चीन का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह ठप हुआ, कोरोना के चलते 28 जहाज फंसे
बीजिंग, 12 अगस्त: चीन में कोरोना ने कहर दिखाना शुरू कर दिया है। उसे अपने दूसरे सबसे बड़े बंदगाह का ऑपरेशन कोविड के चलते बंद करना पड़ गया है। इस वक्त वहां 28 कंटेनर जहाज फंसे हुए हैं। मई में भी चीन को एक बंदरगाह एक महीने के लिए बंद करना पड़ा था, जिसके चलते ग्लोबल शिपिंग पर बुरा असर पड़ा था। खास बात ये है कि अभी जो कोविड संक्रमण का मामला सामने आया है, उसे चाइनीज कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी।

चीन का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह कोरोना के चलते ठप
पूर्वी चीन के मरीन हब माने जाने वाले निंग्बो के कंटेनर पोर्ट पर कामकाज निलंबित कर दिया गया है। निंग्बो मीडोंग कंटेनर टर्मिनल कॉर्पोरेशन ने बुधवार तड़के 3.30 बजे से सभी आने वाले जहाजों और कंटेनर लोडिंग का काम सस्पेंड किया है। यह निंग्बो झोउशान पोर्ट कंपनी की एक सब्सिडियरी है। चीन ने यह ऐक्शन 10 अगस्त को स्टाफ को कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद लिया है। बुधवार को आधिकारिक तौर पर प्रेस को यह जानकारी दी गई है। इसके चलते निंग्बो झोउशान पोर्ट के बाहर 28 कंटेनर जहाज कतार में खड़े हैं। आंकड़े बताते हैं के 29 जुलाई को इस पोर्ट पर 53 जहाज खड़े थे।
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शंघाई के बाद सबसे बड़ा पोर्ट है निंग्बो झोउशान
माल ढुलाई के मामले में निंग्बो झोउशान पोर्ट शंघाई के बाद चीन का सबसे विशाल कंटेनर बंदरगाह है। जुलाई के महीने तक इस बंदरगाह से 20 फुट के बराबर यूनिट के हिसाब से 1.9 करोड़ यूनिट की ढुलाई हुई, जो कि पिछले साल के मुकाबले 17.1 फीसदी ज्यादा है। पिछले साल इस बंदरगाह से करीब 1.2 अरब टन माल ढुलाई हुई थी। निंग्बो झोउशान पोर्ट के डिप्टी जेनरल मैनेजर जियांग यीपेंग ने कहा है, 'मीडोंग फर्म ने स्टाफ के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के तत्काल बाद बंदरगाह का सारा ऑपरेशन बंद कर दिया।' मीडोंग ने जहाजों के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी। वैसे इस पोर्ट से चीन-यूरोप, चीन-मध्य पूर्व और 'महासागर गठबंधन' के जहाज कंटेनर ढुलाई करते हैं।

चाइनीज वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमित हुआ पोर्ट स्टाफ
सबसे बड़ी बात ये है कि निंग्बो सिटी गवर्नमेंट के मुताबिक जिस स्टाफ को कोरोना संक्रमित पाया गया है, उसे साइनोवैक कोविड वैक्सीन (चाइनीज वैक्सीन) की दोनों डोज इस साल जनवरी और मार्च में दिए गए थे। हालांकि, शुरुआती जांच में उस स्टाफ में कोविड का लक्षण नहीं पाया गया था, लेकिन अब उसकी जीनोम सिक्वेनसिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि स्ट्रेन के बारे में पता चल से। निंग्वो चीन के पूर्वी तट के उन बंदरगाहों में शामिल है, जो जुलाई के आखिर में तूफान का कहर भी झेल चुका है, जिसके चलते प्रोडक्टिविटी भी प्रभावित हुई थी और बंदरगाह पर जाम भी लग गया था।

फ्रंटलाइन वर्करों की टेस्टिंग के दौरान मिली जानकारी
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक इस टर्मिनल की सालाना 1 करोड़ कंटेनरों को हैंडल करने की क्षमता है। जब से चीन में कोविड का प्रकोप बढ़ा है, करीब 2,000 फ्रंटलाइन वर्कर पर नजदीकी नजर रखी जा रही है। दावे के मुताबिक इनकी टेस्टिंग अक्सर की जाती है। लेकिन, बंदरगाह के बंद होने से वैश्विक जहाजरानी नेटवर्क के फिर से बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जो पहले से ही चीन के दक्षिणी तट पर आए तूफान से प्रभावित है। महामारी के चलते पश्चिमी देशों के उपभोक्ताओं की मांग बढ़ी हुई है। लेकिन, चीन एक तो कोविड के ताजा प्रकोप से प्रभावित है, ऊपर से बंदरगाहों को बंद करने की नौबत आने लगी है।

डेल्टा वेरिएंट से चीन में मची है हड़कंप
पिछले मई महीने में ही चीन के दक्षिणी व्यापार हब शेंझेंन के यांतियान पोर्ट पर भी एक कर्मचारी संक्रमित हो गया था, जिसके चलते करीब एक महीने तक जहाजों का ऑपरेशन बाधित रहा था। इसके चलते जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई थी। गौरतलब है कि चीन इस वक्त कोरोना के डेल्टा वेरिएंट की कहर झेल रहा है और उसके कई शहरों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां वापस लौट गई हैं। बीते मंगलवार को एक दिन में लोकल संक्रमण 100 के पार कर गया था, जो कि जनवरी के बाद सबसे ज्यादा है।(तस्वीरें प्रतीकात्मक)












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