वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी विशालकाय तारे की 'LIVE' मौत, सुपरनोवा विस्फोट का दुर्लभ नजारा
वैज्ञानिकों ने पहली बार रियल टाइम में एक तारे में सुपनोवा विस्फोट होते हुए देखा है। वैज्ञानिकों ने इसे दुर्लभतम घटना कहा है।
वॉशिंगटन, जनवरी 07: ब्रह्मांड और हमारे सौरमंडल में होने वाली ज्यादा से ज्यादा गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश हमारे वैज्ञानिक करते हैं और पहली बार खगोलविदों ने रियल टाइम में एक रेड सुपरजायंट तारे की मौत को रिकॉर्ड करने में कामयाबी हासिल की है और ब्रह्मांड के इस दुर्लभतम घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में एक सितारे में विस्फोट, जिसे सुपरनोवा विस्फोट कहा जाता है, उसे रिकॉर्ड किया गया है और वीडियो में साफ साफ देखा जा सकता है, कि एक सितारे में किस तरह से विस्फोट हो रही है।

सितारे में विस्फोट
वैज्ञानिकों ने जिस तारे की मौत का वीडियो रिकॉर्ड किया है, वो पृथ्वी से करीब 120 मिलियन प्रकाशवर्ष की दूरी पर NGC 5731 नाम के आकाशगंगा में मौजूद है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि, फटने सेपहले ये तारा सूरज से करीब 10 गुना ज्यादा बड़ा हो गया था और फिर इस सितारे में विस्फोट हो गई।वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब किसी तारे की मौत होती है, जो उसमें से भारी मात्रा में गैस निकलना शुरूहोता है और फिर उस सितारे में जोरदार विस्फोट होती है।

मरते हुए तारे का वीडियो
तारे की मृत्यु पर निष्कर्षों के बारे में विवरण देने वाला रिसर्च गुरुवार को द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल मेंप्रकाशित किया गया है।किसी तारे की मृत्यु जैसी घटनाओं को अंतरिक्ष में सबसे नाटकीय और हिंसकघटनाओं में से एक में तौर पर लिस्ट किया जाता है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में नेशनल साइंसफाउंडेशन ग्रेजुएट रिसर्च फेलो के प्रमुख अध्ययन लेखक व्यान जैकबसन-गैलन ने कहा कि, "यहहमारी समझ में एक बड़ी सफलता है कि मरने से पहले सितारों के अंदर क्या होता है और सितारों मेंविस्फोट कैसे होता है, उसे हमने रिकॉर्ड किया है''।लेखक ने कहा कि, "एक लाल सुपरजायंट स्टार मेंप्री-सुपरनोवा गतिविधि का प्रत्यक्ष पता लगाना, सामान्य प्रकार II सुपरनोवा में पहले कभी नहीं देखागया है। पहली बार हमने एक लाल सुपरजायंट स्टार में विस्फोट देखा है।"

दो हवाई दूरबीन का इस्तेमाल
यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई, इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी ने साथ मिलकर दो हवाई दूरबीन के जरिए हवाईद्वीप पर स्थिति डब्ल्यूएम केक वेधशाला में इस दुर्लभतम घटना को रिकॉर्ड की है। पिछले साढ़े चारमहीनों से वैज्ञानिक लगातार इस तारे में होने वाले विस्फोट को लेकर रिसर्च कर रहे थे और लगातारयंग सुपरनोवा एक्सपेरिमेंट किया जा रहा था और फिर रेड सुपरजाइंट का अवलोकन किया गया हैऔर सितारे में होने वाले इस विस्फोट को रिकॉर्ड किया गया है।

वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता
यूसी बर्कले में एनएसएफ ग्रेजुएट रिसर्च फेलो और अध्ययन के प्रमुख लेखक व्यान जैकबसन-गैलनकहते हैं कि, "यह हमारी समझ में एक सफलता है कि बड़े पैमाने पर सितारे मरने से पहले क्या करतेहैं, वो हम जान पाए हैं"। उन्होंहने कहा कि. "एक लाल सुपरजायंट स्टार में प्री-सुपरनोवा गतिविधि काप्रत्यक्ष पता लगाना किसी साधारण टाइप II सुपरनोवा में पहले कभी नहीं देखा गया है। पहली बार,हमने एक लाल सुपरजायंट स्टार को विस्फोट करते देखा है!"

पिछले साल चला था पता
Pan-STARRS ने पहली बार 2020 की गर्मियों में लाल सुपरजायंट से निकलने वाले प्रकाश कीभारी मात्रा के माध्यम से विनाशकारी विशाल तारे का पता लगाया। और 2020 और 2021 के खत्महोने के बाद सुपरनवोवा में विस्फोट देखा गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हाइड्रोजन, हीलियम औरइसके मूल में अन्य तत्वों के नष्ट होने के बाद इस विशालताय तारे में विस्फोट हुआ है। वैज्ञानिकों नेकहा है कि, अभ तारे मेंजो कुछ बचा है वह तारे का लोहा है, लेकिन लोहा फ्यूज नहीं हो सकताइसलिए तारे की ऊर्जा खत्म हो जाएगी। जब ऐसा होता है, तो लोहा ढह जाता है और सुपरनोवा काकारण बनता है।
तारकीय मृत्यु के अंतिम क्षण
सुपरनोवा विस्फोट से पहले करीब 130 दिन पहले खगोलविदों को सबसे पहले तारे में होने वालीअसामान्य गतिविधि के बारे में पता चला था और फिर 2020 की गर्मियों में माउ के हलीकाला परयूनिवर्सिटी ऑफ हवाई इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी पैन-स्टार्स टेलीस्कोप द्वारा उज्ज्वल विकिरण कापता लगाया गया था।फिर, शोधकर्ताओं ने उसी स्थान पर एक सुपरनोवा देखा।उन्होंने इसे W.M काउपयोग करके देखा है। मौनाकेआ, हवाई पर केक ऑब्जर्वेटरी का लो रेजोल्यूशन इमेजिंगस्पेक्ट्रोमीटर, और सुपरनोवा 2020tlf नाम दिया गया। वैज्ञानिकों ने कहा कि, विस्फोट से पहलेतारे के चारों तरफ चमकीली गैस फैल गई थी।












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