बांग्लादेश की विदेश नीति को 'कुचलने' की तैयारी, चीन ने खुलेआम अंजाम भुगतने की दी धमकी
ढाका में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने कहा कि अगर बांग्लादेश क्वाड में किसी भी तरह से भागीदारी निभाने की कोशिश करता है तो उससे चीन और बांग्लादेश के संबंध बुरी तरह प्रभावित होंगे।
ढाका, मई 11: चीन ने दादागिरी दिखाते हुए बांग्लादेश को कड़ी चेतावनी दी है। कोरोना वायरस को फैलाने वाले चीन ने बांग्लादेश को धमकी दी है कि अगर उसने चालाकी करने की कोशिश की तो उसे गंभीर अंजाम भुगतना होगा। ये धमकी कहीं और नहीं, बल्कि चीन ने बांग्लादेश के अंदर ही बांग्लादेश को दी है। चीन ने बांग्लादेश को धमकाते हुए कहा कि अगर बांग्लादेश क्वाड में किसी भी तरह की कोई भागीदारी निभाने की कोशिश करता है, तो उसे गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। चीन ने धमकी देते हुए कहा कि बांग्लादेश की क्वाड में किसी भी तरह की भागीदारी चीन के बर्दाश्त से बाहर की चीज है और अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर चीन-बांग्लादेश संबंध पर पड़ेगा।

बांग्लादेश को धमकी
ढाका में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने कहा कि 'अगर बांग्लादेश क्वाड में किसी भी तरह से भागीदारी निभाने की कोशिश करता है तो उससे चीन और बांग्लादेश के संबंध बुरी तरह से प्रभावित होंगे'। चीनी राजदूत ने कहा कि 'हम नहीं चाहते हैं कि बांग्लादेश किसी भी तरह से क्वाड के प्रति अपनी भागीदारी को स्पष्ट करे या फिर इस ग्रुप का सहयोगी बने क्योंकि बीजिंग का मानना है कि क्वाड चीन के खिलाफ बना हुआ एक समूह है' चीन के राजदूत ने कहा कि इस मैसेज को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना तक चीन के रक्षामंत्री के द्वारा पहुंचा दिया गया है, जब वो पिछले हफ्ते बांग्लादेश के दौरे पर आये थे। दरअसल, चीन के रक्षामंत्री वेई फेंगहे ने पिछले हफ्ते बांग्लादेश का दौरा किया था और चीन के राजदूत इस दौरे को लेकर जानकारी दे रहे थे।

'भारत बन रहा है नायक'
रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बांग्लादेश की सरकार को कहा है कि साउथ एशिया में चीन के खिलाफ मिलिट्री विकल्प तैयार हो रहा है, जिसमें एक 'नायक' बनाने की कोशिश हो रही है। माना जा रहा है कि चीन का इशारा भारत की तरफ था और क्वाड को लेकर चीन काफी ज्यादा चिढ़ा हुआ है, लिहाजा चीन ने साफ तौर पर बांग्लादेश को चेतावनी दे दी है। दरअसल, चीन का मानना है कि क्वाड के जरिए चीन को भारत अब सीधी चुनौती देने की स्थिति में आ चुका है और भारत को डायरेक्ट तौर पर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का समर्थन हासिल है। ऐसे में चीन नहीं चाहता है कि कोई और भी देश क्वाड में शामिल हो या फिर किसी और देश की क्वाड में किसी भी तरह की भागीदारी हो, लिहाजा चीन अब धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है।

भारत दे रहा है बार बार चुनौती
दरअसल, पिछले दो हफ्ते के दौरान भारत ने चीन को बार बार चुनौती दी है। पहले भारत ने चीन की मेजबानी में आयोजित हो रही साउथ एशियन देशों की वर्चुअल समिट में हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया था। इसके जरिए साउथ एशियन देशों के बीच चीन एक कैप्टन की तरह दिखना चाहता था और दिखाना चाहता था कि साउथ एशियन देशों को चीन मदद करना चाहता है, लेकिन भारत ने चीन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ठीक उसके बात भारत ने चीन को एक और झटका यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में दिया है। जहां चीनी विदेश मंत्री की अध्यक्षता में हो रही विदेश मंत्रियों की बैठक का भारतीय विदेश मंत्री ने बहिष्कार कर दिया था। ऐसे में चीन भारत से चिढ़ा हुआ है। वहीं, बांग्लादेश और भारत के संबंध काफी अच्छे हैं, जिसकी वजह से चीन को डर है कि भारत साउथ एशिया में उसके लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

श्रीलंका ने भी चीन को दिखाया अंगूठा
वहीं, चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ने कहा है कि श्रीलंका ने भी विदेश नीति को लेकर चीन को अंगूठा दिखा दिया है। दरअसल, कर्ज देकर चीन छोटे देशों की विदेश नीति को अपने हिसाब से चलाना चाहता है। लेकिन पिछले हफ्ते श्रीलंका ने चीन को साफ साफ कहा है कि श्रीलंका की विदेश नीति स्वतंत्र है और वो इसमें किसी भी देश का दखल बर्दाश्त नहीं कर सकता है। श्रीलंका ने चीन को साफ साफ कहा है कि वो अपनी विदेश नीति किसी बड़ी शक्ति के प्रभाव में बदल नहीं सकता है।












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