चीन में 1000 साल बाद भीषण बारिश और बाढ़, देखिए कैसे डूबा 'आईफोन सिटी', लाखों जिंदगी पर संकट
चीन में एक हजार सालों में सबसे भीषण बारिश दर्ज की गई है। वहीं आईफोन सिटी हेनन का बाढ़ से बुरा हाल हो गया है।
बीजिंग, जुलाई 21: चीन में कुदतर अपना कहर बरपा रहा है। प्रकृति को तहस-नहस कर देने वाले चीन को अब समझ में आ रहा होगा कि कुदरत का रौद्र रूप क्या होता है। चीन में पिछले दो दिनों में जितनी बारिश हुई है, उतनी बारिश चीन में पिछले एक हजार साल में नहीं हुई थी। इस बारिश ने ड्रैगन के फूंफकार को फिलहाल ठंडा कर दिया है, क्योंकि चीन के दर्जनों राज्य भयानक बारिश और बाढ़ से बुरी तरह बेहाल हो चुके हैं। अभी तक चीन की सरकार ने सिर्फ 25 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन माना जा रहा है कि चीन में सैकड़ों लोग अब तक मारे जा चुके हैं, लेकिन सरकार सही आंकड़े जारी नहीं कर रही है।
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1000 साल बाद भयानक बारिश
चीन के मध्य हेनान प्रांत की राजधानी झेंग्झौ में एक मेट्रो लाइन में बाढ़ के पानी की वजह से एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं, मौसम पर नजर रखने वालों ने कहा कि शहर एक हजार सालों में सबसे भारी बारिश हुई है, जिससे पूरा जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। चीन में बाढ़ को लेकर दर्जनों वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि चीन में बाढ़ किस हद तक भयानक तबाही मचा रहा है। एक वीडियो एक मेट्रो की है, जिसमें दिख रहा है कि पानी लगातार बढ़ रहा है और सुरंग में मेट्रो फंस गया है। पानी लगातार बढ़ता हुआ यात्रियों के गले तक पहुंच चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक ये वीडियो झेंग्झोऊडोंग स्टेशन का है।
चीन से बदला ले रहा है कुदरत ?
चीन में हेनान के मध्य प्रांत में झेंग्झौ शहर, मूसलाधार बारिश की वजह से 2 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरा शहर बाढ़ के पानी से भरा हुआ है और सड़कों पर काफी ज्यादा पानी है। आपको बता दें कि हेनान शहर पूरी दुनिया में ऐप्पल मोबाइल फोन बनाने के लिए प्रसिद्ध है। हेनान शहर को 'ऐप्पल सिटी' भी कहा जाता है और दुनिया में सबसे ज्यादा ऐप्पल मोबाइल का उत्पादन हेनान शहर में ही होता है। भारी बारिश और भीषण बाढ़ की वजह से हेनान शहर की सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट पर भी पानी भरा हुआ है। शहर के कई हिस्सों में बिजली की व्यवस्था ठप पड़ गई है। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घातक बाढ़ को "बेहद गंभीर" घोषित कर दिया है। वहीं, वैज्ञानिकों ने कहा है कि चीन में जिस तरह से प्रकृति का नुकसान किया गया और जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर बांध बनाए गये हैं, उसी का परिणम ये भीषण बाढ़ है।
कई बांध टूटे, स्थिति है विकराल
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हवाले से लिखा है कि 'हेनान राज्य के कई बांध काफी ज्यादा पानी भरने से टूट गये हैं, जिससे शहरों की स्थिति काफी ज्यादा विकराल हो गई है। शहर में काफी जान-माल का नुकसान हुआ है और बाढ़ का पानी नियंत्रण से बाहर चला गया है'। चीन के राष्ट्रपति ने अधिकारियों तक बाढ़ प्रभावितों तक जल्द से जल्द बचाव उपाय पहुंचाने के लिए कहा है। वहीं, हेनान प्रांत में भीषण बारिश और बाढ़ के बाद चीन की सरकार भारी टेंशन में आ गई है। हेनान बाढ़ ने अधिकारियों को भी चिंतित कर दिया है क्योंकि हेनान, चीन का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य आपूर्तिकर्ता राज्य है। यह देश की गेहूं की फसल का करीब एक चौथाई उत्पादन करता है। इसके साथ ही यहां कोयले और धातुओं का भी प्रोडक्शन किया जाता है। अधिकारियों ने कहा है कि 'भीषण बाढ़ की वजह से हेनान में पूरा फसल बर्बाद हो चुका है'
ऐप्पल सिटी को भारी नुकसान
हेनान के झेंग्झौ शहर को दुनिया में सबसे बड़ा आईफोन बनाने वाला संयंत्र होने की वजह से जाना जाता है और इस कंपनी पर ताइवान होन हाई का स्वामित्व है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अभी काफी तेजी से ऐप्पल का प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले प्रोडक्शन शुरू हो पाता, शहर में भीषण बाढ़ आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये फैक्ट्री कितना बड़ा है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि, कि फैक्ट्री एक दिन में कम से कम 5 लाख से ज्यादा आईफोन का निर्माण कर सकता है। वहीं, शहर में भीषण बाढ़ के बाद कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि 'हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं'।
अस्पतालों में बिजली नहीं
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा पहली बार हुआ है कि भारी बारिश की वजह से झेंग्झौ विश्वविद्यालय अस्पताल ने पूरी रात बिजली नहीं रही। जिससे चिकित्सा कर्मचारियों को जरूरतमंद मरीजों को कृत्रिम ऑक्सीजन देने के लिए एक-एक करके एयरबैग का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 600 गंभीर मरीज इस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हैं। अस्पताल के श्वसन विभाग की के एक डॉक्टर ने कहा कि, मरीजों की जान बचाने के लिए अस्पताल के सभी कर्मचारियों को मरीजों के वार्ड में भेज दिया गया था, जहां उन्होंने बारी बारी से मरीजों के ऑक्सीजन बैलून को हाथ से दबाने के लिए कहा गया था। डॉक्टर ने कहा कि पूरी रात अस्पताल के कर्मचारियों ने इसी तरह से मरीजों की जान बचाई है।












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