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Budget 2026: नेपाल से बांग्लादेश तक, बजट में मोदी सरकार ने लुटाए करोड़ों! देखें किस देश को कितने रुपए की मदद

Budget 2026 neighbourhood first policy: बजट 2026-27 में भारत सरकार ने अपनी "पड़ोसी पहले" (Neighbourhood First) नीति को और मजबूत करते हुए अपने पड़ोसी और रणनीतिक मित्र देशों के लिए सहायता राशि का महत्वपूर्ण प्रावधान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, यह सहायता भारत के क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ाने और दक्षिण एशिया में स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भूटान को सबसे अधिक सहायता मिलना जारी है, जबकि अन्य देशों के लिए भी उनकी जरूरतों और रणनीतिक महत्व के आधार पर बजट आवंटित किया गया है।

Budget 2026 neighbourhood first policy

भूटान और नेपाल: सबसे बड़े लाभार्थी

भूटान(Bhutan aid India budget) को इस वर्ष सबसे अधिक ₹2,288.55 करोड़ की सहायता दी गई है, जो दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक और जलविद्युत संबंधों को दर्शाती है। वहीं, नेपाल (Nepal assistance budget 2026) के लिए ₹800 करोड़ का आवंटन किया गया है (जिसमें से ₹100 करोड़ विशेष श्रेणी में हैं)। यह राशि नेपाल में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क कनेक्टिविटी और जल प्रबंधन परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा।

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मालदीव, मॉरीशस और श्रीलंका: हिंद महासागर में रणनीतिक पकड़

हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए भारत ने मालदीव और मॉरीशस दोनों के लिए ₹550-550 करोड़ का प्रावधान किया है। श्रीलंका (Sri Lanka India financial support) को आर्थिक संकट से उबरने में मदद करने के लिए ₹400 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह सहायता मुख्य रूप से बंदरगाह विकास, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। इन निवेशों के माध्यम से भारत अपने "सागर" (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) विजन को साकार कर रहा है।

अफगानिस्तान और म्यांमार: मानवीय और विकास सहायता

चुनौतियों के बावजूद, भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के लिए ₹150 करोड़ की सहायता जारी रखी है, जो वहां चल रहे मानवीय कार्यों और शिक्षा कार्यक्रमों को समर्थन देगी। म्यांमार के लिए ₹300 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो कालादान मल्टी-मोडल प्रोजेक्ट और सीमा पार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आवश्यक हैं। यह आवंटन स्पष्ट करता है कि भारत राजनीतिक अस्थिरता के बीच भी अपने पड़ोसी देशों के विकास और मानवीय जरूरतों के प्रति प्रतिबद्ध है।

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बांग्लादेश और अन्य मित्र देश: क्षेत्रीय सहयोग का विस्तार

बांग्लादेश के लिए ₹60 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो मुख्य रूप से कनेक्टिविटी और क्षमता निर्माण परियोजनाओं पर केंद्रित है। इसके अलावा, मंगोलिया (₹25 करोड़) और सेशेल्स (₹19 करोड़) जैसे देशों को दी जाने वाली सहायता भारत के बढ़ते वैश्विक पदचिह्न और दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) के प्रति उसके समर्पण को दर्शाती है। यह छोटा निवेश भी उन देशों के साथ मजबूत राजनयिक और सुरक्षा संबंध बनाने में दूरगामी परिणाम देता है।

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