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जिसे कुत्ते का बच्‍चा समझ घर लाई महिला, वो निकला विलुप्‍त हो रहे इस प्रजाति का जानवर

नई दिल्‍ली। एक महिला घर के बाहर कराह रहे जानवर को घर लेकर आई। पहले तो उसे लगा कि वो कुत्ते का बच्‍चा है लेकिन बाद में जो उसे पता चला वो हैरान करने वाला था। वो था तो कुत्ते का ही बच्‍चा लेकिन उस प्रजाति का जो लुप्‍त होने के कागार पर है। मामला ऑस्‍ट्रेलिया के ब्राइट का है। अंग्रेजी वेबसाइट मेट्रो डॉट कॉम की खबर के मुताबिक करीब दो महीने पहले महिला को घर के बाहर जानवर के कराहने की आवाज सुनाई दी। उसने जाकर देखा तो कुत्ते का बच्‍चा रो रहा था। वो उस छोटे से बच्‍चे को उठाकर घर ले आई और सहारा दिया। उस वक्‍त महिला को जानकारी नहीं थी लेकिन जैसे-जैसे वो बड़ा हुआ तो महिला को थोड़ा अजीब लगा। उसने सोशल मीडिया पर फोटो डालकर पूछा तो पता चला वो डिंगो है।

लुप्‍त होने की कागार पर पहुंच रहा है डिंगो प्रजाति

लुप्‍त होने की कागार पर पहुंच रहा है डिंगो प्रजाति

महिला ने अपनी जानकारी दुरुस्त करने के लिए फेसबुक पर डिंगो की एक तस्वीर डाल कर पूछा,' आज सुबह मैंने किसी जानवर के बच्चे की रोने की आवाज सुनी। देखने पर मुझे यह मिला। लेकिन मुझे पता नहीं कि यह कुत्ता ही है या फिर लोमड़ी का बच्चा।

नहीं मिला जवाब तो महिला पहुंची अल्पाइन एनिमल हॉस्पिटल

नहीं मिला जवाब तो महिला पहुंची अल्पाइन एनिमल हॉस्पिटल

सोशल मीडिया पर छिड़ी लंबी बहस के बाद महिला उसे लेकर मेलबर्न के अल्पाइन एनिमल हॉस्पिटल लेकर गई। वहां पहचान पुख्ता करने के लिए अस्पताल मे उसका डीएनए सैम्पल लेकर ऑस्ट्रेलियन डिंगो फाउण्डेशन सैंचुरी भेज दिया गया। दो महीने के बाद जेनेटिक लैब से खुलासा हुआ कि यह ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में पाया जाने वाला जानवर डिंगो है। महिला ने उसका नाम वैंडी रखा है।

बाज के पंजे से बचा था डिंगो, चोट से कराह रहा था

बाज के पंजे से बचा था डिंगो, चोट से कराह रहा था

डॉक्‍टर्स के मुताबिक डिंगो के शरीर पर बाज की पंजे के निशान थे। वो उसे उसके घर से उठा ले गया था लेकिन किसी तरह वो बाज के पंजे से छूट कर बच गया। बाज की पंजो से छुटने के बाद भी महिला को मिलने से पहले डिंगो ने काफी लंबा सफर तय किया था। इसी सफर के दौरान उसके पैरों और पीठ पर खंरोच के निशान और बढ़ा गए। आपको बता दें कि डिंगो प्रजाति ऑस्ट्रेलिया का मूल निवासी है और इसे नेचर कंजर्वेशन एक्ट 1992 के तहत संरक्षित घोषित किया जा चुका है।

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