चीन में एंटी-टेरर लॉ, सेना किसी भी देश में चला सकती है एंटी-टेरर मिशन
बीजिंग। चीन के इतिहास में पहली बार आतंकवाद पर नया कानून बनाया गया है। पहले एंटी-टेरर लॉ के पास होते ही देश में एक नया विवाद भी शुरू हो गया है। इस कानून में चीन की सेना को एंटी-टेरर ऑपरेशंस के तहत चीन की सेना को किसी भी देशों में जाकर कार्रवाई करने की ताकत दी है।

वहीं इसके साथ ही देश में एक नया विवाद भी शुरू हो गया है। कानून के तहत चीन में स्थित टेक्नोलॉजी कंपनियों के अब यह जरूरी हो गया है कि वह इनक्रिप्शन जैसी सीक्रेट और सेंसटिव इंफॉर्मेशन भी सरकार को दें।
चीन का यह नया एंटी-टेरर लॉ तिब्बत के साथ ही दूसरे प्रांतों में भी लागू होगा। आशा के विपरीत तिब्बत की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्थाई समिति के 159 सदस्यों ने इस कानून के ड्राफ्ट को मंजूर कर लिया है।
नए कानून के मुताबिक चीन की सेना पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना आर्मी, पीएलए और देश के सशस्त्र पुलिस बल केंद्रीय सैन्य आयोग से मंजूरी के साथ दूसरे देशों में भी एंटी-टेररिज्म मिशन चला सकते हैं।
चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक नया कानून चीन और दुनिया के लिए ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब पेरिस में आतंकवादी हमले, इजिप्ट में रूस के पैसेंजर जेट पर टेरर अटैक और आईएसआईएस की आतंकी गतिविधियां दुनिया को अलर्ट रहने पर मजबूर कर रही हैं।












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