पृथ्वी की तरफ अंतरिक्ष से आ रहा है बड़ा खतरा! गीजा के पिरामिड जितना बड़ा एस्टेरॉयड
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। अंतरिक्ष में तैरते लाखों एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) और उल्कापिंड कब धरती से टकरा जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक अंतरिक्ष से आने वाले खतरों पर लगातार नजरें बनाए हुए हैं। इस बीच आज (14 अक्टूबर) रात एक विशालकाय एस्टेरॉयड हमारी पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है।

गिजा के पिरामिड जितना बड़ा एस्टेरॉयड
'2021 SM3' के नाम से पहचाने जाने वाला ये एस्टेरॉयड साइज में गीजा के पिरामिड जितना बड़ा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एस्टेरॉयड 56 हजार किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। बता दें कि जल्द ही नासा बृहस्पति के आसपास के क्षुद्रग्रह समूहों की जांच के लिए 'डार्ट' मिशन शुरू करने की योजना बना रहा है।

पृथ्वी के करीब से गुजरेगा
नासा के मिशन से 48 घंटे पहले '2021 SM3'एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरेगा। नासा के सेंटर फॉर नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज के सबसे हालिया आंकड़ों के अनुसार यह विशालकाय एस्टेरॉयड पृथ्वी से करीब 12.81 लुंडर डिस्टेंस (पृथ्वी और चंद्रमा के बीच औसत दूरी) से गुजरेगा। इसका व्यास व्यास 72 से 160 मीटर तक है। एस्टेरॉयड का साइज मिस्र में गीजा के पिरामिडों से भी बड़ा हो सकता है।

4.6 अरब साल पुराना है ये एस्टेरॉयड
यह एस्टेरॉयड 56,916 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से गुरुवार-शुक्रवार की रात पृथ्वी के करीब से निकल जाएगा। नासा ने इसे एक पृथ्वी के करीबी एस्टेरॉयड की सूची में डाला है। हालांकि इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। वैज्ञानिकों के मुताबिक अंतरिक्ष में तैर रहा ये एस्टेरॉयड लगभग 4.6 अरब साल पहले सौर मंडल के निर्माण के दौरान बचा हुआ चट्टानी टुकड़ा है।
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अभी पृथ्वी और एस्टेरॉयड में है इतनी दूरी
एस्टेरॉयड की रफ्तार नापने वाले नासा संयुक्त प्रणोदन प्रयोगशाला (जेपीएल) के अनुसार क्षुद्रग्रह को पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले अंतरिक्ष वस्तुओं में से एक है। हमारे ग्रह से इसकी दूरी पृथ्वी से सूर्य की दूरी के 1.3 गुना से भी कम है। पिछले कुछ महीनों में अंतरिक्ष में तैर रहे एस्टेरॉयड ने वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अब शोधकर्ता न सिर्फ इन पर रिसर्च करने की योजना बना रहे हैं बल्कि इन्हें पकड़कर पृथ्वी पर भी लाने का विचार है।

नासा करेगा पृथ्वी की रक्षा!
इस बीच नासा एक अंतरिक्ष यान की एस्टेरॉयड से टक्टर की योजना बना रहा है ताकि उसकी रफ्तार को धीमा किया जा सके। DART मिशन एक एस्टेरॉयड को टारगेट करेगा, इससे इंजीनियरों और खगोलविदों का उद्देश्य है कि भविष्य में अंतरिक्ष से आने वाले खतरों से पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सके। नासा का कहना है कि आने वाले वक्त में कई ऐस्टरॉइड हजारों किलोमीटर की रफ्तार से धरती की तरफ बढ़ेंगे और उन्हीं में से एक ऐस्टरॉइड धरती की तरफ बढ़ रहा है और उस ऐस्टरॉइड से नासा अपने स्पेसक्राफ्ट की टक्कर करवाएगा।
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