अमेरिका-चीन में नया विवाद, चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध पर आग-बबूला ड्रैगन
बीजिंग। चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते लगातार तल्ख होते दिख रहे हैं। जिस तरह से अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए उसकी चपेट में अब चीन की कंपनियां भी आ गई है। नॉर्थ कोरिया में अमेरिका के कड़े प्रतिबंध के चलते चीन की कंपनियों को हो रहे नुकसान पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने अमेरिका के प्रतिबंध के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। साथ ही यह साफ किया है कि हम वॉशिंगटन के फैसले का विरोध करते हैं।

अमेरिका ने किया नए प्रतिबंध का ऐलान
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम वॉशिंगट के फैसले का विरोध करते हैं जिसकी वजह से चीनी कंपनियों को भी प्रतिबंधित किया गया है। अमेरिका ने चीन की इन कंपनियों को नॉर्थ कोरिया के साथ कथित रूप से अवैध आर्थिक करार के चलते प्रतिबंध लगाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार नॉर्थ कोरिया के खिलाफ एक के बाद कई कड़े प्रतिबंध लगा चुके हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक बार फिर से कड़े प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था।

अमेरिका नरमी के मूड में नहीं
जिस तरह से अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, उससे साफ है कि वह नॉर्थ कोरिया के खिलाफ अपने रुख को नरम करने के मूड में नहीं है। अमेरिका चाहता है कि नॉर्थ कोरिया जिन परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाया गया है उसे अब पूरी तरह से बंद करवा दिया जाए। अमेरिका के नए प्रतिबंध हॉगकॉग, पनाम, तंजानिया, आइलैंड्स, मार्शल, सिंगापुर, चीन, ताईवान पर लागू होते हैं। अमेरिका ने उत्तर कोरिया और चीन सहित कुल 6 देशों में रजिस्टर्ड 27 शिपिंग कंपनियों व 28 पोतों पर प्रतिबंध लगाया है।

चीन का कड़ा विरोध
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम अमेरिका द्वारा चीनी संस्थाओं और कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध का कड़ा विरोध करते हैं। अमेरिका में हमने अपने शीर्ष और गंभीर प्रतिनिधि भेजे हैं, हमने अमेरिका से कहा है कि वह इन प्रतिबंधो को तत्काल हटाए, जिससे कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बरकार रखा जाए। आपको बता दें कि नॉर्थ कोरिया के साथ व्यापार में सबसे बड़ा सहायक चीन ही है।












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