China Dominance: होर्मुज जैसा अड़ंगा डाल रहा चीन, सेटेलाइट इमेज से खुली पोल, भारत को कितना खतरा?
China Dominance: ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया सबसे व्यस्त ट्रेड रूट्स में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की बात कही। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान के दो जहाज भी हाल ही में होर्मुज से लौटा दिए हैं और बाकी देशों के लिए भी यही नियम लागू करने की बात भी कह रहे हैं। इससे चिढ़ कर अब चीन भी ऐसा ही अड़ंगा डालने की तैयारी कर रहा है लेकिन किसी और समुद्री क्षेत्र में। इससे अब पूरी दुनिया के व्यापार पर खतरा मंडराने लगा है
किस जगह हो रहा चीन-फिलीपींस का तनाव?
South China Sea में Scarborough Shoal को लेकर फिलीपींस और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Reuters द्वारा जारी की गई सेटेलाइट इमेज से पता चला है कि चीन इस विवादित समुद्री इलाके की एंट्री पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जहाजों और एक तैरते हुए अवरोधक का इस्तेमाल कर रहा है। जिसकी वजह से स्कारबोरो (फिलीपींस के पास मौजूद एक समुद्री इलाका) एशिया के सबसे ज्यादा विवादित समुद्री इलाकों में से एक है, वहां पर होर्मुज जैसे हालात बन सकते हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों में चीन के इरादे एक्सपोज
10 और 11 अप्रैल को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में शोल के एंट्री गेट पर चार मछली पकड़ने वाली नावें लंगर डाले हुए नजर आईं इसके साथ ही एक फ्लोटिंग बैरियर भी साफ दिखाई दिया। यह सब तब हुआ जब फिलीपींस भी अपने मछुआरों की सुरक्षा के लिए अपने तट रक्षक और फिंशरी से जुड़े शिप भेज रहा है, क्योंकि उन्हें अक्सर चीनी गश्ती जहाजों द्वारा वहां से भगा दिया जाता है। इसके अलावा इस रीजन में एक चीनी नेवी के शिप भी देखा गया था। वहीं जब इसको लेकर चीन से मीडिया ने सवाल पूछे तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
EEZ में स्थित होने के बावजूद विवाद
स्कारबोरो शोल मछली पकड़ने के लिए काफी फेमस समुद्री इलाका है और यह पूरी तरह से फिलीपींस के एक्सक्लूसिव इकॉनोमिक जोन (EEZ) के अंदर आता है। लेकिन इसके बावजूद चीन इस पर अपना दावा करता है। पिछले साल चीन ने यहां एक नेशनल नेचर रिजर्व बनाने की मंजूरी भी दे दी थी, जिसे फिलीपींस के सुरक्षा अधिकारियों ने कब्जे का बहाना बताया।
352 मीटर लंबा फ्लोटिंग बैरियर
फिलीपींस के कोस्टल गार्ड्स ने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को चीन ने 352 मीटर (1,150 फुट) लंबा फ्लोटिंग बैरियर लगाया था। उन्होंने कहा कि शोल के अंदर 6 चीनी समुद्री जहाज और बाहर 3 अन्य जहाज मौजूद थे, जो एंट्री प्वॉइंट को ब्लॉक कर रहे थे। फिलीपींस इस क्षेत्र को बाजो डी मासिनलोक कहता है, जबकि चीन इसे हुआंगयान द्वीप कहता है। इस घटना के सामने आते ही चीन ने वहां से अपने जहाज और बोट्स दोनों हटा लिए और तब से ही वहां फिलीपींस की नेवी पहरा दे रही है।
चीनी जहाजों की बढ़ती संख्या
फिलीपींस ने बताया कि 5 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच शोल के आसपास 10 चीनी तट रक्षक जहाज देखे गए। इससे साफ है कि चीन इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियां लगातार बढ़ा रहा है और अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इस शोल पर किसी एक देश की संप्रभुता पूरी तरह से स्थापित नहीं हुई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस समय यह क्षेत्र प्रभावी रूप से चीन के कंट्रोल में है। इसके बावजूद फिलीपींस की नावें वहां जाकर मछली पकड़ने और गश्त करने की कोशिश करती रहती हैं।
अमेरिका-फिलीपींस की बढ़ती साझेदारी चीन को खटकी
जनवरी में फिलीपींस और अमेरिका की सेनाओं ने इस इलाके में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया था। यह दोनों देशों के बीच 11वां ऐसा अभ्यास था। फिलीपींस के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. के कार्यकाल में अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग काफी बढ़ गया है, खासकर चीन की बढ़ती गतिविधियों के जवाब में। इस महीने भीे दोनों देशों के हजारों सैनिक फिलीपींस में बड़े स्तर पर सैन्य अभ्यास करने वाले हैं, जिसमें जाम्बालेस का समुद्री इलाका भी शामिल है, जो स्कारबोरो शोल से करीब 120 समुद्री मील दूर है। इन गतिविधियों पर दुनिया भर के डिप्लोमेट्स नजर बनाए हुए हैं।
ईरान में उलझा अमेरिका, चीन उठाएगा फायदा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन इस मौके का फायदा उठा सकता है, क्योंकि अमेरिका इस समय ईरान के साथ तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों को लेकर व्यस्त है। ऐसे में South China Sea में चीन अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकता है।
भारत के लिए कितना खतरा?
यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि मलेशिया, थाईलैंड, मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका समेत उन सभी देशों के लिए खतरा है जिनके जहाज इस रास्ते से गुजरते हैं। अगर यहां चीन कब्जा कर लेता है तो फिर पूरी दुनिया के जहाजों को इस रास्ते ने गुजरने में वह खलल जरूर डालेगा।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications