दिवालिया होने के कगार पर खड़े पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर! 2 अरब लोन देकर फिर बचा ले गया चीन
पाकिस्तान 2019 में सहमत हुए 6.5 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज से 1.1 बिलियन डॉलर जारी करने के लिए फरवरी की शुरुआत से ही IMF के साथ बातचीत कर रहा है।

लगभग दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका पाकिस्तान काफी वक्त से IMF से कर्ज के लिए गुहार लगा रहा है लेकिन अब तक उसे एक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। IMF अब पाकिस्तान को कर्ज देने से पहले कई शर्तें लगा रहा है। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से कर्ज कब मिलेगा इसके बारे में ठीक-ठीक कोई भी नहीं बता सकता है। इस बीच पाकिस्तानी को बचाने के लिए एक बार फिर से चीन आगे आया है। चीन ने एक बार फिर से पाकिस्तान को दो अरब डॉलर के सेफ डिपॉजिट पर रोलओवर मिला है।
बीते सप्ताह जारी हुआ लोन
पाकिस्तानी वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि चीन ने पिछले सप्ताह मैच्योर हुए 2 बिलियन डॉलर का ऋण दिया था, जिससे पाकिस्तान को भुगतान संकट में तत्काल राहत मिलती दिख रही है। इशाक डार ने संसद में बताया कि सभी संबंधित दस्तावेज पूरे कर लिए गए हैं। इसके बाद बीते 23 मार्च को इस लोन राशि को जारी कर दिया गया है। हालांकि अभी तक न तो बीजिंग सरकार और न ही चीन के केंद्रीय बैंक ने इस मसले पर टिप्पणी की है।
बीते हफ्ते मैच्योर हुआ था लोन
हालांकि इशाक डार ने नई मैच्योर डेट या व्यवस्था की अन्य शर्तों के बारे में नहीं बताया है। इससे पहले पाकिस्तान ने चीन से 2 बिलियन कर्ज के रोलओवर का आग्रह किया था जो बीते हफ्ते ही मैच्योर हुआ है। पाकिस्तान के लिए ये राहत की बात इसलिए भी कही जा रही है क्योंकि इससे उसे IMF के साथ स्टाफ लेवल एग्रीमेंट को अंजाम तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके बाद ही ऐसी पाकिस्तान को उम्मीद है कि बेलआउट पैकेज की पहली किस्त के रूप में उसे 1.2 अरब डॉलर का लोन मिल जाएगा।
बढ़ाना होगा विदेशी मुद्रा भंडार
स्टाफ लेवल एग्रीमेंट तक पहुंचने के लिए पाकिस्तान को IMF की शर्तों के मुताबिक, जून 2023 तक सऊदी अरब, यूएई और कतर के साथ-साथ विश्व बैंक और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) से बाहरी वित्तपोषण जरूरतों को पूरा करने के लिए 6 अरब डॉलर लोन सुरक्षित कराने की जरूरत है। IMF प्रोग्राम में पाकिस्तान बना रहे, इसके लिए उसे बाहरी कर्ज हासिल करने की गारंटी हासिल करनी बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को जून 2023 तक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को 8-10 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है।












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