Report: जिम्बाब्वे में तख्तापलट के पीछे चीन का हो सकता है हाथ

हरारे। जिम्बाब्वे में राजधानी हरारे को कब्जे में लेने और राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे गिरफ्तार करने से पहले सेना प्रमुख ने चीन का दौरा किया था। सूत्रों के अनुसार, जिम्बाब्वे के जनरल ने बुधवार को तख्तापलट करने की कोशिश से पहले चीन की मदद ली थी। अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में रात को सेना ने सरकारी मीडिया पर कब्जा करने के बाद राजधानी हरारे को भी अपने वश में कर लिया था, जिसके बाद जनरल कॉन्स्टेंटिनो चिवेंगा देश की कमान अपने हाथ में ले ली।

जिम्बाब्वे में तख्तापलट के पीछे चीन का हो सकता है हाथ

वेस्टर्न मीडिया के मुताबिक, जिम्बाब्वे की कमान अपने हाथ में लेने और अलोकतांत्रिक हरकत करने से पहले जनरल चिवेंगा ने एक सप्ताह पहले बीजिंग का दौरा किया था। ब्रिटेन का गुलाम रह चुका जिम्बाब्वे में पिछले कई सालों से चीन का प्रभाव बढ़ा है। ब्रिटेन में टेलेग्राफ न्यूजपेपर की मानें तो जिम्बाब्वे में तख्तापलट करने के लिए जनरल चिवेंगा को चीन ही उकसा सकता है।

बता दें कि जिम्बाब्वे में राजनीतिक भूचाल लाने से पहले जनरल चिवेंगा ने बीजिंग में चीन डिफेंस मिनिस्टरी से एक उच्च-स्तरीय बैठक की थी। हालांकि, चीन ने इस दौरे को 'रूटिन वीजिट' बताया है। वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, चीन ने ही जनरल को कथित रूप से उकसाया है।

जिम्बाब्वे में चीन सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश भी है। पिछले साल जिम्बाब्वे में चीन ने 4 बिलियन डॉलर का निवेश करने को कहा था।

जिम्बाब्वे में सत्ता का हस्तांतरण होने के बाद अफ्रीका के इस गरीब मुल्क में राजनीतिक अस्थिरता फैल गई है। सड़कों और सरकारी दफ्तरों के बाहर लोगों का भारी जमाव है और सेना ने अपने 93 वर्षीय राष्ट्रपति मुगाबे और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर दिया है। वहीं, जिम्बाब्वे की विपक्षी पार्टी मूवमेंट फॉर डेमोक्रेटिक चेंज ने शांति पूर्ण तरीके से संवैधानिक लोकतंत्र की तरफ लौटने की अपील की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+