श्रीलंका का वो बौद्ध मंदिर, जहां रखे 'पवित्र अवशेष' दलाई लामा को किए जाएंगे भेंट
तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष, धर्मगुरु व 14वें दलाई लामा श्रीलंका के एक पवित्र मंदिर में स्थित भगवान बुद्ध के पवित्र कपिलवस्तु के अवशेष दलाई लामा को सौंपे जाएंगे। बुद्ध के ये अवशेष श्रीलंका में बौद्ध मंदिर, राजगुरु श्री सुबुथी वास्काडुवा महा विहारया में स्थित हैं। वास्काडुवा में श्री सुभूति महा विहार में भगवान बुद्ध के 21 अवशेष हैं।
दलाई लामा कार्यालय ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि श्रीलंका से भगवान बुद्ध के अवशेष गुरुवार (04 अप्रैल) को दलाई लामा को भेंट किये जाएंगे। पवित्र अवशेष श्रीलंका में एक बौद्ध मंदिर, राजगुरु श्री सुबुथी वास्काडुवा महा विहारया में स्थित हैं। बता दें कि श्रीलंका के वास्काडुवा में श्री सुभूति महा विहार में पीढ़ियों से संरक्षित हैं। कपिलवस्तु के अवशेष अत्यधिक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के हैं, जो भक्तों को भगवान बुद्ध की गहन विरासत के करीब ले जाते हैं, जिनमें से कुछ अवशेष दलाई लामा के सुपुर्द किए जाएंगे।

तिब्बत के दलाई लामा के कार्यालय के मुताबिक भगवान बुद्ध के पवित्र कपिलवस्तु अवशेष विधिपूर्वक गुरुवार सुबह दलाई लामा को सौंपे जाएंगे।
दरअसल, बौद्ध संस्कृति की रक्षा के लिए दलाई लामा के विश्व स्तरीय प्रयासों के चलते श्रीलंका के बौद्ध मंदिर ने ये फैसला लिया है। दलाई लामा समय समय पर समाज में भगवान बुद्ध के संदेशों का प्रचार प्रसार करने के अलावा बौद्ध संस्कृति की सुरक्षा और बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।
इस साल फरवरी में दलाई लामा ने छोत्रुल डुचेन के अवसर पर, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी शहर धर्मशाला में मुख्य तिब्बती मंदिर, त्सुगलगखांग में जातक कथाएं कहीं थी, जिसमें बौद्ध समेत 3000 से अधिक तिब्बती अनुयायियों के अलावा दुनिया के विभिन्न हिस्सों से भिक्षु, नन और विदेशी नागरिक शामिल हुए। इससे पहले मार्च में, भगवान बुद्ध और उनके दो मुख्य शिष्यों, अरहंत सारिपुत्त और महा मोग्गलाना के अवशेषों को थाईलैंड के चार शहरों में 25-दिवसीय प्रदर्शनी पर भेजा गया था।
दरअसल, छोत्रुल ड्यूचेन प्रसाद का दिन है और पहले तिब्बती महीने के 15वें दिन मनाया जाता है। बुद्ध के जीवन की चार घटनाओं की याद में मनाए जाने वाले चार बौद्ध त्योहारों में से एक है।












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