सिर्फ 15 सेकंड चार्ज करने के बाद 2 किलोमीटर तक चलती है यह गाड़ी

जेनेवा। स्विटजरलैंड में ऐसी बस बनाई गई है जो पैसेंजर के चढ़ने और उतरने के दौरान चार्ज हो जाएगी और अगले स्टॉपेज तक चलती रहेगी। फिर अगले स्टॉपेज पर वह 15 सेकंड के अंदर चार्ज हो जाएगी।

2017 से जेनेवा की सड़कों पर इन बसों को उतारा जाएगा। पर्यावरण को साफ रखनेवाली यह बस भारत ही नहीं, दुनिया के लिए वरदान साबित हो सकती है।

geneva bus

स्टॉपेज पर तुरंत चार्ज हो जाएगी बस

दिखने में यह बस अन्य यूरोपियन शहरों के इलेक्ट्रिक बसों की तरह लगती है। लेकिन इस बस की खासियत यह है कि स्टॉपेज पर रुकते ही यह वहां लगे इलेक्ट्रिक पोल से चार्ज होने लगती है।

इस बस में फ्लैश चार्ज टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल किया गया है जिसमें 15 सेकंड में बैटरी चार्ज हो जाएगी। पैसेंजर के चढ़ने और उतरने में जितना समय लगेगा उतने में यह बस चार्ज हो जाएगी और अगले स्टॉपेज तक चलती रहेगी।

smart bus

15 सेकंड में 600 किलोवाट की एनर्जी

15 सेकंड के अंदर बस की बैटरी को 600 किलोवाट तक की एनर्जी मिल जाएगी और इस क्षमता की बदौलत यह बस 130 से ज्यादा लोगों को लेकर 2 किलोमीटर तक आराम से जाएगी। बस टर्मिनल पर इसकी बैटरी को फुल चार्ज होने में महज 4-5 मिनट लगेंगे।

जेनेवा में डीजल बसों की जगह लेंगी ये फ्लैश चार्ज बसें

जेनेवा में डीजल बसों की जगह अगले साल से फ्लैश चार्ज बसें चलाई जाएंगी। इससे हर साल कम से कम 1000 टन कार्बन डाईऑक्साइड को वातावरण में जाने से रोका जा सकेगा।

भारत के लिए वरदान हो सकती है यह बस

भारत के वातावरण को साफ बनाने में यह बस वरदान साबित हो सकती है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की स्टडी के अनुसार, भारत में कुल 1,50,000 डीजल बसें चलती हैं। अगर इनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं तो 37 लाख टन कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो सकता है।

smart bus1

पीएम मोदी के स्मार्ट सिटी के लिए स्मार्ट बस

जेनेवा में चलाई जाने वाली फ्लैश चार्ज बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए उपयोगी है। देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाए जाने की योजना है जहां ये बसें चलाई जा सकती हैं।

भारत पेरिस समझौते के लिए जो लक्ष्य लेकर चल रहा है उसमें भी यह बस मददगार हो सकता है। पिछले रविवार को भारत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है और 2030 तक ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन 33 प्रतिशत कम करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है।

इस बस सिस्टम को नाम दिया गया है 'टोसा'

इस बस सिस्टम को TOSA नाम दिया गया है। जिन चार संस्थाओं ने मिलकर इस बस को बनाया है उन्हीं के पहले अक्षरों को मिलाकर टोसा बना है।

T - TGP (जेनेवा का पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर)
O - Office of Promotion of Industries and Technologies
S - SIG (जेनेवा की पावर यूटिलिटी कंपनी)
A - ABB (मल्टीनेशनल कंपनी)

देखिए इस बस का वीडियो जिसे ABB ने जारी किया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+