'मुझे सिर्फ गोली मार सकते हो'– बलूचिस्तान में प्रेमी जोड़े की हत्या, ऑनर किलिंग में सरदार समेत 14 अरेस्ट
Balochistan Couple Honour Killing : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा जोड़े, बानो बीबी और एहसान उल्लाह, को उनके परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने की सजा के तौर पर दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया।
इस भयावह हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे पाकिस्तान में गुस्से की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने इस 'ऑनर किलिंग' के सिलसिले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें कथित तौर पर हत्या का फरमान जारी करने वाला कबायली सरदार शेरबाज सतकजई भी शामिल है।

क्रूर हत्या का वायरल वीडियो
घटना का वीडियो, जो जून 2025 में ईद-उल-अजहा से तीन दिन पहले बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के पास देगारी के सुनसान रेगिस्तानी इलाके में रिकॉर्ड किया गया, ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। वीडियो में दिखता है कि पिकअप ट्रकों और एसयूवी में सवार हथियारबंद लोग इस जोड़े को एक वीरान क्षेत्र में ले जाते हैं। बानो बीबी, सिर पर शॉल ओढ़े और कुरान की प्रति हाथ में लिए, स्थानीय ब्राहवी भाषा में कहती है, 'मेरे साथ सात कदम चलो, फिर तुम मुझे गोली मार सकते हो।' इसके बाद वह कहती है, 'तुम्हें सिर्फ़ मुझे गोली मारने की इजाजत है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।'
इन शब्दों के साथ बानो ने अपनी मौत को गले लगाया, लेकिन उसकी बहादुरी ने हत्यारों को नहीं रोका। वीडियो में एक आदमी, जो कथित तौर पर बानो का भाई था, उसकी पीठ पर पिस्तौल तानता है और तीन गोलियां दागता है। बानो जमीन पर गिर जाती है, और फिर उसका पति एहसान उल्लाह भी गोलियों का शिकार बनता है। भीड़ खून से सने शवों के पास जयकारे लगाती है, जो इस क्रूरता की भयावहता को और उजागर करता है।
कबायली फरमान और हत्या का आदेश
पुलिस के अनुसार, इस हत्या का आदेश कबायली सरदार शेरबाज सतकजई ने दिया था, जब बानो के भाई ने शिकायत की कि उसकी बहन ने परिवार की सहमति के बिना निकाह किया था। कबायली परिषद (जिरगा) ने जोड़े को 'अनैतिक संबंध' का दोषी ठहराया और उनकी हत्या का फरमान सुनाया। प्रांतीय पुलिस प्रमुख मोअज्जम जाह अंसारी ने पुष्टि की कि बानो को गोली मारने वालों में उसका अपना भाई भी शामिल था।
देश भर में गुस्सा, कार्यकर्ताओं की मांग
20 जुलाई को वीडियो के वायरल होने के बाद, पाकिस्तान में गुस्से और दुख की लहर दौड़ गई। मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलूच समुदाय ने इस क्रूरता की कड़ी निंदा की है। बलूचिस्तान की कार्यकर्ता सम्मी दीन बलूच ने कहा,' यह हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता का अपमान है।' वहीं, बलूचिस्तान की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर आयशा जेहरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'जो जनजातियां लड़कियों को शिक्षा नहीं देतीं, वे 'सम्मान' के नाम पर उनकी हत्या को जायज ठहराती हैं।'
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने हत्यारों को 'दरिंदे' करार देते हुए कड़ी सजा की मांग की। मानवाधिकार कार्यकर्ता फरहतुल्ला बाबर ने बानो की बहादुरी की तारीफ की, जो अपनी मौत से पहले भी डटी रही और उसने हत्यारों से दया की भीख नहीं मांगी।
पुलिस की कार्रवाई, जांच कहां तक?
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का वादा किया है। उन्होंने कहा, 'हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी दोषियों पर मुकदमा चले और उन्हें सजा मिले।' पुलिस ने 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सरदार सतकजई और बानो का भाई शामिल हैं, हालांकि कुछ अन्य संदिग्ध अभी भी फरार हैं। यह मामला अब गंभीर अपराध जांच शाखा को सौंपा गया है, और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इसकी जांच कर रहा है।
ऑनर किलिंग: पाकिस्तान की कड़वी सच्चाई
पाकिस्तान में 'ऑनर किलिंग' एक गंभीर समस्या है। मानवाधिकार आयोग की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कम से कम 405 ऐसी हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें ज्यादातर पीड़ित महिलाएं थीं। बलूचिस्तान में ही 32 मामले सामने आए, लेकिन केवल एक में सजा हुई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है, क्योंकि कई मामले दर्ज ही नहीं होते।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि पितृसत्तात्मक मानदंड और कबायली परंपराएं कैसे महिलाओं के अधिकारों का हनन करती हैं। कार्यकर्ता और संगठन सरकार से ऐसी हत्याओं को रोकने के लिए सख्त कानून और प्रभावी प्रवर्तन की मांग कर रहे हैं।
क्या बानो की बहादुरी लाएगी बदलाव?
बानो बी बी की आखिरी बातें, 'मुझे सिर्फ़ गोली मार सकते हो', न केवल उनकी निडरता को दर्शाती हैं, बल्कि पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की गहरी जड़ों को भी उजागर करती हैं। यह वीडियो और इसके बाद हुए आक्रोश ने एक बार फिर सवाल उठाया है कि क्या पाकिस्तान ऐसी क्रूर परंपराओं को खत्म करने के लिए तैयार है? क्या बानो और एहसान की मौत व्यर्थ जाएगी, या यह समाज में बदलाव की शुरुआत होगी?
अब सबकी निगाहें बलूचिस्तान पुलिस और सरकार पर हैं, जो इस मामले में न्याय का वादा कर रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई केवल वायरल वीडियो के दबाव में है, या यह वास्तव में बदलाव की दिशा में एक कदम है?
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