बस है या ट्रेन ? जापान के इस Dual-mode vehicle को देखकर आप भी खा जाएंगे चक्कर, देखिए Video

टोक्यो, 26 दिसंबर: जापान में शनिवार से एक ऐसा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू किया गया है, जो विश्व में अद्वितीय है। इसमें जो वाहन इस्तेमाल किए गए हैं, वह देखने में तो छोटी बसों की तरह हैं, लेकिन इसे आसानी से रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की तरह भी चलाया जा सकता है। अलबत्ता बस और ट्रेन के तौर पर चलने के दौरान इसकी स्पीड जरूर प्रभावित हो जाती है। इस सेवा को डूअल-मोड व्हीकल (डीएमवी) का नाम दिया गया है, जो डीजल ईंधन पर चलाया जा रहा है। शुरुआत में इसे दक्षिणी जापान के तटवर्ती इलाकों में चलाया जा रहा है और इसके जरिए विशेष रूप से बुजुर्ग नागरिकों की दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

बस है या ट्रेन ?

बस है या ट्रेन ?

शनिवार को जापान ने दुनिया के सबसे पहले डूअल-मोड व्हीकल (डीएमवी) को जमीन पर उतार दिया है। जापान के कैयो शहर में ऐसे वाहनों की शुरुआत की गई है, जो रेलवे ट्रैक पर भी चलते हैं और सड़कों पर भी भाग सकते हैं। देखने में यह वाहन मिनी बस की तरह लगते हैं, जो सड़कों पर सामान्य रबर टायरों पर चलते हैं। लेकिन, बाकी बसों की तुलना में इसकी बनावट इसीलिए अलग है, क्योंकि इसमें लोहे के पहिये भी लगे हुए हैं, जिसकी मदद से यह रेलवे ट्रैक पर भी सरपट भाग सकते हैं। जबकि,परंपरागत वाहन या तो सड़कों पर ही चल सकते हैं या फिर ट्रेन पटरियों पर ही दौड़ाई जा सकती हैं।

डीएमवी में रबर और लोहे दोनों पहिये लगे हैं

डीएमवी में रबर और लोहे दोनों पहिये लगे हैं

रॉयटर्स के मुताबिक जब इस बस को ट्रेन के तौर पर चलाना होता है तो लोहे के पहिये नीचे उतर जाते हैं और रबर के अगले टायर ऊपर हो जाते हैं। जबकि, पिछले टायर नीचे ही रहते हैं, जो कि गाड़ी को आगे की ओर धकेलते हैं। सड़क पर चलाने के लिए लोहे के पहिये ऊपर कर लिए जाते हैं और अगले टायर सड़क पर चिपकरकर चलने के लिए तैयार हो जाते हैं। डीएमवी को ऑपरेट करने वाली कंपनी एसा कोस्ट रेलवे कंपनी के सीईओ ने बताया कि यह वाहन कैयो जैसे छोटे शहरों में बुजुर्गों और कम होती आबादी के लिए मददगार हो सकते हैं, जहां ट्रांसपोर्ट कंपनियों को मुनाफे के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

21 यात्री एकबार में कर सकते हैं सफर

21 यात्री एकबार में कर सकते हैं सफर

एसा कोस्ट रेलवे कंपनी के सीईओ शिगेकी मिउरा ने एजेंसी से कहा है, 'यह (डीएमवी) स्थानीय लोगों तक (बस की तरह) पहुंच सकता है और उन्हें रेलवे की तरह भी ले जा सकता है।' उन्होंने कहा कि, 'खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में जहां बुजुर्गों की आबादी है, हमें उम्मीद है कि यह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है।' कंपनी के मुताबिक डीएमवी रेलवे ट्रैक पर 21 यात्रियों को लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। जबकि,सार्वजनिक सड़कों पर यह करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी चल सकता है।

डीजल पर चलता है यह वाहन

यह एक डीजल वाहन है, जो विभिन्न रंगों में सड़कों पर उतर चुकी है। इसे जापान के दक्षिणी शिकोकु आइलैंड के तटवर्ती इलाकों में चलाने की योजना है, जिसके जरिए कई कस्बों को जोड़ने और यात्रियों को सुंदर समुद्री किनारों का नजारा दिखाने के लिए चलाया जा रहा है। मिउरा के मुताबिक उन्हें लगता है कि इस प्रोजेक्ट से पूरे जापान के रेलवे के दीवाने लोग इसमें सफर करने को प्रेरित होंगे। जापान में डीएमवी सेवा 25 दिसंबर से शुरू हो गई है। (पहली तस्वीर सौजन्य- एसा कोस्ट रेलवे की वेवसाइट से और बाकी रॉयटर्स एशिया के ट्विटर वीडियो से)

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