'Bangladesh को पैसा देने के लिए इंदिरा गांधी ने लगाया था टैक्स', निशिकांत दुबे के आरोप कितने सही?

Bangladesh Hindu Attack: बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले वैश्विक चिंता का विषय बने हुए हैं। कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मृत्यु ने स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

इस बीच, भारत में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए 1971 के 'रिलीफ टैक्स' पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इतिहास के संदर्भों के जरिए वर्तमान स्थिति की विफलता पर कटाक्ष किया है, जिससे यह मुद्दा अब कूटनीतिक के साथ-साथ राजनीतिक भी हो गया है।

Bangladesh violence

Nishikant Dubey Indira Gandhi relief tax: निशिकांत दुबे का 'रिफ्यूजी टैक्स' पर प्रहार

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर 1971 के एक डाक टिकट की तस्वीर साझा कर नया विवाद छेड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी सरकार ने बांग्लादेशी शरणार्थियों की मदद के लिए भारतीयों पर बस, सिनेमा टिकट और स्टाम्प ड्यूटी पर अतिरिक्त टैक्स लगाया था। दुबे का तर्क है कि जिस बांग्लादेश की मदद के लिए भारत के आम नागरिक ने अपना पैसा दिया, आज वहीं के हिंदू नारकीय जीवन जीने और अत्याचार सहने को मजबूर हैं।

ये भी पढे़ं: Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिन्दुओं को मरने के लिए छोड़ दिया? घर के बाहर निकलने से डर रहे लोग

यही दिन देखने के लिए टैक्स लगाया था- दुबे

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर इदिरा गांधी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि, हिंदुओं को बांग्लादेश में कैसे जलाया जाए, उसके लिए इंदिरा गांधी जी ने 1971 से 1974 तक हम भारतीयों पर 5 पैसे प्रत्येक बस टिकट पर,25 पैसे सभी सिनेमा टिकट पर,2 रुपए प्रत्येक स्टाम्प पर टैक्स बांग्लादेशी को देने के लिये लगाया । यही दिन देखने के लिए?

ये भी पढे़ं: Bangladesh Violence: 7 साल की बच्ची को जिंदा जलाया, एक दिन पहले हिन्दू युवक की कर दी थी हत्या

1971 refugee tax: निशिकांत दुबे के दावों में कितनी सच्चाई?

निशिकांत दुबे द्वारा साझा किए गए टैक्स और डाक टिकट के तथ्य ऐतिहासिक रूप से सही हैं, लेकिन उनके द्वारा निकाला गया निष्कर्ष राजनीतिक है। 1971 के युद्ध के दौरान लगभग 1 करोड़ शरणार्थी भारत आए थे, जिनके भोजन और आश्रय का खर्च उठाने के लिए इंदिरा गांधी सरकार ने 'रिफ्यूजी रिलीफ' एक्ट के तहत डाक टिकटों, सिनेमा टिकटों और यात्रा पर 5 पैसे से लेकर 2 रुपये तक का अतिरिक्त उपकर (Cess) लगाया था।

भारत सरकार का बजट 1971-72 और 1972-73 के दौरान शरणार्थी संकट और युद्ध के कारण 2192 करोड़ से बढ़कर 2839 करोड़ हो गया था। यह टैक्स इसी बढ़े हुए वित्तीय बोझ को कम करने के लिए लगाया गया था, जिसे बाद में 31 मार्च 1973 को समाप्त कर दिया गया।

ये भी पढे़ं: Bangladesh Violence: चटगांव IVAC पर लगा ताला, भारतीय वीजा सेवाएं बंद, कब शुरू होंगी सर्विस?

उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा तेज

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लगातार हिंसा का शिकार हो रहा है। घरों को जलाना, मंदिरों में तोड़फोड़ और संपत्तियों पर कब्जे की खबरें आम हो गई हैं। यूनुस सरकार ने सुरक्षा का भरोसा तो दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कट्टरपंथी समूहों पर लगाम कसने में वह विफल नजर आ रही है।

बांग्लादेश में कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ गई है। इस घटना ने उग्रवादी तत्वों को और सक्रिय कर दिया है, जिससे आम जनता के बीच डर का माहौल है। इस हिंसा की सबसे अधिक गाज हिंदुओं पर गि

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+