'आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करिए, नहीं तो हम करेंगे', तालिबान को बिलावल भुट्टो की गीदड़भभकी
Bilawal bhutto Taliban: पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने मंगलवार को कहा है, कि अगर अफगान की अंतरिम सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहती है, तो पाकिस्तान के पास अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, काबुल के अंदर छिपे आतंकवादियों के खिलाफ "आत्मरक्षा" में कार्रवाई करने का विकल्प है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने तालिबान को उस वक्त चेतावनी दी है, जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दो दिन पहले भीषण बम धमाका हुआ है, जिसमें मरने वालों की संख्या 50 को पार कर गई है। हालांकि, मीडिया से बात करते हुए बिलावल ने साफ किया, कि यह उनकी सरकार के लिए पहला विकल्प नहीं होना चाहिए।

तालिबान को बिलावल की धमकी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने तालिबान को दोहा समझौते की भी याद दिलाई। जबकि, तालिबान पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान को कह चुका है, कि दोहा समझौता उसके और अमेरिका के बीच हुआ था, पाकिस्तान के साथ नहीं।
आपको बता दें, कि दोहा समझौते के मुकाबिक, तालिबान ने लिखित रूप में अमेरिका को आश्वासन दिया था, कि आतंकवादी समूहों को अफगानिस्तान के अंदर अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही कोई आतंकवादी समूह अफगानिस्तान के अंदर से किसी अन्य देश पर हमला करेगा।
लेकिन, अब पाकिस्तान इस तरह से बात कर रहा है, जैसे तालिबान ने दोहा समझौता उसके साथ किया था।
ये वही पाकिस्तान है, जो 15 अगस्त 2021 को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद जश्न मना रहा था और पटाखे फोड़ रहा था, लेकिन अब तालिबान की इजाजत से, टीटीपी और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान में बम फोड़ रहे हैं।
बिलावल भुट्टो का बयान खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर में हुए खून-खराबे के बाद आया है, जब एक आत्मघाती हमलावर ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल की एक राजनीतिक रैली में विस्फोट कर दिया था, जिसमें अब तक 54 लोग मारे गए हैं, जबकि 200 अन्य घायल हो गए हैं। अस्पतालों में अभी भी दर्जनों की हालत गंभीर है।
तालिबान की शह पर पाकिस्तान में हमले
तालिबान ने पिछले महीने अपने कई बयानों में साफ शब्दों में कहा है, कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की समस्या है और उसे ही उसका हल करना चाहिए।
अफगानिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन दाएश (ISIS) समूह ने सोमवार को बाजौर में हुए इस भीषण हमले की जिम्मेदारी ली है। पहले भी टीटीपी और आईएसआईएस अफगानिस्तान के अंदर से पाकिस्तान के खिलाफ हमले करता रहा है।
पाकिस्तान के प्रधान मंत्री और सेना प्रमुख सहित पाकिस्तानी नेतृत्व ने पाकिस्तान के खिलाफ हमलों को रोकने में असमर्थता पर काबुल के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है, लेकिन तालिबान अपने में मस्त है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में आयोजित एक समारोह के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कहा, कि "पाकिस्तान के वहां (अफगानिस्तान के अंदर) जाने और इन आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में, हम ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, हमें आत्मरक्षा का अधिकार है।"
प्रतिबंधित टीटीपी और अन्य आतंकवादी समूहों द्वारा पाकिस्तान पर जारी आतंकवादी हमलों पर टिप्पणी करते हुए बिलावल ने कहा, कि अब समय आ गया है कि अंतरिम अफगान सरकार इन आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
उन्होंने कहा, "अगर हम पर बार-बार इस तरह से हमला किया जाता है और कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो हम ऐसा करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए पहले विकल्पों में से एक होना चाहिए।"
एफएम ने कहा कि काबुल की तालिबान सरकार को टीटीपी और अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है जो पाकिस्तान को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अगर उन्हें (अफगान सरकार) किसी मदद की जरूरत है, तो मुझे लगता है कि पाकिस्तान को उनकी मदद करने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमारी प्राथमिकता यह होगी, कि हम चाहते हैं कि वहां के अधिकारी, अंतरिम सरकार, उनके खिलाफ कार्रवाई करें।"












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