ब्रिटेन में लेबर पार्टी की चुनाव प्रचार सामग्री में पीएम मोदी की विवादित तस्वीर, मचा बवाल
ब्रिटेन उपचुनाव में लेबर पार्टी ने पीएम मोदी की विवादित तस्वीर का इस्तेमाल चुनावी प्रचार में किया है, जिसके बाद ब्रिटेन की राजनीति में बवाल मच गया है।
लंदन, जून 30: ब्रिटेन में पीएम मोदी के नाम पर हंगामा मच गया है और हंगामा मचा है ब्रिटेन की प्रमुख राजनीतिक लेबर पार्टी की चुनाव सामग्री में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को लेकर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर। आरोप है कि लेबर पार्टी उत्तरी इंग्लैंड में एक उपचुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही है। जिसके बाद लेबर पार्टी पर फूट डालने का आरोप लगा है।
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पीएम मोदी के नाम पर वोट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो को कंजरवेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन से हाथ मिलाते हुए लेबर पार्टी की प्रचार सामग्री पर छापा गया है। इसमें पीएम मोदी से दूर रहने की बात लिखी गई है। लेबर पार्टी का कहना है कि अगर वहां के लोग किसी दूसरी पार्टी को वोट देते हैं तो ऐसी तस्वीर दिखने का खतरा है, लेकिन लेबर पार्टी इस मामले में स्पष्ट राय रखती है।

लेबर पार्टी पर गुस्साए भारतीय मूल के लोग
जैसे ही यह प्रचार सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल हुई, प्रवासी भारतीय समूहों ने ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी को विभाजनकारी और भारत विरोधी करार देना शुरू कर दिया। वेस्ट यॉर्कशायर और स्पेन के बैटले में गुरुवार को होने वाले उपचुनाव के प्रचार के दौरान लीफलेट, जिसमें मोदी 2019 में G7 शिखर सम्मेलन में कंजरवेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन से हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं, उनकी फोटो छापी गई है। और इसमें टोरी के सांसद के बारे में संदेश लिखकर कहा गया है कि उन्हें ऐसी तस्वीरों से बचकर रहना चाहिए।
टोरी सांसद भी गुस्साए
कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और टोरी के सांसद रिचर्ड होल्डन ने ट्विटर पर इसकी एक तस्वीर पोस्ट की है, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी जा रही है। उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टार्मर भारतीय प्रधानमंत्री से हाथ नहीं मिलाएंगे? वहीं, एक भारतीय समुदाय संगठन, द कंजर्वेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (सीएफआईएन) ने सवाल पूछा है कि, "प्रिय कीर स्टारर, क्या आप कृपया इस प्रचार सामग्री की व्याख्या कर सकते हैं और स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या लेबर पार्टी का कोई नेता, एक प्रधानमंत्री/राजनेता, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का सदस्य है, क्या उससे संबंध बनाने से इंकार कर देगा? क्या यूके में भारतीय समुदाय के 15 लाख से अधिक सदस्यों के लिए यह आपका संदेश है? वहीं, लेबर पार्टी के भारतीय मूल के वरिष्ठ सांसद वीरेन्द्र शर्मा ने भी इस चुनावी पोस्टर की निंदा की है।
फूट डालने की कोशिश
सोशल मीडिया पर इस तस्वीर के वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोगों ने लिखा कि यह लेबर पार्टी का कथित "भारत विरोधी रुख" था जो पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन के तहत 2019 के आम चुनाव में उनकी करारी हार के पीछे के कारकों में से एक था। लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (एलएफआईएन) ने इसे तत्काल इस पोस्टर को वापस लेने की मांग की है। एलएफआईएन ने एक बयान में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लेबर पार्टी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और ब्रिटेन के सबसे करीबी दोस्तों में से एक, भारत के प्रधान मंत्री को अपने प्रचार सामग्री पर रखा है। 2019 G7 समिट की तस्वीर का इस्तेमाल किया है।












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