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डोकलाम विवाद पर चीन ने भारत को दे डाली ये नसीहत

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नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच डोकलाम विवाद समाप्त हो चुका है, लेकिन बावजूद इसके चीने भारत को इस विवाद के खत्म होने के ठीक दो दिन बाद डोकलाम विवाद से सीखने को कहा है। चीन के विदेश मंत्री वैंग यी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है भारत इस 70 दिन तक चले विवाद से सीखने की कोशिश करेगा ताकि भविष्य में इस तरही की किसी घटना से बचा जा सके।

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    India China Face off: Ajit Doval ने Doklam पर china को इस तरह दी कूटनीतिक मात । वनइंडिया हिंदी

    वैंग ने यह बयान चीन में पांच देशों ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले ब्रिक्स समिट से ठीक पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा। इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेने जाएंगे, इस बात की पुष्टि विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को अपने बयान में की थी। ब्रिक्स समिट की बैठक की अध्यक्षता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे, यह समिट 3 से 5 सितंबर के बीच जियामेन शहर में होगी।

    सरकार का बयान ही आधिकारिक

    मीडिया से बात करते हुए चीन के विदेश मंत्री ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत ने अपनी सेना को डोकलाम से पीछे कर लिया है, इस इलाके पर नियंत्रण चीन का है, लेकिन इसपर भूटान अपना दावा करता है। उन्होंने कहा कि सीमा पर विवाद भारत की घुसपैठ की वजह से हुआ था, लेकिन अब इसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया अपने कयास लगा सकता है, लेकिन जो सबसे जरूरी है कि वह यह कि सरकार ने आधिकारिक जानकारी मुहैया करा दी है, चीन के विदेश मंत्रालय ने जो जानकारी मुहैया कराई है, सिर्फ वही वास्तविकता है।

    भारत ने अपनी सेना को वापस बुलाया

    चीन और भारत के बीच सीमा विवाद कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ समय में डोकलाम विवाद काफी लंबे समय तक चला है, जिसके बाद इस बात की संभावनाएं उठने लगी थी कि दोनों देशों के बीच युद्ध भी हो सकता है। इस विवाद के दौरान भारत की तुलना में चीन का रवैया काफी तीखा और सख्त था। चीन के विदेशमंत्री ने कहा कि भारत की ओर से अतिक्रमण करने वाली टुकड़ी ने अपने साजो सामान के साथ दोपहर 2.30 बजे तक वापस जाने की बात कही थी, जिसके बाद यह विवाद खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि अब विवाद खत्म हो गया है, लिहाजा दोनों देशों को आपसी रिश्तों को सही करने की दिशा में काम करना चाहिए।

    दोनों देशों के बीच स्वस्थ्य और स्थिर माहौल जरूरी

    वैंग ने कहा कि उम्मीद है कि दोनों ही देशों की तरफ से स्वस्थ्य और स्थिर माहौल को स्थापित करने की कोशिश की जाएगी, जोकि चीन और भारत के विकास के लिए जरूरी है। यह ना सिर्फ भारतीयों व चीन के लोगों के हित के लिए जरूरी है बल्कि यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और पड़ोसी देशों के हित में भी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद होना सामान्य बात है लेकिन हमें आपसी मतभेद को किनारे रखना होगा।

    लंबे समाधान के लिए करना चाहिए काम

    भारत के साथ मतभेद के बारे में वैंग ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही बड़े देश हैं, दोनों देशों के बीच मतभेद होना सामान्य है, लेकिन हमारे लिए जो ज्यादा अहम है वह यह कि दोनों देश आपसी मतभेद को किनार रखे और एक दूसरे का सम्मान करें, हमें मतभेदों का समाधान बेहतर तरीके से करना चाहिए। हमें लंबे समय तक के लिए समाधान पर काम करना चाहिए, साथ ही इस तरह की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए जो इस तरह के विवाद को खड़ा नहीं करे। भारत क साथ रिश्तों को बेहतर करने के लिए वैंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी संबंधो की अपार संभावनाएं हैं, दोनों देशों के बीच के संबंध बेहतर विकास के लिए काफी जरूरी हैं। ऐसे संबंधों से दोनों देशों के बीच लोगों के हितों की पूर्ती होगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत और चीन एक दूसरे का हाथ थामकर एशिया में विकास को रफ्तार देंगे।

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    English summary
    China says India needs to learn from Doklam issue. China says we need to work together for development.
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