सीमा विवाद: चीन विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान, भारत पर लगाया सैनिकों को उकसाने का आरोप
नई दिल्ली: 'चोरी ऊपर से सीनाजोरी' ये कहावत इन दिनों चीनी सेना पर एकदम सटीक बैठ रही है। पिछले डेढ़ महीने से चीन भारतीय सीमा में अतिक्रमण की फिराक में है। चीन के इस मंसूबे को कई बार भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया। इस बीच 15-16 जून की रात गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों में झड़प हुई। ये झड़प तब हुई जब चीनी सेना भारतीय इलाके में टेंट लगा रही थी। इस घटना में बड़ी संख्या में दोनों देशों के सैनिक हताहत हुए। अपनी गलती सुधारने की बजाए अब चीन उल्टा भारत पर ही आरोप लगा रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग (Hua Chunying) ने गुरुवार को ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत लद्दाख में हालात को बिगाड़ रहा है। भारत चीन की क्षेत्रीय संभ्रुता की रक्षा करने की इच्छाशक्ति को कम न समझे। भारत में फ्रंट लाइन पर तैनात जवानों ने आम सहमति को तोड़ा और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को पार किया। इसके बाद जानबूझकर चीनी अधिकारियों को उकसाते हुए हमला किया। जिस वजह से इतने ज्यादा सैनिक हताहत हुए। वहीं दूसरी ओर चीन के बयान से उलट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में ये साफ हो चुका है कि चीन भारतीय सेना पर निगरानी करने के लिए विवादित क्षेत्र में पोस्ट तैयार कर रहा था। जिससे रोकने पर ही चीनी सैनिकों ने धोखे से हमला किया।
विदेश मंत्री ने भी दिया सख्त संदेश
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन में अपने समकक्ष से बात की थी। इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि अभूतपूर्व घटनाओं का द्विपक्षीय रिश्तों पर गंभीर असर होगा। जयशंकर ने कहा कि चीनी पक्ष अपनी कार्रवाई की समीक्षा करें और सुधारात्मक कदम उठाए। जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष से कहा कि उनकी कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि वह यथास्थिति को नहीं बदलना चाहते हैं और सभी समझौतों का उल्लंघन कर जमीनी तथ्य बदलना चाहते हैं। जयशंकर ने यह भी कहा कि चीनी सैनिकों को एलएसी का सम्मान करना चाहिए और इससे छेड़छाड़ वाली कोई एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।












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