार्यवाहक निदेशक, माइकल ऑरलैंडो ने संवाददाताओं से कहा कि, अमेरिका कई प्रमुख क्षेत्रों में चीन से 'हारने का जोखिम नहीं उठा सकता', जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोनॉमस सिस्टम, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमकंडक्टर्स और बायोटेक्नोलॉजी शामिल हैं।

चीन की बस एक सोच, जासूसी?

चीन की बस एक सोच, जासूसी?

माइकल ऑरलैंडो ने कहा कि, चीनी व्यवसायों और शिक्षाविदों के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के हितों की सेवा करना ही होता है। उन्होंने कहा, 'हालांकि हम साल दर साल यह कहते आ रहे हैं, लेकिन लोग इसे पचा नहीं पा रहे हैं।' यह चेतावनी उन रिपोर्टों के तुरंत बाद दी गई है, जब खुलासा हुआ है कि, चीन ने एक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है और पेंटागन के प्रमुख अधिकारियों ने यह कहते हुए अपने पदों को छोड़ना शुरू कर दिया है, कि उन्हें डर है चीन अमेरिका को पीछे छोड़ना शुरू कर चुका है। इस नई रिपोर्ट में खास तौर पर प्राइवेट सेक्टर के ऊपर चीनी खतरों को रेखांकित किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि, चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर में अमेरिका के बीच के अंतर को तेजी से कम कर रहा है। और इस हफ्ते इन चेतावनियों पर मुहर तब लग गई, जब खुलासा हो गया है कि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से चीन ने अंतरिक्ष में हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण में कामयाबी हासिल कर ली है।

अमेरिकी अधिकारियों के इस्तीफे

अमेरिकी अधिकारियों के इस्तीफे

अमेरिका पर चीन की टेक्नोलॉजिकल बढ़त के बाद अमेरिका में काफी तेज हलचल है और कई अमेरिकी अधिकारियों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। खासकर डिफेंस अधिकारी लगातार अपना पद छोड़ रहे हैं। पिछले हफ्ते पेंटागन के ऑफिसियल इंचार्ज ने यह चेतावनी देते हुए अपना पद छोड़ दिया कि, अमेरिका को फौरन अपना टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करना बंद करना चाहिए, क्योंकि ये किसी ना किसी क्षेत्र होते हुए चीन तक पहुंच रहा है। उनके इस्तीफे के साथ ही पेंटागन के फर्स्ट चीफ सॉफ्टवेयर ऑफिसर ने भी यह कहते हुएपना इस्तीफा दे दिया है कि, वो चीन को अमेरिका से आगे जाता हुआ नहीं देख सकते हैं। इन इस्तीफों के बीच खबर है कि कुछ और अधिकारी इस्तीफा देने वाले हैं और ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन में काफी ज्यादा तनाव बढ़ चुका है।

क्यों इस्तीफा दे रहे हैं अमेरिकी अधिकारी?

क्यों इस्तीफा दे रहे हैं अमेरिकी अधिकारी?

पेंटागन के एक और वरिष्ठ अधिकारी ने इस चिंता में इस्तीफा दे दिया है कि, अमेरिका की तुलना में चीन काफी तेजी से छलाग लगा रहा है। पेंटागन के वरिष्ट अधिकारी निकोलस चैलन ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि, अमेरिकी सशस्त्र बलों में तकनीकी परिवर्तन की धीमी गति के कारण उन्होंने अपना पद छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि, 'हमारे पास 15 से 20 सालों में चीन के खिलाफ लड़ने का कोई प्रतिस्पर्धा का मौका नहीं है।'' पेंटागन में करीब तीन सालों तक काम करने वाले अधिकरी निकोलस ने कहा कि, "मेरी राय में यह पहले ही खत्म हो चुका है।" उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्षमताओं और मशीन लर्निंग में अपनी प्रगति के कारण बीजिंग वैश्विक प्रभुत्व की ओर बढ़ रहा है।

चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को दी चेतावनी, गलती से भी इस मुद्दे पर मुंह मत खोलना, जुबान भी फिसली तो...चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को दी चेतावनी, गलती से भी इस मुद्दे पर मुंह मत खोलना, जुबान भी फिसली तो...

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English summary
There has been an uproar in the US regarding China and many top US officials are resigning. At the same time, it has been claimed that China is preparing genetic data through the Kovid-19 test.
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