शेख हसीना के कार्यकाल में भारत के साथ हुए समझौतों को रद्द कर सकता है बांग्लादेश, मालदीव मोड में मोहम्मद यूनुस?
Bangladesh-India News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मंत्री तौहीद हुसैन ने रविवार को कहा है, कि नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार भारत के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (MoUs) की समीक्षा कर सकती है और उन्हें रद्द कर सकती है।
बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने कहा है, कि "अगर अंतरिम सरकार को लगता है, कि शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ किए गये समझौते देश के लिए फायदेमंद नहीं हैं, तो वो उन्हें रद्द किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, एमओयू की समीक्षा के बारे में कोई आधिकारिक कम्युनिकेशन नहीं है, लेकिन भारत सरकार का मानना है, कि यह बांग्लादेश में नई सरकार की ये प्रारंभिक सोच है और जब इस सरकार का विकास होता, तो उनके विचार बदलेंगे।
सूत्रों ने बताया है, कि नई सरकार का मानना है, कि शेख हसीना भारत के करीब थीं और उन्होंने सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करते समय भारत को लाभ पहुंचाया है।
वहीं, यह पूछे जाने पर, कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो 5 अगस्त को सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत भाग गई थीं, उन्हें प्रत्यर्पित किया जाएगा, बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने कहा, कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग करेगी। इससे पहले उन्होंने कहा था, कि बांग्लादेश चाहता है कि शेख हसीना को उनके खिलाफ दर्ज मामलों के लिए भारत उन्हें सौंप दे, क्योंकि उनका डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पहले ही रद्द हो चुका है।
सूत्रों ने बताया, कि भारत सरकार शेख हसीना को सौंपने पर तभी विचार करेगी, जब उसे ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त होगा।
आपको बता दें, कि जून 2024 में शेख हसीना ने जब नई दिल्ली का दौरा किया था, उस वक्त उन्होंने भारत सरकार के साथ 10 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें से सात नए थे और तीन का नवीनीकरण किया गया था। शेख हसीना की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए थे।












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