जापान ने अरुणाचल को बताया भारत का अंग तो चीन को लगी मिर्ची
बीजिंग। जापान और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक नया तनाव पैदा हो गया है। जापान ने अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा क्या बताया चीन को इस पर मिर्ची लग गई। चीन ने इस बात को लेकर जापान को कड़ी फटकार लगाई है। चीन का कहना है कि यह बात उसके लिए खासी चिंता का विषय है।

जापान से मांगा स्पष्टीकरण
चीन ने इस बात के खिलाफ जापान के सामने अपना विरोध भी दर्ज करा दिया है। पिछले हफ्ते नई दिल्ली में जापान के विदेश मंत्री फ्यूमियो किशिदा ने अरुणाचल को चीन का हिस्सा बता दिया था। अब चीन को जापान के विदेश मंत्री से इस बात पर स्पष्टीकरण चाहिए।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लाई ने मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा है कि हम इस बात को लेकर खासे चिंतित है और इसके बारे में जापान के सामने आधिकारिक शिकायत भी दर्ज करा दी गई है। इस शिकायत में जापान से स्पष्टीकरण तो मांगा ही गया है साथ ही इस बयान को तुरंत वापस लेने की मांग भी की गई है।
17 जनवरी को दिया था बयान
17 जनवरी को नई दिल्ली में एक सेशन के दौरान जापान के विदेश मंत्री से पूछा गया था कि क्या चीन की स्थिति को देखते हुए जापान अरुणाचल प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना चाहेगा? इस पर किदिशा ने जवाब दिया था कि उनकी सरकार 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया' के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर करना चाहती है लेकिन फिलहाल कोई भी योजना नहीं है।
किदिशा का बयान इस तरह से था, 'आपने खासतौर पर अरुणाचल प्रदेश को नॉर्थ ईस्टर्न इंडिया का हिस्सा करार दिया है और अभी चीन के साथ इसका विवाद जारी है। ऐसे में मेरी समझ के मुताबिक इस हिस्से के लिए कोई भी प्लान जापान के पास नहीं है।'
चीन हमेशा से ही अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता आया है। होंग ने कहा है कि किदिशा का बयान, इस मुद्दे पर जापान के पुराने रुख को ही बयां करता है।












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