कोरोना के 'बोत्सवाना वेरिएंट' से विश्व में हड़कंप, जानिए कितना है खतरनाक, भारत कब लगाएगा ट्रैवल बैन?
दुनिया भर के महामारी वैज्ञानिकों ने अपनी सरकारों को सीमा पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है और सबसे खतरनाक ये है कि, कि कोरोना का नया वेरिएंट हवा में दूर तक फैल रहा है और लोगों को संक्रमित कर रहा है।
नई दिल्ली, नवंबर 26: अफ्रीकी देश में मिले कोरोना वायरस के 'बोत्सवाना वेरिएंट' ने पूरी दुनिया में दहशत मचा दी है और वैज्ञानिकों का कहना है कि, कोरोना वायरस के इस वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन के असर करने की क्षमता 40 फीसदी तक गिर जाती है। लिहाजा एक बार फिर से दुनिया के वही पुरानी स्थिति में लौटने की आशंका जताई जा रही है। दुनियाभर की सरकारों ने दक्षिण अफ्रीका पर ट्रैवल बैन लगाना शुरू कर दिया है ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं आखिर भारत सरकार दक्षिण अफ्रीका पर कब ट्रैवल बैन लगाएगा।

दक्षिण अफ्रीका में मिला है नया स्ट्रेन
अफ्रीकी देश बोत्सवाना में उत्पन्न होने वाले एक नए कोविड-19 स्ट्रेन काफी तेजी के साथ दुनिया में फैलने लगा है और वैज्ञानिकों ने इस नये स्ट्रेन को लेकर भारी चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका पर बैन लगाना शुरू कर दिया है। अभी तक ये स्ट्रेन दक्षिण अफ्रीका से लेकर हांगकांग तक फैल चुका है। अभी तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी ने दक्षिण अफ्रीका पर ट्रैलव बैन लगा दिया है। माना जा रहा है कि, कोरोना वायरस का ये नया स्ट्रेन बोत्सवाना में उभरा है, जहां से अमेरिका के लिए सीधी उड़ान नहीं होने की वजह से अमेरिका थोड़ी राहत की सांस ले रहा है। इस स्ट्रेन का वैज्ञानिक नाम बी.1.1.529 रखा गया है।

कई देशों में फैल चुका है वेरिएंट
दक्षिण अफ्रीका और हांगकांग ने बोत्सवाना वेरिएंट मिलने की पुष्टि की है। हालांकि, जो भी नये वेरिएंट के मरीज मिले हैं, उन्हें क्वारंटाइन किया गया है, लेकिन आशंका इसी बात को लेकर है कि, कई देशों में ये वेरिएंट फैल चुका है। वहीं, इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि, मलावी से लौटे एक व्यक्ति में ये नया वेरिएंट पाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस वेरिएंट को लेक धैर्य रखने की सलाह जरूर दी है, लेकिन दुनियाभर की सरकारें बुरी तरह से घबराई नजर आ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बोत्सवाना वेरिएंट को आने वाले वक्त में 'नू' नाम दिया जा सकता है और इस बात की पूरी आशंका है कि, आने वाले हफ्तों में दक्षिण अफ्रीका में कोरोनो वायरस का ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ेगा और भारी संख्या में तबाही मचने वासी है। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने कोरोना वायरस के नये वेरिएंट को लेकर कहा है कि, ''हम अभी आपातकालीन स्थिति के कगार पर खड़े हैं''

सीमा प्रतिबंध लगाने की सलाह
दुनिया भर के महामारी वैज्ञानिकों ने अपनी सरकारों को सीमा पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है। महामारी विज्ञानी और फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के वरिष्ठ फेलो डॉ. एरिक फीगल-डिंग ने कहा कि संस्करण का प्रारंभिक डेटा चिंताजनक है और सीमा प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'ऐसा लगता है कि इस संस्करण पर टीके की क्षमता पर असर वास्तविक हो सकती है''। उन्होंने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि, ''हांगकांग में दो मरीज जिनमें वैरिएंट पाया गया है, दोनों को फाइजर वैक्सीन की दोनों खुराक लगाई गई थी। फिर भी वो वायरस की चपेट में आए हैं। दोनों में से एक हाल ही में दक्षिणी अफ्रीका से लौटा था और उसी की वजह से एक और शख्स पॉजिटिव पाया गया है।

हवा से फैलने वाला वेरिएंट
डॉ. फीगल-डिंग ने कहा कि, ''कोरोना वायरस का ये वेरिएंट हवा में बना है और हवा के जरिए ही ये वायरस फैल रहा है''। उन्होंने कहा कि, होटल में क्वारंटाइन किए गये कोरोना मरीज ने जिस दूसरे शख्स को संक्रमित किया है, वो अलग अलग कमरों में थे और जब हवा की जांच की गई, तो पाया गया है कि, दोनों कमरों में वायरस मिले हैं। उन्होंने कहा कि, 'मुझे लगता है कि सीमा और यात्रा प्रतिबंध समझ में आता है। खासकर जब से हांगकांग ने अनिवार्य होटल क्वारंटाइन के दौरान भी वायरस एक शख्स से दूसरे शख्स में फैला है''। उन्होंने कहा कि, अभी ये वायरस किन-किन देशों में हो सकता है, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

भारत कब लगाएगा ट्रैवल बैन?
विश्व के कई देशों में बोत्सवाना वेरिएंट को लेकर खलबली मची हुई है और भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि, अभी तक इस वेरिएंट का एक भी मरीज भारत में अभी तक नहीं मिला। भारत सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि, भारत में अभी तक नये वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, सवाल ये उठ रहा है कि, आखिर भारत दूसरे देशों के ट्रेवल बैन को लेकर एक्शन कब लेगा। भारत का दरवाजा करीब करीब हर देश के लिए खुला है और क्वारंटाइन नियम भी सख्त नहीं है। लिहाजा सवाल उठ रहे हैं कि, आखिर कब भारत सरकार की तरफ से एक्शन लिया जाएगा, क्योंकि किस देश से होते हुए ये वेरिएंट भारत पहुंचेगा, कहा नहीं जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक दक्षिण अफ्रीका में 77 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मामले सैकड़ों में हो सकते हैं।












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