भारत के एक्शन के बाद बांग्लादेश हुआ बेचैन, भारतीयों के लिए वीजा सर्विस को किया सस्पेंड
Bangladesh suspended visa services: भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के बीच, बांग्लादेश ने न बांग्लादेश ने नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग व त्रिपुरा मिशन में कांसुलर और वीज़ा सर्विस अस्थायी रूप से निलंबित कर दी है। विदेश मंत्रालय की घोषणा के तहत, यह निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू है और "अगले आदेश तक" जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, दोनों दूतावासों के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों और भारत ने बांग्लादेश के चटगांव स्थित अपने वीज़ा सेंटर पर सर्विस रोकने के जवाब में बांग्लादेश दूतावास का ये फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी निजी वीज़ा ऑपरेटर ने सेवाएँ रोक दी हैं। इस फैसले से वीज़ा, पासपोर्ट और दूतावास संबंधी अन्य सहायता चाहने वाले आवेदक प्रभावित होंगे।

बांग्लादेश ने जारी किया ये बयान
याद रहे बांग्लादेश 7 जनवरी को होने वाले अपने आम चुनावों की तैयारी कर रहा है। इसी बीच बांग्लादेश हाई कमीशन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण, नई दिल्ली स्थित मिशन से सभी कांसुलर और वीज़ा सेवाएं अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित की जाती हैं। इस अस्थायी असुविधा के लिए हमें खेद है।"
क्या-क्या सर्विस रहेंगी सस्पेंड?
अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण, इस मिशन की सभी वाणिज्य दूतावास सर्विस जिसमें वीज़ा, नो वीज़ा रिक्वायर्ड, पावर ऑफ अटॉर्नी, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज़ सत्यापन अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी।
भारत ने पहले क्यों रोकी वीजा सर्विस?
भारत ने चटगांव स्थित इंडियन वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) में सुरक्षा हालात और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए अपनी वीज़ा सेवाएं अगले आदेश तक रोक दी थीं। इस पूरे घटनाक्रम की प्रमुख वजह बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत है, जिसने दोनों देशों के संबंधों में कटुता बढ़ा दी है। हादी पिछले साल प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे, और उनकी मौत के बाद से दक्षिण-पूर्वी एशियाई क्षेत्र में तनाव कायम है।

'खून-खराबे' की चेतावनी दी थी
सूत्रों के मुताबिक, इन प्रदर्शनकारियों ने राजशाही स्थित एक अन्य भारतीय वीज़ा सेंटर पर 'खून-खराबे' की चेतावनी दी थी और आवश्यकता पड़ने पर हथियार उठाने की भी बात कही थी। आजतक में सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार यह कदम शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद बांग्लादेश में फैली अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच उच्चायोग कर्मचारियों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।












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