वैक्सीन ले चुके लोगों के मुकाबले कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लड क्लॉट का खतरा काफी अधिक- UK स्टडी
लंदन, अगस्त 27। कुछ महीनों पहले कोरोना वैक्सीन से ब्लड क्लॉट के मामले कई देशों में सामने आए थे। इसकी वजह से उन देशों में वैक्सीनेशन पर कुछ समय के लिए रोक भी लगा दी गई थी। हालांकि बाद में उस रोक को हटा लिया गया था, लेकिन इस बीच यूके में हुई एक स्टडी के नतीजों में सामने आया है कि वैक्सीन की पहली डोज की तुलना में कोरोना संक्रमण से ब्लड क्लॉट का खतरा अधिक है।

फाइजर और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ले चुके लोगों पर हुई स्टडी
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ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी इस स्टडी के नतीजों में सामने आया है कि फाइजर और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लेने की तुलना में कोरोना संक्रमण से ब्लड क्लॉट होने का खतरा ज्यादा है। आपको बता दें कि ये स्टडी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में की गई है। इस स्टडी में 29 मिलियन से अधिक लोगों को शामिल किया गया है, जिन पर दिसंबर 2020 से लेकर अप्रैल 2021 तक नजर रखी गई। इन सभी लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की पहली डोज दी गई। डोज लेने वाले 1 करोड़ लोगों में से 66 को ब्लड क्लॉटिंग जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। इनमें से कुछ की तो अस्पताल में मौत भी हुई है।
लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं- शोधकर्ता
इस स्टडी का हिस्सा रहे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जूलिया हिप्पीस्ले कॉक्स ने कहा है कि लोगों को कोरोना का टीका लेने के बाद इन बढ़े हुए जोखिमों के बारे में पता होना चाहिए और लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। प्रोफेसर ने कहा कि हालांकि उन लोगों को ये भी ध्यान रखना चाहिए कि अगर वो कोरोना संक्रमित हो जाते हैं तो ब्लड क्लॉट का खतरा काफी अधिक हो जाता है।












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