China Spying US: क्यूबा से अमेरिका की जासूसी कर रहा चीन! रिपोर्ट में खुलासा- 2019 से नजर रख रहा ड्रैगन
यूएस इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन 2019 से क्यूबा के गुप्त ठिकानों से अमेरिका की जासूसी कर रहा है। क्यूबा के उपविदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने जर्नल की रिपोर्ट को पूरी तरह से भ्रामक बताया।
अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन 2019 से क्यूबा के गुप्त ठिकानों से अमेरिका की जासूसी कर रहा है। इस रिपोर्ट के बाद से देश में बवाल मच गया है। हालांकि क्यूबा ने इस रिपोर्ट को निराधार बताया है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि चीन कुछ समय से क्यूबा से जासूसी कर रहा है। अधिकारी ने बताया कि चीन ने 2019 में अपने खुफिया अड्डों को अपग्रेड किया था।

अधिकारी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, यह सालों से चलता आ रहा है। यह मुद्दा जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने से पहले का है। अपना नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि बीजिंग दुनिया भर में खुफिया जानकारी एकत्र करने और अन्य सैन्य अभियानों का विस्तार करना चाहता है।
अधिकारी ने कहा कि क्यूबा में एक स्पाई सेंटर कम से कम 4 से मौजूद हैं, और उसके जरिए चीन अमेरिका की संवेदनशील जानकारियां जुटाता रहा है।
इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि चीन ने फ्लोरिडा से लगभग 160 किमी दूर द्वीप पर एक इलेक्ट्रॉनिक ईव्सड्रॉपिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए क्यूबा के साथ एक सीक्रेट डील पर साइन किए हैं।
वाशिंगटन में चीनी दूतावास के एक अधिकारी ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा शुक्रवार को दिए गए बयान की ओर से इशारा किया, जिसने क्यूबा के जासूसी स्टेशन की बात करके अमेरिका पर अफवाह फैलाने और बदनामी करने का आरोप लगाया।
क्यूबा सरकार ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। गुरुवार को क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने जर्नल की रिपोर्ट को 'पूरी तरह से झूठा' कहकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में किसी भी तरह की विदेशी सैन्य उपस्थिति को खारिज करता है।
आपको बता दें कि चीन पर अमेरिका की जासूसी के आरोप ऐसे वक्त में लग रहे हैं जब दोनों देश तनाव को शांत करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन 18 जून को चीन दौरे पर जाने वाले हैं।
पहले ब्लिंकन इसी साल फरवरी में चीन यात्रा करने वाले थे, लेकिन बैलून विवाद के बाद उन्होंने यात्रा स्थगित कर दिया। अमेरिका ने अपने हवाई क्षेत्र में चीन के जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया था कि चीन ने जानबूझकर अमेरिकी हवाई क्षेत्र में जासूसी गुब्बारा भेजा है लेकिन चीन ने इससे इनकार कर दिया था। चीन ने कहा था कि वह एक मौसमी गुब्बारा था, जो गलती से उस इलाके में चला गया था।












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