चीन ने ताइवान को लेकर श्वेतपत्र जारी किया, अमेरिका समेत पूरी दुनिया के लिए कर दी धमकियों की बौछार

इस श्वेतपत्र में अमेरिका समेत दुनिया की अलग शक्तियों को चेतावनी देते हुए लिखा गया है, कि "हम एक चीन हैं, और ताइवान चीन का एक हिस्सा है। यह इतिहास और कानून द्वारा समर्थित एक निर्विवाद तथ्य है।

बीजिंग, अगस्त 10: यूएस हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर चीन का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है और अब चीन ने ताइवान के एकीकरण लेकर सौगंध खाते हुए एक श्वेतपत्र जारी किया है, जिसमें धमकियों की बौछार कर दी गई है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के भोंपू, ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने ताइवान को लेकर जो श्वेतपत्र जारी किए हैं, उसमें ताइवान के चीन में पुनर्मिलन, अपरिवर्तनीय ऐतिहासिक प्रक्रिया, मजबूत क्षमता और नए युग में ठोस संकल्प की रूपरेखा तैयार की बात कही गई है।

चीन ने जारी किया श्वेतपत्र

चीन ने जारी किया श्वेतपत्र

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के स्टेट काउंसिल के ताइवान मामलों के कार्यालय और चीन के स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस ने बुधवार को "द ताइवान क्वेश्चन एंड चाइनाज रीयूनिफिकेशन इन द न्यू एरा" शीर्षक नाम से एक श्वेत पत्र प्रकाशित किया है, जो पिछले हफ्ते यूएस हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान की उत्तेजक यात्रा से उत्पन्न तनाव के बाद जारी किया गया है। भोंपू ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि, ये श्वेत पत्र, जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) और चीन के लोगों के संकल्प और राष्ट्रीय पुनर्मिलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है, उसे बढ़ते क्रॉस-स्ट्रेट तनाव और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैन्य अभ्यास के बीच जारी किया गया है। ये श्वेत पत्र ताइवान अलगाववादियों और विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ है। वहीं, ग्लोबल टाइम्स से चीन के विश्लेषकों ने कहा कि, श्वेत पत्र का विमोचन ताइवान के अधिकारियों के साथ-साथ बाहरी ताकतों के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि नई परिस्थितियों में ताइवान के प्रश्न को हल करने के लिए मुख्य भूमि बहुत मजबूत है। (तस्वीर- ग्लोबल टाइम्स)

धमकियों का पुलिंदा है श्वेतपत्र

धमकियों का पुलिंदा है श्वेतपत्र

इस श्वेतपत्र में अमेरिका समेत दुनिया की अलग शक्तियों को चेतावनी देते हुए लिखा गया है, कि "हम एक चीन हैं, और ताइवान चीन का एक हिस्सा है। यह इतिहास और कानून द्वारा समर्थित एक निर्विवाद तथ्य है। ताइवान कभी भी एक राज्य नहीं रहा है। चीन के एक हिस्से के रूप में इसकी स्थिति अपरिवर्तनीय है।" श्वेत पत्र में आगे कहा गया है कि,'सीपीसी ताइवान के प्रश्न को हल करने और चीन के पूर्ण एकीकरण को साकार करने के ऐतिहासिक मिशन के लिए प्रतिबद्ध है'। श्वेत पत्र में कहा गया है,"पूर्ण राष्ट्रीय एकीकरण की प्राप्ति चीनी राष्ट्र के इतिहास और संस्कृति से प्रेरित है, और हमारे राष्ट्रीय कायाकल्प की गति और परिस्थितियों से निर्धारित होती है।" चीन के श्वेतपत्र में आगे लिखा गया है, कि 'इससे पहले हम राष्ट्रीय कायाकल्प के लक्ष्य के इतने करीब नहीं थे और हम आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और हम उसे हासिल करने में सक्षम हैं और जब हमारे लक्ष्य की बात आती है और राष्ट्रीय एकीकरण की बात आती है, तो ये बातें सच हैं।'

