इस पाकिस्तानी आतंकवादी को चीन ने वीटो कर बचाया, UNSC में अमेरिका और भारत का प्रस्ताव गिरा
दुनिया में बढ़ते आतंकवाद को लेकर चीन शायद गंभीर नहीं है इसलिए उसने आतंकी रहमान मक्की को आतंकी घोषित किए जाने वाले प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।
न्यूयॉर्क, 17 जून : चीन ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया। मक्की को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए 1267 आईएसआईएल और यूएनएससी की अल-कायदा प्रतिबंध समिति ((ISIL & Al Qaida Sanctions Committee of the UN Security Council) के तहत प्रस्ताव लाया गया था। इसे भारत और अमेरिका की तरफ से मिलकर बढ़ाया गया था। इससे पहले भी, चीन, जिसे पाकिस्तान का सदाबहार मित्र कहा जाता है, उसने पाकिस्तान के आतंकियों को सूचीबद्ध करने के भारत और उसके सहयोगियों के प्रयासों पर पहले भी रोक लगा चुका है।

हाफिज सईद का साला है मक्की
मक्की अमेरिका द्वारा नामित आतंकवादी और लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख और 26/11 का मास्टरमाइंड हाफिज सईद का साला (Brother-IN law) है। जानकारी के मुताबिक हाफिज अब्दुल रहमान मक्की, जिसे अब्दुल रहमान माकी के नाम से भी जाना जाता है, उसका लश्कर-ए-तैयबा (LeT)) के भीतर काफी दबदबा बताया जाता है। जानकारी के मुताबिक, उसने लश्कर-ए-तैयबा के संचालन के लिए धन जुटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में दोषी है मक्की
2020 में, एक पाकिस्तानी आतंकवाद-रोधी अदालत ने आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में मक्की को दोषी ठहराया और उसे जेल की सजा सुनाई थी। संयुक्त राज्य अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है, इसलिए वह मक्की के बारे में जानकारी मांगता रहता है। अमेरिका को पाकिस्तान पर इसलिए भरोसा नहीं है क्योंकि वहां की न्यायिक प्रणाली ने पूर्व में लश्कर के दोषी नेताओं और गुर्गों को रिहा कर दिया था।
पहले भी ऐसी हरकते कर चुका है चीन
बता दें कि, इससे पहले भी चीन ने पाकिस्तान स्थित चरमपंथी समूह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संस्थापक मौलाना मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की काली सूची में शामिल किए जाने के प्रयास को पर रोक लगाई थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से मसूद अज़हर को संयुक्त राष्ट्र की आतंकियों की काली सूची में शामिल करने का प्रस्ताव पेश किया गया था।












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