China News: कौन है जनरल झांग यूश्या? जिसने जिनपिंग को मार कर चीन में तख्तापलट की रची साजिश, ऐसे हुआ खु
Xi Jinping Assassination Attempt: चीनी राजनीति के बंद दरवाजों के पीछे चल रही सत्ता की जंग अब दुनिया के सामने है। जनवरी 2026 में चीनी रक्षा मंत्रालय द्वारा जनरल झांग यूश्या के खिलाफ जांच की पुष्टि ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि क्या बीजिंग में 'तख्तापलट' की कोई गुप्त कोशिश हुई थी।
शी जिनपिंग ने अपने सबसे भरोसेमंद सेनापति को ही निशाने पर लेकर यह साफ कर दिया है कि उनकी सत्ता को चुनौती देने वाले का अंजाम क्या होगा। यह घटनाक्रम केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर चल रहे गहरे अस्तित्व के संघर्ष का संकेत है।

China Takhtaapalat Rumors Hindi: तख्तापलट की साजिश
माना जा रहा है कि, यह केवल अनुशासन का मामला नहीं बल्कि शी जिनपिंग को सत्ता से बेदखल करने की एक बड़ी योजना थी। आरोप है कि जनरल झांग यूश्या और अन्य वरिष्ठ नेता जैसे हू जिंताओ और वेन जियाबाओ, चीन को फिर से देंग शियाओपिंग के उदारवादी दौर में ले जाना चाहते थे। इन दिग्गजों का मानना था कि जिनपिंग की नीतियां पार्टी को कमजोर कर रही हैं, इसलिए वे भीतर ही भीतर सत्ता संतुलन बदलने की रणनीति बुन रहे थे।
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Zhang Youxia Biography: वफादार से विद्रोही तक
चीन के दूसरे सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता: झांग यूश्या चीन की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के पहले उपाध्यक्ष थे। वे सीधे शी जिनपिंग के बाद दूसरे नंबर पर आते थे।
शी जिनपिंग के 'बचपन के दोस्त': झांग और शी जिनपिंग का रिश्ता दशकों पुराना है। उनके पिता (झांग जोंगसुन) और शी जिनपिंग के पिता (शी झोंगशुन) 1940 के दशक में चीन के गृहयुद्ध के दौरान करीबी सहयोगी थे। इसी ऐतिहासिक पारिवारिक रिश्ते के कारण झांग को जिनपिंग का सबसे वफादार सेनापति माना जाता था।
युद्ध का अनुभवी चेहरा: 75 वर्षीय झांग यूश्या उन दुर्लभ चीनी जनरलों में से एक हैं जिन्हें वास्तविक युद्ध का अनुभव है। उन्होंने 1979 और 1984 में वियतनाम के खिलाफ सीमा संघर्ष में हिस्सा लिया था।
सेना का आधुनिकीकरण: उन्होंने चीनी सेना (PLA) के हथियारों के विकास और आधुनिकरण (General Armaments Department) का नेतृत्व किया, जिससे वे सेना के भीतर बेहद प्रभावशाली बन गए।
जिनपिंग का मास्टरस्ट्रोक और पलटवार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शी जिनपिंग ने विरोधियों को मात देने के लिए अपनी बीमारी की अफवाहों का सहारा लिया। जब झांग यूश्या एक बैठक में पहुंचे, तो उन्हें भारी सुरक्षा बलों ने घेर लिया। जिनपिंग ने झांग और उनके सहयोगी ल्यू झेनली को एक सुनियोजित जाल में फंसाकर हिरासत में ले लिया। पिछले साल जनरल हे वेइडोंग को हटाने की खबर छिपाकर रखी गई थी, लेकिन झांग के खिलाफ कार्रवाई की तुरंत घोषणा यह दर्शाती है कि जिनपिंग विद्रोहियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश देना चाहते थे।
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Chinese Army Purge: जिनपिंग को अपनी ही सेना पर भरोसा नहीं
इस सैन्य उथल-पुथल ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मनोबल और स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉकेट फोर्स के कमांडरों के बाद अब सेना के सर्वोच्च जनरलों का सफाया होना यह दिखाता है कि जिनपिंग को अपनी ही सेना पर भरोसा नहीं है। यह 'डर का शासन' पार्टी के भीतर दरारें और गहरी कर सकता है। अगर चीन का सैन्य नेतृत्व इसी तरह अस्थिर रहा, तो इसका असर न केवल चीन की आंतरिक सुरक्षा पर बल्कि ताइवान और भारत के साथ सीमा विवादों पर भी पड़ना तय है।












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