Balochistan Vs Pakistan: पाकिस्तानी आर्मी को कैसे मार रहे बलूचिस्तानी, वीडियो में दिखाया
Balochistan Vs Pakistan: बलूच लिबरेशन फ्रंट ने पाकिस्तानी सैनिकों के खिलाफ अपने हालिया ऑपरेशन का एक वीडियो जारी किया है। इस फुटेज में बलूच लड़ाके पाकिस्तानी आर्मी के एक चलते हुए सैन्य वाहन को निशाना बनाने के लिए IED लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की शुरुआत दो लड़ाकों द्वारा विस्फोटक तैयार करने से होती है, जिसे बाद में जमीन के अंदर दबा दिया जाता है। बलूच लड़ाकों ने इस ऑपरेशन को हारोफ़-2.0 नाम दिया है, उनका दावा है कि यह पाकिस्तानी सेना के लिए एक सबक है।

रोज हो रहे पाक आर्मी पर हमले
वर्तमान में बलूच लिबरेशन फ्रंट प्लानिंग के तहत रोजाना दो से तीन हमले कर रही है। उनका दावा है कि जब तक पाकिस्तानी सरकार अपनी दमनकारी कार्रवाइयां जारी रखेगी, तब तक ये हमले जारी रहेंगे। ऐसी खबर है कि इन लड़ाकों ने अफगानिस्तान से हथियार हासिल किए हैं, जिन्हें अमेरिका ने छोड़ा था और बाद में ये तालिबान के कब्जे में रहे हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल मुख्य रूप से पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से लड़ने में किया जाता रहा है।
बलूच लड़ाकों की रणनीति में अपडेट
पिछले महीने ही बलूच लड़ाकों द्वारा किए गए IED धमाकों में 20 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इस साल ऐसे हमलों में 80 से ज़्यादा सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। लड़ाके न सिर्फ़ लड़ाई में शामिल हो रहे हैं, बल्कि हर धमाके के तुरंत बाद वीडियो भी जारी कर रहे हैं ताकि पाकिस्तानी सेना के सामने अपनी हिम्मत और क्षमता का प्रदर्शन कर सकें।
1948 से चल रही आजादी की लड़ाई
बलूचिस्तान की आज़ादी की लड़ाई तब से चल रही है जब से यह 1948 में पाकिस्तान का हिस्सा बना था। 2000 के बाद इस आंदोलन ने गति पकड़ी, जब बलूच लिबरेशन फ्रंट और बलूच लिबरेशन फोर्स जैसे समूहों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ़ अपने प्रयास तेज़ कर दिए। ये संगठन पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं के लिए मज़बूत प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं।
विलय होते ही शुरू हुई जंग
बलूचिस्तान में संघर्ष की गहरी ऐतिहासिक जड़ें हैं, जो 1948 में पाकिस्तान में इसके विलय से शुरू होती हैं। समय के साथ, असंतोष बढ़ता गया, जिसके कारण 2000 के बाद स्वतंत्रता के लिए लड़ाई और तेज़ हो गई। आज, बलूच लिबरेशन फ्रंट जैसे समूह रणनीतिक अभियानों और लगातार हमलों के ज़रिए पाकिस्तान के अधिकार को चुनौती देना जारी रखते हैं। बलूच लड़ाके इस बात पर ज़ोर देते हैं कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उन्हें आज़ादी नहीं मिल जाती। उनके अभियान सिर्फ़ नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तानी राज्य द्वारा कथित अन्याय के ख़िलाफ भी है।
पाकिस्तान के अपराध
पाकिस्तान 70 साल से भी ज्यादा वक्त से बलूचिस्तान के लोगों के साथ अत्याचार करता आया है। इसमें नेताओं की हत्या से लेकर , बच्चों महिलाओं और युवतियों के साथ यौन अपराध जैसे घटिया काम पाकिस्तान की आर्मी और नेता करते रहे हैं। बलूचिस्तान में पिछले 50 साल में जो भी बड़ा नेता उभरा, पाकिस्तानी आर्मी ने उसकी हत्या करवा दी। इस लिस्ट में अकबर बुग्ती से लेकर कई नाम हैं जिन्हें अलग-अलग समय पर पाक सरकार ठिकाने लगाती रही है। लेकिन इन हत्याओं ने आजादी के आंदोलन को दबाने की जगह और तेज किया है।
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