ChatGPT के मुरीद हुए बिल गेट्स, बोले- आने वाले वक्त में नौकरियों को बनाएगा और आसान
बिल गेट्स ने कहा कि ChatGPT कई ऑफिसों में नौकरियों को और अधिक कुशल बना देगा। उन्होंने कहा कि ये अब तक के सभी पिछले AI से आगे की चीज है।

Image: Oneindia
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के पूर्व नंबर-1 अमीर शख्स बिल गेट्स ने ChatGPT की दिल खोलकर सराहना की है। उन्होंने ChatGPT के बारे में बात करते हुए कहा कि ये दुनिया बदलने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि ये अब तक के सभी पिछले AI से आगे की चीज है। आपको बता दें कि OpenAI द्वारा प्रशिक्षित ChatGPT एक उन्नत AI चैटबॉट है जो यूजर के सवालों का जवाब देता है।

नौकरियों कोऔर कुशल बनाएगा ChatGPT
शुक्रवार को प्रकाशित जर्मन व्यापार दैनिक हैंडेल्सब्लैट को दिए एक इंटरव्यू में बिल गेट्स ने कहा कि ये चैटबॉट कई कार्यालय की नौकरियों को और अधिक कुशल बना देगा। बिल गेट्स ने जर्मन बिजनेस डेली को बताया कि इससे पहले का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ और लिख तो सकता था, लेकिन कंटेंट को समझने की क्षमता उसके पास नहीं थी। लेकिन ये अलग है और उनसे आगे है। ChatGPT जैसी तकनीक कई कार्यालय की नौकरियों को और अधिक कुशल बनाएंगे। उन्होंने इस पर यकीन जताते हुए कहा कि ये हमारी दुनिया बदल देगा।

बाकियों से स्पेशल क्यों है ChatGPT ?
बता दें कि कुछ ही समय में ChatGPT यूजर्स 100 मिलियन के पार पहुंच गए हैं और दुनिया भर में इसे गजब की लोकप्रियता मिली है। निबंध लिखने, भाषण तैयार करने, एग्जाम में मदद जैसे कितने ही काम ChatGPT कुछ ही सेकंड में खत्म कर दे रहा है। इस कारण ChatGPT के यूजर्स में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। ChatGPT को खास इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये समझता है कि भाषा कैसे काम करती है और शब्दों का क्या अर्थ है। यह दिए गए प्रॉम्प्ट के लिए ऐसे जवाब तैयार करता है, जो देखने में ऐसे लगते हैं जैसे किसी मनुष्य ने लिखे हों। चैट जीपीटी हर प्रॉम्प्ट में अगले शब्द का अनुमान लगाकर या सवाल के आधार पर या अपने ट्रेनिंग डेटा के आधार पर सवाल का जवाब देता है।

ChatGPT में माइक्रोसॉफ्ट का अरबों का निवेश
ChatGPT को एक कैलिफोर्निया बेस्ड स्टार्टअप OpenAI ने डेवलेप किया है। इस स्टार्टअप की शुरुआत साल 2015 में हुई। साल 2019 में माइक्रोसॉफ्ट ने OpenAI में एक बिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसके अलावा हाल ही में भी स्टार्टअप ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ कई बिलियन डॉलर की डील की है। एलन मस्क समेत कई अन्य कंपनियों ने भी इस स्टार्टअप में निवेश किया हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि उसके सर्च इंजन बिंग को ChatGPT से लैस करने से ऑनलाइन सर्चिंग जबरदस्त तरीके से अपग्रेड होगी।

गूगल को मिल रही सबसे अधिक चुनौती
ChatGPT के आने से गूगल पर खतरे के बादल मंडराने शुरू हैं ऐसे में अब गूगल में खेल पलटने की पूरी तैयारी कर ली है। गूगल अब एक ऐसा AI टूल लेकर आई है जो ChatGPT को कांटे की टक्कर दे सकता है। गूगल ने बार्ड नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस टूल को लांच कर दिया है। ह असल में एक चैटबॉट है जो ठीक उसी तरह से लोगों के सवालों का जवाब देता है जिस तरह से ChatGPT को तैयार किया गया है। यह टूल ना सिर्फ बेहद ही क्रिएटिव है बल्कि धमाकेदार तरीके से जानकारी एकत्रित करके लोगों तक पहुंचाता है और इसका रिस्पांस टाइम काफी कम है। ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाला वक्त में माइक्रोसॉफ्ट और गूगल में जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है।












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