Baltimore Bridge: अमेरिका में पुल से टकराने वाले जहाज पर अभी भी क्यों मौजूद हैं भारतीय चालक दल के सदस्य?
Baltimore Bridge Indian Crew: अमेरिका के बाल्टीमोर शहर में पिछले हफ्ते एक मालवाहक जहाज पुल से किसी फिल्म के सीन की तरह टकरा गया था, जिसमें सवार सभी चालक दल के 20 सदस्य भारतीय थे। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हुई थी और हादसे से पहले ही अधिकारियों को 'हादसा होने' की जानकारी देकर बहुत बड़े हादसे को रोक दिया गया था।
लेकिन, इस हादसे के चार दिनों के बाद भी अभी तक सभी 20 भारतीय चालक दल के सदस्य उसी मालवाहक जहाज पर मौजूद हैं, जो पुल से टकरा गया था। ये हादसा तब हुआ था, जब 4700 से ज्यादा कंटेनर को लेकर चल रहे इस जहाज में बिजली चले जाने की वजह से इसका इंजन फेल गया था, और चालक दल जहाज को कंट्रोल नहीं कर पाया और ये जहाज जाकर पुल से टकरा गया था।

हादसे में पुल भरभराकर पानी में गिर गया, जिसकी वजह से बाल्टीमोर बंदरगाह का शिपिंग चैनल बंद हो गया है। बचाव दल लगातार मलबे को हटाने के लिए काम कर रहा है, ताकि ये शिपिंग चैनल फिर से शुरू हो सके। ये पुल अमेरिका के बाल्टीमोर बंदरगाह के पास है, जो अहम व्यापारिक बंदरगाह है, लिहाजा सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हो गई है।
जहाज पर ही क्यों मौजूद हैं भारतीय चालक दल के सदस्य?
लेकिन, अभी तक चालक दल के सभी 20 सदस्य मालवाहक जहाज पर ही मौजूद हैं। उन्हें आपदा की जांच कर रहे अधिकारियों की पूछताछ का जवाब देते हुए, इसकी संचालन क्षमता बनाए रखने का काम सौंपा गया है।
भारत ने गुरुवार को कहा है, कि वह मैरीलैंड में दुर्घटना के बाद जहाज पर सवार भारतीयों और स्थानीय अधिकारियों के साथ नजदीकी संपर्क में है।
साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा है, कि जहाज के सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। जयसवाल ने कहा, "चालक दल के 21 सदस्यों में से 20 भारतीय हैं। वे सभी अच्छी हालत में हैं और उनका स्वास्थ्य अच्छा है। उनमें से एक मामूली रूप से घायल हो गया था और उसे कुछ टांके लगाने पड़े। इलाज के बाद वो फिर से जहाज पर वापस चले गए हैं। हमारे दूतावास इस मामले में जहाज पर सवार भारतीयों और स्थानीय अधिकारियों के साथ निकट संपर्क में हैं।"

बहादुरी से टाला था बड़ा हादसा
बाहरी दुनिया तक सीमित संपर्क के बावजूद, भारतीय चालक दल के सदस्यों ने टक्कर से पहले तेजी से एक इमरजेंसी कॉल प्रसारित किया था, जिसके बाद पुल से गुजरने वाली यातायात को फौरन ब्लॉक कर दिया गया था। जिसकी वजह से भारी संख्या में लोगों की जान बच गई।
अभी भी हादसे की जांच चल रही है, लेकिन कई दिनों से जहाज पर मौजूद होने की वजह से भारतीय क्रू मेंबर्स की मनोदशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बाल्टीमोर इंटरनेशनल सीफरर्स सेंटर के जोशुआ मेसिक ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है, कि इस त्रासदी के लिए उन्हें भारी जिम्मेदारी महसूस हो रही होगी।
लेकिन, फिर भी वो जहाज पर मौजूद हैं और अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। चालक दल के सदस्यों को अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता के ख्याल का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, मलबे के बीच जहाज के फंसे होने की वजह से वो घर कब आएंगे, फिलहाल इसको लेकर भी अनिश्चितता होगी।
जबकि, जहाज की प्रबंधन कंपनी की सहायता कर रहे क्रिस जेम्स ने कहा, कि भोजन, पानी और ईंधन सहित चालक दल की जरूरतें पूरी की जा रही हैं। लेकिन मलबे से जहाज को निकालने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।
समुद्र व्यापार उद्योग में भारी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स काम करते हैं, लिहाजा लंबे समय तक भारतीय क्रू मेंबर्स का जहाज पर फंसे रहना ध्यान आकर्षित करता है। एक भारतीय क्रू मेंबर्स क्लिस्टन जॉय सिकेरा, जो एक दूसरे मालवाहक जहाज से बाल्टीमोर पहुंचे थे, उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को कहा है, कि "इस घटना के अपने उद्योग और अपने देश पर संभावित असर की आशंका है।" सिकेरा ने कहा, "मुझे डर है कि चूंकि यह दल भारतीय है, इसलिए हमारी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान होगा। और शायद हम नौकरियां खो सकते हैं।"












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