मोदी और ट्रंप इस तारीख को कर सकते हैं सीक्रेट मीटिंग, भारत पर लगे टैरिफ पर क्या होगा बड़ा फैसला?
Modi Trump meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित मुलाकात को लेकर भारत से लेकर अमेरिका तक राजनीतिक हलचल तेज है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेता पांच दिनों बाद मलेशिया में शुरू होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन (ASEAN Summit) में शिरकत कर सकते हैं।
यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच अमेरिकी टैरिफ को लेकर तनाव बरकरार है। हालांकि मलेशियाई नेतृत्व ने आसियान समिट में ट्रंप के शामिल होने की पुष्टि की है, लेकिन व्हाइट हाउस और भारत सरकार दोनों ने ही अभी तक पीएम मोदी या राष्ट्रपति ट्रंप के शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद, वैश्विक मंच पर इन दोनों प्रमुख नेताओं की संभावित उपस्थिति ने कयासों के बाजार को गर्म कर दिया है।

ट्रंप-मोदी की मुलाकात क्यों बनी 'एकमात्र संभावना'?
मलेशिया में होने वाली इस संभावित मुलाकात को लेकर इतनी चर्चा होने के पीछे ठोस कारण हैं
- G20 समिट में अनिश्चितता: नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप के शामिल होने की संभावनाएँ बेहद कम हैं।
- क्वाड मीटिंग की तारीख़ तय नहीं: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह क्वाड देशों के बीच अगली शिखर सम्मेलन की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है।
- टैरिफ पर तनाव: दोनों नेताओं के बीच मुलाकात, भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ के तनावपूर्ण माहौल में द्विपक्षीय व्यापार मुद्दों को सीधे संबोधित करने का एक अहम मौका हो सकती है।
इन सभी कारणों के चलते, मलेशिया में होने वाला आसियान शिखर सम्मेलन ही इन दोनों विश्व नेताओं के बीच तनावपूर्ण माहौल में उच्च-स्तरीय बातचीत का एकमात्र उपलब्ध मंच बन गया है। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच पर्दे के पीछे इस मुलाकात को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही होगी।
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भारत और अमेरिका में तनाव का माहौल
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मोर्चे पर टैरिफ को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ और भारत के जवाबी कदमों ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में खटास घोल दी है। इस तनावपूर्ण माहौल के कारण ही मलेशिया में आयोजित होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन (ASEAN Summit) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की संभावित मुलाकात पर विश्व की निगाहें टिकी हुई हैं। यह मुलाकात व्यापार और टैरिफ जैसे जटिल मुद्दों को सीधे उच्च-स्तरीय बातचीत के माध्यम से हल करने का एकमात्र अवसर हो सकती है, क्योंकि G20 और क्वाड जैसे अन्य मंचों पर निकट भविष्य में दोनों नेताओं की उपस्थिति अनिश्चित है।
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