Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

बलूचिस्तान आंदोलन क्या है, कैसे पाकिस्तानी सेना ने हजारों बलूचों को मारा..? इस्लामाबाद में हिसाब माग रहे लोग

Balochistan Movement: बलूचिस्तान के चमन इलाके में पिछले 64 दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रवेश कर चुका है और बलूचिस्तान की महिलाएं, पाकिस्तानी सेना के जुल्म-ओ-सितम का हिसाब मांग रही हैं।

पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे गरीब, जबरदस्ती के कब्जाया गया प्रांत, बलूचिस्तान लंबे समय से चल रहे विद्रोह का स्थल रहा है। पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में आंदोलन की आवाज को कुंद करने के लिए कठोर ऑपरेशन चलाए और हजारों बलूचों को मार डाला।

Balochistan activist

लेकिन, पिछले महीने नवंबर में एक फर्जी मुठभेड़ में चार बलूचों की हत्या के बाद बलूचिस्तान में गुस्सा फूट पड़ा। हजारों बलूच विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं और तुरबत से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद तक एक मार्च निकाला गया है।

बलूचिस्तान के लोग सेना से लापता बलूचों को लेकर हिसाब मांग रहे हैं। बलूच पूछ रहे हैं, कि वो हजारों लोग कहां हैं, जिन्हें पाकिस्तानी सेना ने नाजायज तरीके से पकड़ा था और जो सालों से लौटकर घर नहीं आए हैं। लिहाजा, जानना जरूरी है, कि आखिर बलूचिस्तान आंदोलन क्या है? बलूचों को पाकिस्तानी सेना ने कैसे गायब किया और क्या, कभी बलूचों को आजादी मिल पाएगी?

बलूचिस्तान आंदोलन क्या है?

बलूचिस्तान 1947 से पहले तक एक आजाद मुल्क था लेकिन 1947 में पाकिस्तान ने पूरे बलूचिस्तान पर कब्जा जमा लिया था और बलूचिस्तान के लोग लगातार आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान पर जुल्म और सितम की हर हद को पार कर दिया और हजारों बलूच नेताओं को मरवा दिया, उन्हें गायब करवा दिया। बलूचिस्तान की आजादी मांगने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान की सरकार और आर्मी ले बचने के लिए देश छोड़कर भागना पड़ा।

अभी भी सैकड़ों बलूच कार्यकर्ता पाकिस्तान की जेलो में बंद हैं या फिर देश छोड़कर भागे हुए हैं।

बलूचिस्तान में प्राकृतिक गैस और खनिज का भंडार है और पाकिस्तान की सरकार इसीलिए बलूचिस्तान में लूट मचाए हुए हैं। पाकिस्तान की सरकार बलूचिस्तान से लूट मार करती है और बाकी पाकिस्तान की पेट भरती है।

बलूचिस्तान के पास जो प्राकृतिक संसंधान हैं, उससे बलूचिस्तान को कोई फायदा नहीं मिलता है। पाकिस्तान ने बलूचिस्तान का भी सौदा चीन के हाथों कर रखा है।

बलूचिस्तान से होकर ही सीपीईसी यानि चायना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर गुजरता है, जो करीब 62 अरब डॉलर का है। बलूचिस्तान के अंदर पाकिस्तान को लेकर भारी नफरत है और पाकिस्तान की सेना दमन के जरिए नफरत को कुचलने की कोशिश करती है।

चीनी परियोजनाओं के खिलाफ गुस्सा

दरअसल, बलूचिस्तान चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट का बेहद अहम हिस्सा है और इस प्रोजेक्ट पर चीन ने करीब 62 अरब डॉलर का दांव खेला है और ग्वादर में ही चीन नौसेना का अड्डा बनाने की भी तैयारी कर रहा है, ताकि भारत पर प्रेशर बनाने के साथ साथ चीनी नौसेना फारस की खाड़ी में भी अपनी पकड़ को मजबूत कर सके।

लेकिन, बलूचिस्तान में आजादी समर्थक क्रांतिकारियों ने पाकिस्तान सरकार के साथ साथ चीनियों के खिलाफ भी बिगूल फूंक रखा है और बलूचों पर जुल्म करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों को करारा जवाब दिया जा रहा है।

बलूचिस्तान पर अवैध कब्जा करने वाले पाकिस्तान को अब डर लग रहा है कि अगर बलूचों ने आजादी की आवाज को और भी जरा सी हवा दी गई, तो फिर चीन के निशाने पर सीधा पाकिस्तान ही होगा।

पाकिस्तान के कई पत्रकार कह चुके हैं, कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचों के साथ वही अत्याचार किए हैं, जो पूर्वी पाकिस्तान में किए गये थे और नतीजा बांग्लादेश का निर्माण था। और बलूचों के साथ जो अत्याचार किए जा रहे हैं, उसके नतीजे में पाकिस्तान का एक और विभाजन हो सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+