इटली में पढ़ाई के बाद कर सकेंगे नौकरी, 20 हजार मजदूरों को भी मिलेगी जॉब, भारत के साथ हुआ बड़ा समझौता
पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और इटली की सरकारों के बीच माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते पर हस्ताक्षर करने के विदेश मंत्रालय के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
नए समझौते के मुताबिक इटली में पढ़ने वाले छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद भी एक साल के लिए इटली में रह सकते हैं। इसके अलावा इटली ने 12,000 गैर-मौसमी और 8,000 मौसमी भारतीय कामगारों को भी अपने देश में काम करने की अनुमति देने का फैसला किया है।

यह कदम इटली में कुशल श्रमिकों की कमी को दूर करने में मदद करेगा और साथ ही भारतीय कामगारों को विदेश में बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
इससे भारत और इटली के बीच शिक्षा, संस्कृति और श्रम के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा और दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा। वहीं भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए इटली में नए अवसर खुलेंगे और इटली को कुशल श्रमिकों और प्रतिभाओं का एक नया स्रोत मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा और इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने इस समझौते को भारत और इटली के बीच संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
भारतीय पक्ष के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "समझौते से लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा, छात्रों, कुशल श्रमिकों, व्यापारिक लोगों और युवा पेशेवरों की गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा और दोनों पक्षों के बीच अनियमित प्रवासन से संबंधित मुद्दों पर सहयोग मजबूत होगा।"
यह समझौता पांच साल की अवधि के लिए लागू रहेगा और खुद ही नवीनिकृत होता जाएगा जब तक कि इसे किसी भी हस्ताक्षरकर्ता द्वारा समाप्त नहीं किया जाता है। यह समझौता वर्तमान इतालवी वीज़ा व्यवस्था को लागू करता है जिसमें अध्ययन के बाद के अवसरों, इंटर्नशिप और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था शामिल है।












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