शुक्रवार को LAC के हालातों पर बोला चीन-डिसइंगेजमेंट में हुई सकारात्मक प्रगति
बीजिंग। चीन ने शुक्रवार को भारत के साथ हुई वार्ता पर आधिकारिक बयान जारी किया है। चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार शाम आए बयान में कहा गया है कि भारत और चीन के जवानों की तरफ से लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर डिसइंगेजमेंट की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। 24 जुलाई को दोनों देशों के बीच वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसलटेशन एंड कोऑर्डिनेशन (डब्लूएमसीसी) के तहत 17वें दौर की वार्ता हुई है। इस वार्ता का मकसद बॉर्डर पर जारी हालातों को सुलझाने का विकल्प तलाशना है।

बॉर्डर पर इस समय सबसे बड़ा संकट
चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया, 'दोनों पक्षों के बीच हालिया भारत-चीन बॉर्डर की स्थिति पर आपसी विचार साझा करने पर गहन चर्चा हुई। इस बात को लेकर दोनों पक्ष पूरी तरह से सहमत हैं कि बॉर्डर पर दोनों देशों की सेनाओं की तरफ से डिसइंगेजमेंट पर सकारात्मक प्रगति हुई है।' शुक्रवार को हुई मीटिंग में दोनों देशों के सीनियर डिप्लोमैट्स शामिल थे। भारत और चीन दोनों ही डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। पांच मई को शुरू हुए इस टकराव को दशकों में सबसे खराब सैन्य संकट करार दिया जा रहा है। 15 और 16 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा ने इस टकराव को और मुश्किल कर दिया है। इस टकराव में भारतीय सेना के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। कमांडर स्तर की चार वार्ता के बाद भी चीन पीछे नहीं हट रहा है। चीन की तरफ से अब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर डिसइंगेजमेंट को लेकर रजामंदी जताई गई थी। लेकिन शुरुआती दौर के बाद अब पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से डिसइंगेजमेंट को रोक दिया गया है। सूत्रों की मानें तो चीन की सेना टकराव वाले बिंदुओं से पीछे नहीं हट रही है।












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