अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया ने किया नाक में दम, पाकिस्तान की तारीफ में चिट्ठी लिखने पर मजबूर हुआ चीन
उइगर मुस्लिमों की प्रताड़ना की वजह से अभी तक पांच देश चीन में 4 फरवरी 2022 से होने वाले बीजिंग ओलंपिक का डिप्लोमेटिक बहिष्कार कर चुके हैं। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश हैं।
बीजिंग, दिसंबर 13: बीजिंग ओलंपिक के डिप्लोमेटिक बहिष्कार ने चीन को इस कदर परेशान कर रखा है, कि अब चीन को पाकिस्तान जैसे देशों में उम्मीद नजर आ रही है। कई देशों के बीजिंग ओलंपिक के डिप्लोमेटिक बहिष्कार के बाद चीन ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें साथ देने के लिए उसकी तारीफ की गई है।

पाकिस्तान की तारीफ
पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने कहा है कि उनका देश इस्लामाबाद की टिप्पणी के बाद खेलों के "राजनीतिकरण" के खिलाफ खड़े होने के लिए पाकिस्तान की सराहना करता है कि बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक "दुनिया भर के खेल उत्साही लोगों के लिए एक शानदार और रंगीन पर्व" पेश करेगा। आपको बता दें कि, बीजिंग ओलंपिक का जिप्लोमेटिक बहिष्कार अभी तक अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका समेत कई देश मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को लेकर कर चुके हैं, जिससे चीन काफी भड़का हुआ है। पाकिस्तान में चीन के राजदूत नोंग रोंग ने रविवार को ट्विटर पर लिखा कि, "खेल के राजनीतिकरण के किसी भी रूप का विरोध करने के लिए पाकिस्तान की स्थिति की अत्यधिक सराहना की जाती है। बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक खेल राजनेताओं को अपनी राजनीतिक दिखाने के लिए एक मंच नहीं है।"

बहिष्कार से परेशान चीन
अभी तक अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, लिथुआनिया और कनाडा ने बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की है, लेकिन पाकिस्तान ने अपने 'सभी मौसम सहयोगी' चीन का समर्थन किया है और कहा कि बीजिंग ओलंपिक "दुनिया भर के खेल उत्साही लोगों के लिए एक शानदार और रंगीन पर्व" पेश करेगा।।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि, बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी करने की चीन की योजना पर इस्लामाबाद का विश्वास व्यक्त किया है।
चीन के साथ खड़ा पाकिस्तान
सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड -19 द्वारा लगाई गई गाइडलाइंस के बावजूद, असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि, यह आयोजन "पाकिस्तान सहित दुनिया भर के खेल प्रेमियों के लिए एक शानदार और रंगीन पर्व" पेश करेगा। प्रवक्ता ने कहा, "ओलंपिक गेम्स, खेल भावना, टीम भावना, एकता, प्रयास, संघर्ष और प्रतिस्पर्धा में स्पोर्ट्समैनशिप बनाए रखने का प्रतीक हैं, चाहे परिणाम कुछ भी हों।" संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा ने चीन ओलंपिक के डिप्लोमेटिक बहिष्कार की घोषणा की है जिसके तहत वे नागरिक समाज और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उइगर मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के साथ चीन के व्यवहार के विरोध में सरकारी अधिकारियों को खेलों में नहीं भेजेंगे।

कई और देश करेंगे बहिष्कार
एक तरफ जहां पांच देश अभी तक बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार कर चुके हैं, वहीं, न्यूजीलैंड पहले ही साफ कर चुका है कि, उसने बीजिंग को पहले सूचित किया था, कि वह कोरोना महामारी यात्रा प्रतिबंधों के कारण किसी भी अधिकारी को चीन नहीं भेजेगा, लेकिन इसके साथ ही चीन ने मानवाधिकारों की चिंताओं को भी बताया था। इसके साथ ही माना जा रहा है कि, कई और यूरोपीय देश बीजिंग ओलंपिक का डिप्लोमेटिक बहिष्कार कर सकते हैं।

चीन में मानवाधिकार उल्लंघन
आपको बता दें कि, चीन में जिस तरह से अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा हो रही है, उसे यूनाइटेड नेशंस पहले ही 'नरसंहार' बता चुका है। जिसको लेकर अमेरिका समेत यूरोपीय देश लगातार चीन से खफा रहते हैं और शिनजियांग प्रांत में बनाए जाने उत्पाद पर अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश पहले ही प्रतिबंध लगा चुके हैं। वहीं, बाइडेन प्रशासन ने सोमवार को घोषणा की थी, कि उसने बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक में एक आधिकारिक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजने का फैसला किया है। वहीं, फ्रांस ने भी कहा है कि, 2022 शीतकालीन बीजिंग ओलंपिक का अमेरिका ने जो बहिष्कार किया है, उसपर वो यूरोपीय भागीदारों के साथ विचार करने के बाद चीन ओलंपिक बहिष्कार का फैसला करेगा। वहीं, चीन की तरफ से कहा गया है कि, जो भी देश उसका डिप्लोमेटिक बहिष्कार कर रहे हैं, उन्हें 'सख्त सजा' दी जाएगी। आपको बता दें कि, 4 फरवरी 2022 से चीन की राजधानी बीजिंग में शातकालीन ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा।












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