पूर्व चीनी राष्ट्रपति के बेटे की कंपनी के साथ एक बड़ी डील कैंसिल करने को तैयार कनाडा!
ओटावा। अमेरिका के अलावा अब कनाडा की सरकार भी चीन के खिलाफ आक्रामक रवैया अपना रही है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से कहा गया है कि चीनी सरकार की मालिकाना हक वाली कंपनी से खरीदे गए करीब 6.8 मिलियन डॉलर वाले सुरक्षा उपकरणों की डील पर फिर से नजर दौड़ाएंगे। चीनी कंपनी ने ग्लोबल अफेयर्स कनाडा (जीएससी) के साथ डील की है जिसके तहत कनाडा के दूतावासों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओं के बेटे की कंपनी
जो डील चीन की कंपनी न्यूटेक से हुई है उसके तहत 170 कनैडियन दूतावासों, कांसुलेट्स और हाई कमीशंस पर एक्सरे स्कैनिंग उपकरण और सॉफ्टवेयर सिस्टम को इंस्टॉल किए जाएंगे। ये उपकरण दूतावासों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे। कनाडा के विदेश मंत्री फ्रैंकोइस फिलीप शैम्पेन ने कहा है कि सरकार बीजिंग की टेक कंपनी न्यूटेक के साथ हुई डील को फिर से देखेगी। सरकार का कहना है कि इस कंपनी के चीन की सत्ताधारी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के साथ संबंध काफी गहरे हैं। ग्लोबल न्यूज कनाडा की तरफ से कहगया था कि न्यूटेक कंपनी पर चीनी सरकार का अधिकार है। अखबार का कहना है कि इस कंपनी की शुरुआत सीसीपी के पूर्व जनरल सेक्रेटरी और चीन के पूर्व राष्ट्रपति हु जिंताओं के बेटे ने की थी।

डील पर खड़े हुए थे कई सवाल
विदेश मंत्री ने यह बात उस समय कही है जब उनसे मीडिया ने सवाल किया था कि क्या सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का भी सरकार रिव्यू करेगी? इस पर जवाब था कि दुनिया भर में स्थित कनाडा दूतावासों की रक्षा अहम है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाएगी। उनका कहना था कि ग्लोबल अफेयर ने अभी तक न्यूटेक से कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं खरीदा है। सरकार ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह सरकार की तरफ से तय किए गए निर्देशों को एक बार जरूर देख ले। हालांकि ग्लोबल अफेयर्स और न्यूटेक के बीच साइन हुई डील पर राष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों की तरफ से काफी सवाल खड़े किए गए थे। उनका कहना था कि न्यूटेक की दुनियाभर में संवेदनशील केंद्रों पर पकड़ लगातार बढ़ती जा रही है। न्यूटेक, एशिया, अफ्रीका और यूरोप में बिजनेस करती है। उसके बिजनेस को लेकर कई तरह के विवाद भी सामने आए हैं।

यूरोप को लुभाने की कोशिशें
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक नामीबिया में भ्रष्टाचार का केस सामने आया था जो न्यूटेक से जुड़ा था। नामीबिया के वकीलों ने मई 2008 में इस बात की आशंका जताई थी कि तीन संदिग्धों ने न्यूटेक की मदद की थी। 55 मिलियन डॉलर के एक्सरे स्कैनर कॉन्ट्रैक्ट के बदले में उन्हें 12 मिलियन डॉलर बतौर घूस मिले थे। अखबार ने लिखा है कि चीन की सरकारी कंपनियों को पश्चिमी देशों की कंपनियों की तुलना में कम कीमतों पर टेंडर की कीमत तय करने के बदले ईनाम दिया जाता है। यूरोप में भी कुछ सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा था कि न्यूटेक तेजी से सर्विसेज के बदले घुसपैठ में लगी हुई है। साथ ही उसकी वजह से चीन का प्रभाव यूरोप के कुछ राजनेताओं पर बढ़ रहा है।

जासूसी में आगे है CCP
विशेषज्ञ कहते हैं कि सीसीपी, ब्रिटेन समेत तमाम देशों में मौजूद है। उनका कहना है कि चीन की पार्टी सीसीपी बिजनेस की आड़ में अपने एजेंडे को पूरा कर रही है। एक चीनी विशेषज्ञ की मानें तो सीसीपी की मशीन हर जगह है और चीन के लिए राजनीति को बिजनेस से अलग करना नामुमकिन है। सीसीपी के पास 93 मिलियन सदस्य हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जिन्हें या तो दूसरे देशों में पोस्टिंग दी गई है या फिर उन्हें छिपाकर रखा गया है। इन सदस्यों पर सीक्रेट्स इकट्ठा करने का जिम्मा होता है और टेक्नोलॉजी सेक्टर जिसमें टेलीकॉम भी शामिल है, उसके राज को भी संभालना इनकी जिम्मेदारी होती है।












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