अफगानिस्तान में गुरुद्वारे के पास बम धमाका, इसी हफ्ते तालिबान ने दी थी सिखों को सुरक्षा की गारंटी
तालिबान ने इसी हफ्ते दावा किया था कि, अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति को सुलझा लिया गया है और उसने अपने अल्पसंख्यकों, हिंदुओं और सिखों से देश वापस लौटने का आग्रह किया था।
काबुल, जुलाई 27: इसी हफ्ते ही तालिबान ने अफगानिस्तान से भाग कर चले गये हिंदुओं और सिखों को सुरक्षा की गारंटी देते हुए उनसे वापस अफगानिस्तान लौटने की अपील की थी और इसी हफ्ते अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक गुरुद्वारे के पास भीषण बम धमाके की खबर मिल रही है। समाचार एजेंसी एएनआई कि रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारा करता परवन के मुख्य द्वार के पास एक बम विस्फोट की सूचना मिली है।

काबुल गुरुद्वारे में बम धमाका
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक सिख और हिंदू समुदायों के सदस्यों ने सुरक्षित होने की सूचना दी है। लेकिन, आगे की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अफगानिस्तान में भारतीय विश्व मंच के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने कहा है कि, अभी तक सभी हिंदू और सिखों के सुरक्षित होने की खबर है। इससे पहले पिछले महीने ही, इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) ने गुरुद्वारे पर हमला किया खा, जिसमें दर्जनों सिखों और तालिबान सदस्यों के मारे जाने का दावा किया गया था। अफगानिस्तान में सिख समुदाय सहित धार्मिक अल्पसंख्यक अफगानिस्तान में हिंसा का निशाना बन रहे हैं। अगस्त 2021 में सत्ता में आए तालिबान ने देश को सुरक्षित करने का दावा किया है, लेकिन बार-बार होने वाले आतंकवादी हमले न केवल उन दावों का खंडन करते हैं, बल्कि आतंकवाद के फिर से हावी होने के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और भी ज्यादा बढ़ाते हैं।
आतंकवाद की नई लहर
पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह के हमलों से अफगानिस्ता में आतंकवाद की एक नई लहर शुरू हो सकती है और छोटे समूहों को अंदरूनी सूत्रों का मौन समर्थन प्राप्त है। पिछले साल जब अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान को पूरी तरह से खाली कर दिया था, उसके बाद अफगानिस्तान में हिंदुओं और सिखों की संख्या सिर्फ 600 रह गई है, जिनमें से सिर्फ 92 सिख हैं और जो अभी भी अफगानिस्तान में बचे हुए हैं, वो सुन्नी कट्टरपंथी आतंकियों के हमलों का निशाना बन रहा हैं, जिससे वो देश से बाहर निकलने के लिए विवश हो रहे हैं।

तालिबान ने ली थी रक्षा की जिम्मेदारी
आपको बता दें कि, तालिबान ने इसी हफ्ते दावा किया था कि, अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति को सुलझा लिया गया है और उसने अपने अल्पसंख्यकों, हिंदुओं और सिखों से देश वापस लौटने का आग्रह किया था। तालिबान शासन के राज्य मंत्री के कार्यालय के महानिदेशक, डॉ मुल्ला अब्दुल वसी ने 24 जुलाई को अफगानिस्तान के हिंदू और सिख परिषद के कई सदस्यों के साथ मुलाकात के बाद यह बयान दिया था और अफगानिस्तान के चीफ ऑफ स्टाफ के कार्यालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। वसी ने काबुल में हिंदू और सिख नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और सभी भारतीय और सिख हमवतन से अपील करते हुए कहा था कि, उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समधान कर दिया गया है और जो भी हिंदू और सिख समुदाय के लोग देश छोड़कर गये थे, वो अब अफगानिस्तान लौट सकते हैं।












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