फूटी किस्मत: लड़की ने नहीं लगवाई थी कोरोना वैक्सीन, पलभर में हाथ से निकले 1.5 करोड़ रुपये
नई दिल्ली, 21 जुलाई: चीन के वुहान से शुरू हुई कोरोना महामारी से सभी देश परेशान हैं। हालांकि अब दुनियाभर में युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन चल रहा है। कई देशों की सरकार ये नहीं चाहती कि उनके यहां दोबारा कोरोना फैले, इस वजह से बिना वैक्सीन लगवाए हुए लोगों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। कुछ इसी तरह का मामला अमेरिका से सामने आया है, जहां एक लड़की के हाथ से करोड़ों रुपये निकल गए और उसकी वजह कोरोना वैक्सीन बनी।

2 लाख डॉलर की स्कॉलरशिप
दरअसल ओलिविया सैंडर नाम की लड़की ने पढ़ाई में काफी मेहनत की। इसके बाद उसे हवाई के ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी में एडमिशन का ऑफर मिला। साथ ही उसको 2 लाख डॉलर की स्कॉलरशिप भी मिली। अपनी किस्मत बदलते हुए देख ओलिविया काफी खुश थीं। उन्होंने ये खुशखबरी परिवार के साथ साझा कर एडमिशन की तैयारी शुरू की, लेकिन ऐन वक्त पर उनकी किस्मत पलट गई।

नहीं था वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट
यूनिवर्सिटी ने जब लड़की के सभी दस्तावेजों के साथ कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट मांगा, तो उन्होंने वैक्सीन ना लगवाने की बात बताई। इसके बाद तुरंत यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उनके एडमिशन को कैंसिल करने का फैसला लिया। ओलिविया के मुताबिक वो Guillian barre सिंड्रोम नाम की बीमारी से पीड़ित हैं। इस वजह से उन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई। इस बीमारी में उनके कमर के नीचे का हिस्सा लगवाग्रस्त हो गया था। अगर वो वैक्सीन लगवाती हैं, तो बीमारी दोबारा से ट्रिगर हो सकती है।

रिस्क नहीं लेना चाहतीं
इसके बाद भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन उनके एडमिशन के लिए राजी नहीं हुआ, वो वैक्सीन लगवाने पर ही अड़े रहे। ओलिविया के मुताबिक जब वो बीमारी से ग्रसित हुई थीं, तो उन्होंने काफी कुछ बर्दाश्त किया। वो वक्त बहुत ही कष्टकारी था। अब वो दोबारा से रिस्क नहीं लेना चाहती हैं, जिस वजह से वो वैक्सीन नहीं लगवाएंगी। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ने उनका एडमिशन रद्द कर दिया। जिस वजह से 2 लाख डॉलर की स्कॉलरशिप भी हाथ से निकल गई। भारत के हिसाब से देखें, तो ये राशि 1.5 करोड़ रुपये के आसपास होगी।

डॉक्टर ने की मदद की कोशिश
एडमिशन ना मिलने पर ओलिविया अपने डॉक्टर के पास पहुंची और उन्हें पूरी बात बताई। इसके बाद डॉक्टर ने भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन को पत्र लिखकर वैक्सीन ना लेने का कारण जायजा बताया। उन्होंने साफ किया कि अगर लड़की को वैक्सीन दी जाती है, तो उसको जान का खतरा रहेगा। हालांकि यूनिवर्सिटी तब भी नहीं मानी। उन्होंने कहा कि उनका कैंपस एक खास जगह पर हैं, जहां पर टॉप लेवल के छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में वो नहीं चाहते हैं कि उनके कैंपस में वायरस दस्तक दे। ऐसे में सिर्फ उन्हीं को एडमिशन मिलेगा, जो वैक्सीन लगवा चुके हैं।












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