Microsoft Global Outage: माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस 15 घंटे से ठप, CEO सत्य नडेला ने बताया कब होगी बहाल?
Microsoft Global Outage Update: इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) जगत की दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) कंपनी को शुक्रवार (19 जुलाई) को बड़े पैमाने पर आउटेज का सामना करना पड़ा। जिसका असर दुनिया भर के कंप्यूटर सिस्टम पर देखा गया। वैश्विक स्तर पर आई इस तकनीकी खराबी के चलते 3300 से अधिक फ्लाइट्स बुरी तरी प्रभावित रहीं। साथ ही बैंकों, स्टॉक एक्सचेंजों, पेमेंट सिस्टम और इमरजेंसी सर्विसेज भी ठप हो गईं।
इस ग्लोबल आउटेज की सूचना मिलने के लगभग छह घंटे बाद माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला की प्रतिक्रिया सामने आई। जिसमें उन्होंने बताया कि इस आउटेज की समस्या कब हल होगी और दोबारा लोगों के सिस्टम काम करने लगेंगे। क्या कहा सत्य नडेला ने...?

चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने बताया कि कल, क्राउडस्ट्राइक ने एक अपडेट जारी किया, जिसने वैश्विक स्तर पर आईटी सिस्टम को प्रभावित करना शुरू कर दिया। हम इस मुद्दे से अवगत हैं और अपने कस्टमर्स को सुरक्षित रूप से लाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए क्राउडस्ट्राइक और पूरे उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही समस्या का निदान हो जाएगा।
क्या है क्राउडस्ट्राइक? कैसे ठप हुआ माइक्रोसॉफ्ट?
आपको बता दें कि क्राउडस्ट्राइक, एक अमेरिकी एंटीवायरस कंपनी है। इसके एक अपडेट का असर माइक्रोसॉफ्ट पर पड़ा। जिसके कारण 19 जुलाई की सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक, करीब 15 घंटें माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस ठप रही।
क्राउडस्ट्राइक के सीईओ और संस्थापक जॉर्ज कर्ट्ज ने यूएस ब्रॉडकास्ट एनबीसी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में अपने सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण हुए व्यवधान के लिए माफी मांगी है। साथ ही कहा कि उस बग के लिए एक समाधान किया जा रहा है जिसके कारण दुनिया भर में हवाई अड्डों, बैंकों और मीडिया को प्रभावित करने वाले वैश्विक आईटी आउटेज का कारण बना।
Yesterday, CrowdStrike released an update that began impacting IT systems globally. We are aware of this issue and are working closely with CrowdStrike and across the industry to provide customers technical guidance and support to safely bring their systems back online.
— Satya Nadella (@satyanadella) July 19, 2024
किन-किन सेवाओं पर असर
टीवी चैनल्स: कई टीवी चैनल्स माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड सेवाओं का उपयोग करते हैं। आउटेज के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो अपलोड में समस्याएं आईं।
चैनल्स के लिए न्यूज़ प्रोडक्शन और एडिटिंग सॉफ्टवेयर में भी रुकावटें आईं।
बैंकिंग: बैंकों के ऑनलाइन पोर्टल्स और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स में रुकावटें आईं।
बैंकिंग सेवाओं में देरी और ट्रांजेक्शन में समस्याएं उत्पन्न हुईं, जिससे ग्राहकों को असुविधा हुई।
एयरपोर्ट: एयरपोर्ट्स में फ्लाइट इंफॉर्मेशन सिस्टम्स, टिकट बुकिंग और चेक-इन सिस्टम प्रभावित हुए।
यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस जानने और टिकटिंग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्टॉक एक्सचेंज: स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स जो माइक्रोसॉफ्ट की सेवाओं पर निर्भर हैं, उनमें समस्याएं आईं।
लाइव ट्रेडिंग डेटा में देरी और प्लेटफॉर्म्स के फंक्शनिंग में रुकावट आईं।
रेलवे: रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम, टिकट बुकिंग और लाइव ट्रेन स्टेटस जानने में समस्याएं आईं।
यात्रियों को बुकिंग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और ट्रेन की जानकारी प्राप्त करने में देरी हुई।
23 बिलियन डॉलर का नुकसान
माइक्रोसॉफ्ट की सविर्स ठप होने के कारण शेयर मूल्य में भारी गिरावट आई। इस गड़बड़ी का असर, दुनिया भर की कंपनियों पर देखा गया। कुछ ही घंटों में माइक्रोसॉफ्ट के बाजार मूल्य में 23 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। निवेश मंच स्टॉक लिटिक्स के आंकड़ों के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर की कीमत पिछले बंद भाव $443.52 से गिरकर $440.37 पर आ गई, जो 0.71% की गिरावट दर्शाता है। इस महत्वपूर्ण गिरावट का कंपनी पर गहरा असर पड़ा, जिसका बाजार मूल्यांकन आउटेज से पहले $3.27 ट्रिलियन था।












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