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    चीन ने तीसरी बार जारी किया है श्वेतपत्र

    चीन ने तीसरी बार जारी किया है श्वेतपत्र

    ये दस्तावेज़ ताइवान के सवाल पर चीन का तीसरा श्वेत पत्र है। पिछला संस्करण "द ताइवान क्वेश्चन एंड रीयूनिफिकेशन ऑफ चाइना" (1993) और "द वन-चाइना प्रिंसिपल एंड द ताइवान क्वेश्चन" (2000) में जारी किया गया था। पिछले दोनों श्वेतपत्रों की तरह, तीसरे श्वेत पत्र ने एक बार फिर जोर दिया गया है, कि शांतिपूर्ण पुनर्मिलन और "एक देश, दो प्रणाली" ताइवान प्रश्न को हल करने के लिए चीन के मूल सिद्धांत हैं और राष्ट्रीय पुनर्मिलन को साकार करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। इसमें कहा गया है कि, मुख्य भूमि और ताइवान में सामाजिक व्यवस्था में अंतर "न तो पुनर्मिलन के लिए एक बाधा है और न ही अलगाववाद का औचित्य है।"

    शांतिपूर्ण पुनर्मिलन का दिया गया है विकल्प

    शांतिपूर्ण पुनर्मिलन का दिया गया है विकल्प

    इस दस्तावेज के पांचवें अध्याय में "शांतिपूर्ण पुनर्मिलन के लिए उज्ज्वल संभावनाएं" नाम से चार लेख लिखे गये हैं, जिसमें विश्लेषकों ने कहा है कि, यह पहली बार है जब मुख्य भूमि ने इस तरह के उच्च स्तरीय आधिकारिक दस्तावेज में शांतिपूर्ण पुनर्मिलन की उज्ज्वल संभावना के बारे में विस्तार से बताया है। यह ध्यान देने योग्य है कि ताइवान के लिए "एक देश, दो प्रणाली" का श्वेत पत्र हांगकांग और मकाओ में अभ्यास के अनुभव और सबक पर आधारित है, और स्पष्ट रूप से कहता है कि "एक देश दो प्रणालियों की पूर्व शर्त इस एकीकरण की नींव है।" सिंघुआ विश्वविद्यालय के तहत ताइवान अध्ययन संस्थान के एक विशेषज्ञ झू गुइलन ने बुधवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया कि, श्वेत पत्र आगामी 20 वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के संदर्भ में प्रकाशित किया गया है और यह साफ तौर पर बताया गया है, की चीन की आर्थिक शक्ति और सैन्य शक्ति पिछले दशकों के मुकाबले काफी आगे बढ़ गई है।

    'सभी बाधाओं को हटाया जाएगा'

    'सभी बाधाओं को हटाया जाएगा'

    चीन के इस श्वेतपत्र में कहा गया है कि, ताइवान के शांतिपूर्ण पुनर्मिलन को आगे बढ़ाने की राह पर आने वाली सभी बाधाओं को हटाया जाना चाहिए। इस श्वेतपत्र में ताइवान की राजनीतिक पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के अधिकारियों पर अलगाववादी कोशिश करने और बाहरी हस्तक्षेप में शामिल होने का आरोप लगाया गया है और उन्हें कठोरता से हटाने की बात कही गई है। इसमें धमकी देते हुए कहा गया है, कि 'बाहरी ताकतों पर भरोसा करने से ताइवान के अलगाववादियों को कुछ भी हासिल नहीं होगा, और चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान की सारी कोशिशें फेल हो जाएंगी और वो खुद बर्बाद हो जाएगा'। श्वेत पत्र में साफ तौर पर कहा गया है, कि "इतिहास का पहिया राष्ट्रीय पुनर्मिलन की ओर बढ़ रहा है, और इसे किसी व्यक्ति या किसी भी बल द्वारा रोका नहीं जाएगा। ।"

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