कनाडा ने अमेरिकी अख़बार के साथ भारत के बारे में खुफिया जानकारी साझा की, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
India-Canada Relations: कनाडा सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा से पहले शीर्ष कनाडाई अधिकारियों ने कथित तौर पर द वाशिंगटन पोस्ट के साथ गुप्त खुफिया जानकारी साझा की। जिसमें कनाडा में हिंसक हमलों में भारत सरकार की कथित संलिप्तता का खुलासा किया गया। यह खुफिया जानकारी 20 सितंबर 2023 को विन्निपेग में सुखदूल सिंह गिल की हत्या में भारत की भूमिका की ओर इशारा करती है। द वाशिंगटन पोस्ट ने उसी दिन इसका खुलासा किया। जिस दिन थैंक्सगिविंग डे पर रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस कमिश्नर का प्रेस कॉन्फ्रेंस होना था।
इस खबर के सामने आने के बाद कनाडा ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए भारत को सिख नेताओं से जुड़ी हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद कनाडा और भारत के बीच राजनयिक तनाव और बढ़ गया। खासकर ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की गहन जांच के दौरान।

लीक खुफिया जानकारी और सार्वजनिक आरोपों के पीछे का घटनाक्रम
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नैथली ड्रोइन और ग्लोबल अफेयर्स के उप मंत्री डेविड मॉरिसन को उन स्रोतों के रूप में पहचाना गया। जिन्होंने थैंक्सगिविंग से पहले वाशिंगटन पोस्ट को जानकारी दी। उन्होंने कथित तौर पर कनाडा में भारत के हस्तक्षेप के अभियानों का खुलासा किया। जो कनाडा में हिंसा के गंभीर कृत्यों में भारत की भूमिका का संकेत देते हैं।
हालांकि ड्रोइन और मॉरिसन के प्रवक्ताओं ने खुफिया जानकारी लीक करने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जो जानकारी सामने आई है। वह पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में थी और एक नवंबर 2023 के अमेरिकी अभियोग से संबंधित थी। जिसमें कनाडा के भीतर तीन हत्याओं की योजना का जिक्र था। प्रवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन पोस्ट के साथ साझा की गई जानकारी किसी भी तरह से वर्गीकृत या अनुचित नहीं थी।
भारत का कड़ा खंडन और आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताना
भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों का कड़ा खंडन किया। उन्हें निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इन आरोपों को बेतुका और कनाडा की ट्रूडो सरकार की वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित बताया। भारत ने इस मामले पर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि कनाडा के दावे बेबुनियाद हैं और इन आरोपों का इस्तेमाल घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
राजनयिक संकट में बदलते आरोप और बढ़ता तनाव
भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में तनाव बढ़ने के बाद राजनयिकों के निष्कासन और गंभीर आरोपों का आदान-प्रदान हुआ। जिसने उनके द्विपक्षीय संबंधों में एक गंभीर संकट को उजागर किया। खुफिया लीक और इसके अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के निहितार्थ पर विवाद ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।
इस मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीतिक एजेंडा के बीच नाजुक संतुलन को उजागर कर दिया है। दोनों देशों के बीच चल रहा यह विवाद अभी भी ध्यान खींचे हुए है। क्योंकि दोनों पक्ष न्याय की खोज और कूटनीति के जटिल संतुलन को समझने में जुटे हैं।












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