‘आपको आपके एक साल के मरे हुए भाई का वास्ता...रोक दें लड़ाई’, अमेरिका की पुतिन से भावुक अपील
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि, "प्रत्येक रूसी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लेनिनग्राद की भयानक घेराबंदी के बारे में एक सबक हासिल की है और वो उसके बारे में जानते हैं।'
वॉशिंगटन/मॉस्को, मार्च 08: युद्ध के बीच यूक्रेनी शहरों की स्थिति अब काफी बिगड़ती जा रही है और हजारों लोगों के सामने अब भुखमरी की नौबत आती जा रही है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनके एक साल के मरे हुए भाई की दुहाई देते हुए लड़ाई को रोक देने की अपील की है। यानि, अमेरिका अब रूसी राष्ट्रपति को भावनात्मक तौर पर युद्ध की विभीषिका समझाते हुए उनसे लड़ाई रोकने का आग्रह कर रह है।

‘मरे हुए भाई का वास्ता...’
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने निजी जीवन के बारे में बहुत कम खुलासा किया है। लेकिन अतीत में व्लादिमीर पुतिन को कई बड़े जख्म मिल चुके हैं और लेनिनग्राद की लड़ाई में लगभग 900 दिनों की घेराबंदी के दौरान उनके भाई विक्टर की मृत्यु हो गई थी और अब अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति को उनके भाई का वास्ता दिया है। आपको बता दें कि, लेनिनग्राद में 900 दिनों की घेराबंदी के दौरान करीब 10 लाख से ज्यादा लोग मारे गये थे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने युद्ध में बर्बादी को मानवीय तबाही बताते हुए रूस राष्ट्रपति को सीधे तौर पर उनके परिवार का वास्ता दिया है और उनसे युद्ध रोकने की अपील की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री की अपील
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि, "प्रत्येक रूसी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लेनिनग्राद की भयानक घेराबंदी के बारे में एक सबक हासिल की है और वो उसके बारे में जानते हैं। जिसमें उस शहर की नागरिक आबादी को व्यवस्थित रूप से भूखा रखा गया था और जानबूझकर लगभग 900 दिनों में बर्बाद कर दिया गया था, जिससे सैकड़ों हजारों मौतें हुईं।" उन्होंने एक यात्रा के दौरान लातवियाई राजधानी रीगा में ये बातें कहीं हैं। एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि, 'उस घेराबंदी ने राष्ट्रपति पुतिन सहित लाखों रूसी परिवारों को प्रभावित किया था, और उसमें एक पीड़ित राष्ट्रपति पुतिन के भाई भी थे, जिनकी मौत हो गई थी।''

‘अब लोगों को भूखे मार रहा रूस’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि, 'अब, रूस मारियुपोल जैसे शहरों को भूख से मार रहा है। यह शर्मनाक है।' आपको बता दें कि, यूक्रेन कहा है कि, दक्षिणी बंदरगाह शहर मारियुपोल में सैकड़ों हजारों लोग बिना भोजन और पानी के फंसे हुए हैं, और रूसी सेना लगातार बमबारी कर रही है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रास्ता देने की मांग की है। हालांकि, युद्धविराम को रोकने के लिए अभी तक दो दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसका नतीजा नहीं निकल पाया।

लातविया को रक्षा का वचन?
एंटनी ब्लिंकेन की इस क्षेत्र की यात्रा लातविया जैसे सहयोगियों को आश्वस्त करने के प्रयास का एक हिस्सा है, कि अमेरिका और नाटो उनकी रक्षा करेंगे, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री ने इतिहास के उदाहरण का इस्तेमाल रूसी राष्ट्रपति से अपील करने को लेकर की है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भयावह नुकसान सहा था, जिसमें उस समय लेनिनग्राद में रहने वाला पुतिन का परिवार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। आपको बता दें कि, सितंबर 1941 में जर्मनी की नाजी सेना ने दक्षिण से शहर की घेराबंदी की थी और उत्तर में फिनलैंड फोर्स ने उनकी मदद की थी।

लेनिनग्राद में भीषण नरसंहार
लेनिनग्राद की घेराबंदी आधिकारिक तौर पर 872 दिनों तक की गई थी और आज भी कई इतिहासकारों का मानना है कि, ये इतिहास में जानबूझकर किया गया सबसे बड़ा नरसंहार है। अपनी जीवनी 'फर्स्ट पर्सन' में भी व्लादिमीर पुतिन ने लेनिनग्राद के बारे में बताया है। हालांकि, पुतिन का जन्म साल 1952 में हुआ था, लेकिन उन्होंने जीवनी में बताया है कि, लेनिनग्राद की घेराबंदी की वजह से उनका पूरा परिवार भुखमरी के करीब पहुंच गया खा और उनकी मां अपना होश खो बैठी थीं और उन्हें लाशों के साथ रखा गया था, लेकिन तभी किसी ने उनकी कराह सुन ली और फिर उनकी जान बची थी। साल 2012 में सेंप पीटर्सबर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाई विक्टर के बारे में बात की थी।

पुतिन की भावुक कहानी
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, इस कार्यक्रम में रूसी राष्ट्रपति ने अपने परिवार की थोड़ी कहानी बताई थी और कहा था कि, साल 1941 में उनके माता-पिता लेनिनग्राद में थे और उस वक्त परिवारों से उनके बच्चो की जान बचाने के नाम पर लिया जा रहा था और मेरी मां से भी उनके बेटे विक्टर को ले लिया गया था। लेकिन, उनकी मां ने बताया कि, उनका भाई विक्टर मर गया था। पुतिन ने कार्यक्रम में कहा था कि, 'उनकी मां ने कभी ये नहीं बताया, कि भाई विक्टर को कहां दफनाया गया था।' और अब जबकि यूक्रेन में रूसी सेना भयंकर युद्ध लड़ रही है, तो एक बार फिर से अमेरिका की तरफ से पुतिन को उनके मारे गये भाई का वास्ता देकर युद्ध रोकने की अपील की गई है।

‘पूरी ताकत से रूस ने किया है हमला’
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि, अमेरिका ने ऐसी जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है, जो इस बात का सबूत दे सकती है, कि क्या नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है? जबकि एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि पुतिन ने अब अपने लगभग 100 प्रतिशत आक्रमण बलों को यूक्रेन में भेज दिया है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर संवाददाताओं से कहा, "अब हम आकलन कर रहे हैं कि पुतिन ने अपनी युद्धक शक्ति का लगभग 100 प्रतिशत यूक्रेन में लड़ने के लिए भेज दिया है।" आक्रमण शुरू होने से पहले, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि, उनका अनुमान है कि, रूस ने यूक्रेन की सीमाओं के पास करीब डेढ़ लाख सैनिकों को जमा कर रखा है।












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