• search

दोबारा सत्‍ता में आते ही शी जिनपिंग के तेवर और कड़े, भारत से लगी सीमा पर दिए चीनी सेना की तैनाती के आदेश!

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    बीजिंग। पिछले दिनों चीन में शी जिनपिंग ने बतौर राष्‍ट्रपति अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया है। इस बार जिनपिंग पूरी जिंदगी के लिए राष्‍ट्रपति पद पर रहेंगे और ऐसे में उनके तेवर भारत के खिलाफ और आक्रामक हो गए हैं। पिछले दिनों उन्‍होंने धमकी दी थी कि वह जमीन का एक इंच हिस्‍सा भी किसी को नहीं देंगे और इसके लिए उन्‍होंने 'ब्‍लडी वॉर' यानी खूनी संघर्ष तक की धमकी दे डाली थी। अब उन्‍होंने एक नई रिफॉर्म पॉलिसी का ऐलान कर दिया है। चीन की इस नई पॉलिसी के तहत चीन की सेना को पूरी तरह से भारत से सटे बॉर्डर पर तैनात कर दिया जाएगा। चीन ने ऐलान कर दिया है कि वह सीमा पर तैनात फ्रंटियर डिफेंस पुलिस फोर्स को भारत और दूसरे देशों से सटे बॉर्डर्स से हटा देगा।

    चीन में लॉन्‍च हुई नई रिफॉर्म पॉलिसी

    चीन में लॉन्‍च हुई नई रिफॉर्म पॉलिसी

    बुधवार को चीन में पार्टी और कई सरकारी संस्‍थाओं से जुड़ी रिफॉर्म पॉलिसी को लॉन्‍च किया गया है। यह नई रिफॉर्म पॉलिसी नेशनल पीपुल्‍स कांग्रेस (एनपीसी) या चीन के वार्षिक संसद सत्र के बाद जारी की गई है। इन सभी रिफॉर्म का मकसद कम्‍युनिस्‍ट पार्टी को चीन के हर सरकारी विभाग पर नियंत्रण देना है। जिनपिंग के शासन के तहत सीपीसी अपना नियंत्रण विदेश नीति से लेकर राष्‍ट्रीय सुरक्षा तक पर हासिल करना चाहती है। चीन के इस रिफॉर्म प्‍लान के तहत कहा गया है, 'बॉर्डर पर तैनात आर्म्‍ड पुलिस फोर्स और पीपुल्‍स आर्म्‍ड पुलिस फोर्स (पीएपीएफ) को हटा दिया जाए।'

     विदेश नीति पर बढ़ेगा जिनपिंग का नियंत्रण

    विदेश नीति पर बढ़ेगा जिनपिंग का नियंत्रण

    इस रिफॉर्म का मकसद विदेश नीति पर कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के कंट्रोल को और बढ़ाना है। चीन के विदेश मंत्रालय को पार्टी की नीतियां तैयार करने का जिम्‍मा दिया गया है। अब विदेश मंत्रालय, विदेश विभाग पर बने आयोग से मंत्रणा करेगा जिसे राष्‍ट्रपति जिनपिंग नेतृत्‍व करते हैं। इसके अलावा इस में पोलित ब्‍यूरो के सदस्‍य और टॉप डिप्‍लोमैट यांग जेशि को भी शामिल किया जाएगा।

    भारत से सटी सीमा से हटेगी बॉर्डर पुलिस

    भारत से सटी सीमा से हटेगी बॉर्डर पुलिस

    पीएलए हमेशा से बॉर्डर पर रही है लेकिन पीएपीएफ भी बॉर्डर की सुरक्षा में लगी रहती है। पीएपीएफ न सिर्फ चीन के बॉर्डर बल्कि देश के और अहम एंट्री प्‍वाइंट्स को गार्ड करती है। अब इन यूनिट्स को स्‍थानीय प्रशासन के पास ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि पीएपीएफ क्‍या काम करेगा। पीएपीएफ, पीएलए को रिपोर्ट नहीं करती थी बल्कि यह चीन के पब्लिक सिक्‍योरिटी वाले मंत्रालय को रिपोर्ट करती थी। लेकिन दिसंबर में इसे पीएलए के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में शिफ्ट कर दिया गया और तब से यह इस संस्‍था को रिपोर्ट करती है। अब नए रिफॉर्म प्‍लान के तहत पीएपीएफ को हटा दिया जाएगा और बॉर्डर का पूरा कंट्रोल पीएलए के पास आ जाएगा।

    चीन के मिसाइल मैन बने हैं नए रक्षा मंत्री

    चीन के मिसाइल मैन बने हैं नए रक्षा मंत्री

    चीन ने पिछले दिनों पूर्व मिसाइल कमांडर को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। चीन के नए रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल वेई फेंग, शी जिनपिंग के करीबी हैं। चीन के संविधान में संशोधन और शी जिनपिंग को आजीवन राष्ट्रपति बनाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चीन में 'मिसाइल मैन' नाम से मशहूर वेई ने अपने देश की मिसाइल बल को दो हिस्सों रॉकेट फोर्स और सामरिक सपोर्ट फोर्स में बांटने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। 1970 में उन्होंने पीएलए ज्वॉइन कर ली थी।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    China's People's Liberation Army to take complete control over India-China border with new reform policy announced by President Xi Jinping.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more