जर्नलिस्ट Roman Protasevich को पकड़ने के लिए सरकार ने भेजा फाइटर जेट, आसमान में प्लेन को घेरा
रोमन प्रोतसाविक के विमान को जबरदस्ती मिंस्क एयरपोर्ट पर उतारा गया और फिर उन्हें बेलारूस की सरकार ने गिरफ्तार कर लिया।
मिंस्क/बेलारूस, मई 24: सरकार की आलोचना करना अकसर पत्रकारों को भारी पड़ जाता है और हमेशा से यही होता आया है कि तानाशाही सरकारें जरा सी आलोचना से घबरा जाती हैं और पत्रकारों पर अत्याचार करने से नहीं चूकती हैं। जैसा फिल्मों में स्टंट होता है और आसमान में किसी अपराधी को पकड़ा जाता है, ठीक वैसे ही बेलारूस की सरकार ने एक पत्रकार को पकड़ने के लिए फाइटर जेट को भेज दिया। रोमन प्रोतसाविक नाम के जर्नलिस्ट फ्लाइट से दूसरे देश जा रहे थे लेकिन उनके विमान को जबरन लैंड कराया गया और फिर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। जिसके बाद पूरी दुनिया में बेलारूस की आलोचना की जा रही है।

आसमान में जर्नलिस्ट अरेस्ट
रिपोर्ट के मुताबिक रोमन प्रोतसाविक के विमान को जबरदस्ती मिंस्क एयरपोर्ट पर उतारा गया और फिर उन्हें बेलारूस की सरकार ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, बेलारूस की सरकारी मीडिया ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि विमान में बम होने की खबर मिलने के बाद उसे आपातकालीन स्थिति में उतारा गया है। लेकिन बेलारूस सरकार के इस रवैये पर पश्चिमी देशों ने जमकर नाराजगी जताई है और कहा है कि बेलारूस की सरकार ने जो किया है वो एक आतंकी घटना है।

जर्नलिस्ट को पकड़ने भेजा फाइटर जेट
रिपोर्ट के मुताबिक रायनएयर की फ्लाइट ग्रीस से लिथुआनिया जा रही थी और बेलारूस की सरकार ने फाइटर जेट भेजकर विमान को जबरन राजधानी मिंस्क पर उतार लिया। विदेशी मीडिया के मुताबिक बेलारूस की सरकार ने विमान को पकड़ने के लिए मिग-29 फाइटर जेट को भेजा था। मिंस्क एयरपोर्ट पर काफी देर तक विमान को रोका गया और आखिरकार 7 घंटे की देरी के बाद लिथुआनिया पहुंची। यात्रियों के मुताबिक जब उन्होंने फ्लाइट को आपातकालीन स्थिति बताकर उतारने की वजह जाननी चाही तो उन्हें एयरपोर्ट प्रशासन की तरफ से अजीबोगरीब वजहें बताई गई। वहीं, एक यात्री के मुताबिक बेलारूस की सरकार की तरफ से की गई अचानकर कार्रवाई ने जर्नलिस्ट रोमन प्रोतसाविक को काफी डरा दिया था और उन्होंने फ्लाइट के अंदर लोगों से कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से मौत की सजा सुनाई गई है।

कौन हैं जर्नलिस्ट रोमन प्रोतसाविक
रोमन प्रोतसाविक की उम्र 26 साल है और उन्होंने पिछले दिनों पोलेंड की न्यूज एजेंसी नेक्सटा के लिए काम किया था। इस न्यूज एजेंसी का टेलीग्राम और यूट्यूब चैनल है। ये न्यूज एजेंसी बेलारूस की सरकार के खिलाफ खबरें दिखाने के लिए जाना जाता है। पिछले साल इस चैनल ने बेलारूस के राष्ट्रपति के खिलाफ काफी खबरें दिखाई थीं, जिसके बाद बेलारूस की सरकार ने रोमन प्रोतसाविक के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए थे। उनके ऊपर सरकार विरोधी खबरें दिखाकर बेलारूस में दंगा भड़काने का भी इल्जाम लगाया गया। जिसके बाद जर्नलिस्ट रोमन प्रोतसाविक ने 2019 में बेलारूस छोड़ दिया था। जिसके बाद बेलारूस की सरकार ने उन्हें एक आतंकी बताते हुए उन्हें मौत की सजा सुना दी थी।












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