चीन ने अमेरिका को दिया कड़ा संदेश, अपने हिस्से की एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेंगे
बुधवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मटीज से मुलाकात की। इस मुलाकात में जिनपिंग ने साफ कर दिया कि उनका देश कभी भी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा नहीं करेगा लेकिन जो जमीन उसकी है और जो उसके पूर्वज उसके लिए छोड़कर गए हैं, उसे वह छोड़ नहीं सकता है।
बीजिंग। बुधवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मटीज से मुलाकात की। इस मुलाकात में जिनपिंग ने साफ कर दिया कि उनका देश कभी भी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा नहीं करेगा लेकिन जो जमीन उसकी है और जो उसके पूर्वज उसके लिए छोड़कर गए हैं, उसे वह छोड़ नहीं सकता है। जिनपिंग ने इसके साथ ही अमेरिका को यह संदेश भी दे दिया है कि चीन, प्रशांत महासागर में अपना अधिकार समझता है और इससे कभी पीछे नहीं हटेगा। जिनपिंग की मानें तो यह इलाक इतना बड़ा है कि चीन के अलावा अमेरिका और दूसरे देश भी यहां पर समा सकते हैं।

बीजिंग पहुंचे हैं अमेरिकी रक्षा मंत्री
जिनपिंग और मटीज की मुलाकात बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ चाइना में हुई। राष्ट्रपति जिनपिंग ने यहां पर हालांकि इस बात पर जोर दिया कि चीन और अमेरिका को अपना संपर्क बेहतर करना होगा। दोनों देशों को आपसी भरोसा बढ़ाना होगा और साथ ही आपसी सहयोग की दिशा में काम करना होगा। शी ने अमेरिका के साथ मिलिट्री संबंधों पर भी बात की। चीन के ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क ने शी के हवाले से बताया है कि चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ हाल ही में मिलिट्री संबंधों की दिशा में हुई प्रगति को मील का पत्थर करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि यह संबंध आगे भी ऐसे ही चलता रहे। अमेरिकी रक्षा मंत्री मटीज ने भी इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन आने का उनका मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को सही दिशा में अग्रसर रखना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मटीस मंगलवार से तीन दिन के चीन दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने कई टॉप चीनी ऑफिसर्स से मुलाकात की है जिसमें उनके चीनी समकक्ष वेई फेंगे भी शामिल हैं।












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