Craters on Mars: मंगल पर 'धरती के दुश्मनों' का हमला! ग्रह पर आया भूचाल, 500 फीट की दूरी में दिखे गढ्ढे

दो अंतरिक्ष यानों मंगल टोही ऑर्बिटर (Mars Reconnaissance Orbiter) और इनसाइट लैंडर (InSight lander)से आई तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिक लाल ग्रह से जुड़ी अहम जानकारी हासिल करने में कामयाब हुए हैं।

Craters on Mars: मंगल ग्रह पर हस्य बने गड्ढों स्पेस साइंटिस्ट्स ने पता लगा लिया है। ग्रह पर भेजे गए दो अंतरिक्ष यानों मंगल टोही ऑर्बिटर (Mars Reconnaissance Orbiter) और इनसाइट लैंडर (InSight lander) से आई तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिक लाल ग्रह से जुड़ी अहम जानकारी हासिल करने में कामयाब हुए हैं। मंगल पर क्रेटर्स से जुड़े रहस्य का पता लगने के साथ कई अहम जानकारी स्पेस एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने उपलब्ध कराई है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार मंगल पर 500 फीट के दूरी में गढ्ढे हैं, जिनसे यहां कई अहम खगोलीय घटनाओं के संकेत मिले हैं। आइए जानते हैं लाल ग्रह पर गढ्ढों का रहस्य क्या है और इससे मंगल पर भूकंप जैसे झटके क्यों आए?

मंगल पर 70 फीट गहरे गढ्ढे

मंगल पर 70 फीट गहरे गढ्ढे

मंगल पर Amazonis Planitia नामक क्षेत्र में लगभग 70 फीट गहरे गढ्ढे मिले हैं। स्पेस साइंटिस्ट इन क्रेटर का कारण भूकंपीय सिग्नल से भी जोड़ रहे हैं। मंगल ग्रह पर मौजूद इनसाइट लैंडर ने 4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया। विश्लेषण से पता चला है कि भूकंप के झटकों का कारण ग्रह से उल्कापिंड का टकराना था। इस घटना का रहस्य को उजागर करने के लिए ग्रह पर भेजे गए मंगल टोही ऑर्बिटर और इनसाइट लैंडर ने ग्रह की सतह पर दिख रहे गड्ढे की कई तस्वीरें भेजी थी। जिसके अध्ययन से ये पता चला कि ये गढ्ढे ग्रह से उल्कापिंड के टकराने से बने थे। उल्कपिंडों के टकराने के बाद ग्रह पर भूकंप जैसे झटके भी आए थे।

24 दिसंबर, 2021 में घटना की तस्वीरें

24 दिसंबर, 2021 में घटना की तस्वीरें

मंगल ग्रह पर एस्टेरॉयड की हमले के पहले और बाद की स्थिति की तस्वीरें मार्स रिकॉइनेंस ऑर्बिटर ने ली। ये घटना मंगल के अमेजनिस प्लैटिनिया (Amazonis Planitia) क्षेत्र में हुई थी। ऑर्बिटर ने ये तस्वीरें ब्लैक-एंड-व्हाइट कॉन्टेक्स्ट कैमरा का उपयोग करके ली थी। इसके बाद इनसाइट लैडर की तस्वीरों से साइंटिस्ट्स ने मंगल पर एक और ऐसी घटना का पता लगया, जो 5 सितंबर, 2021 को हुई थी।

मंगल से Asteroids की टक्कर क्रेटर्स की वजह

मंगल से Asteroids की टक्कर क्रेटर्स की वजह

उल्का काफी छोटा था और यह पृथ्वी के वायुमंडल में जल गया होगा, लेकिन मंगल के पतले वातावरण में नहीं, जो कि हमारे ग्रह जितना घना है। दुर्घटना Amazonis Planitia नामक क्षेत्र में हुई और गड्ढा लगभग 70 फीट गहरा है जिसमें छवियों से पता चलता है कि दुर्घटना से सामग्री निकाली जा रही है। स्पेस साइंटिस्ट इन क्रेटर का कारण भूकंपीय सिग्नल से भी जोड़ रहे हैं। मंगल ग्रह पर मौजूद इनसाइट लैंडर ने 4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया। विश्लेषण से पता चला है कि भूकंप के झटकों के कारण उल्कापिंड का टकराना था।

490 फीट से अधिक दूर तक गढ्ढे

490 फीट से अधिक दूर तक गढ्ढे

मंगल के अमेजनिस प्लैटिनिया (Amazonis Planitia) क्षेत्र मिले ग्रेटर काफी गहरे हैं। नासा के मुताबिक ये क्रेटर 70 फीट तक गहरे हैं। इसके लेकर एक अध्ययन में साइंटिस्ट्स ने कहा कि मंगल पर पिछले साल उच्च तीव्रता का भूकंप आय। जिसकी तरंगे हजारों किलोमीटर फैल गईं। इस दौरान लगभग 500 फीट की दूरी तर तक गढ्ढे हुए। ये घटना मंगल से एस्टेरॉयड के टकराने से हुई थी। जो एस्टेरॉयड मंगल से टकराए वो 16 से 39 फीट व्यास के थे। इससे पहले भी इनसाइट लैंडर ने तीन क्रेटर्स की तस्वीरें भेजी थीं। इनसाइट ने चट्टानों की जो तस्वीरें भेजी थीं उनमें एक साल 2020 की और शेष तीन 2021 में बने क्रेटर थीं। इसको लेकर वैज्ञानिकों ने कहा था कि ये क्रेटर इनसाइट के स्थान से 85 मील और 180 मील के बीच बने थे। साइंटिस्ट्स के अनुसार यहां उल्कापिंडों के कम से कम तीन टुकड़े गिरे थे।

'मार्टियन मेट्रोलॉइट इफेक्ट' में सामने आए तथ्य

'मार्टियन मेट्रोलॉइट इफेक्ट' में सामने आए तथ्य

इनसाइट द्वारा भेजी की गई तस्वीरों का अध्ययन करने वाले ब्राउन विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट इंग्रिड डाबर के अनुसार, "24 दिसंबर, 2021 को मंगल के अमेजोनिस प्लैनिटिया क्षेत्र में उल्कापिंड के हमले से क्रेटर्स बन गए। ये गड्ढे लगभग 490 फीट से अधिक लंबे हैं। मंगल पर इस तरह की खोज अब तक कभी नहीं हुई। ये बेहद रोमांचक है।" पिछले महीने नासा ने मंगल पर क्रेटर्स को लेकर एक अध्ययन प्रकाशित किया था। जिसमें लैंडर और ऑर्बिटर के डेटा का उपयोग किया गया। इस स्टडी में इनसाइट के छोटे क्रेटर्स को मार्टियन उल्कापिंड इफेक्ट की श्रंखला (Martian meteorite impact series) के तहत रखा गया है।

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